Income Tax : आयकर विभाग की नजर अब और होगी पैनी, इन चीजों पर भी रहेगा ध्यान
Income Tax :आयकर का सीधा सा मतलब है, इनकम पर टैक्स। यानी किसी की आमदनी पर लगने वाला टैक्स। देश में एक तय सीमा से ऊपर की कमाई पर सरकार की ओर से टैक्स वसूला जाता है। टैक्स को लेकर अलग-अलग स्लैब भी बनी हुई है। इन्हीं के अनुसार आयकर विभाग लोगों की आमदनी पर नजर रखता है और टैक्स छुपाने वालो पर तगड़ी कार्रवाई करता है।
HR Breaking News (Income Tax) आयकर विभाग लगातार अपडेट होता जा रहा है। वर्षों से टैक्स लेते आ रहे विभाग की अब डिजिटल युग में और भी ज्यादा तरक्की हो रही है। इनकम टैक्स को लेकर कई नियम बने हुए हैं। वहीं, आयकर विभाग की नजर अब पहले से भी पैनी होने जा रही है। यानी की आयकर विभाग की नजर अब अन्य और भी चीजों पर रहने वाली है।
तलाशी तक ले सकता है आयकर विभाग
देश में आयकर को लेकर कई नियम बने हुए हैं। भारत में इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 132 के अनुसार इनकम टैक्स अधिकारी (Income tax ) को किसी भी संदिग्ध की तलाशी और यहां तक की उसकी जब्ती करने तक की परमीशन मिली हुई है।
नियम होंगे अब और भी सख्त
भारत में टैक्स (Income Tax Stolen) चोरी करने वालों पर सरकार व आयकर विभाग टैक्स चोरी करने वालों के लिए पूरी तरह से सख्त हो गया है। देश में किसी के लिए भी टैक्स की चोरी करना आसान नहीं होगा। अब सोशल मीडिया (social media Income tax connection) के जरिये इनकम टैक्स विभाग टैक्स चोरी करने वालों पर अपनी नजर बनाए हुए है। ऐसे में टैक्स न देने वाले नागरिकों की समस्याएं बढ़ सकती हैं।
मिलने जा रही है ज्यादा पावर
भारत में इनकम को टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और ऐसे लोगों को पहचानने के लिए इनकम टैक्स विभाग (Income Tax) की ओर से कानून के माध्यम से और अधिक पावर मिलने जा रही है। नए नियमों के अधिकार मिलने के बाद उनके पास पहले से ज्याद अधिकार होंगे और अधिक पॉवर मिल जाएगी और वे और अधिक एक्शन ले सकते हैं।
1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
नए वित्त वर्ष (new financial Year) यानि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स (Income Tax) विभाग को नए कानूनी अधिकार मिल जाएंगे। नए कानून के अनुसार आयकर अधिकारी किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के ई-मेल, बैंक खाते, सोशल मीडिया एकाउंट से लेकर ऑनलाइन निवेश तक की जानकारी पर सीधी पहुंच रख सकते हैं।
अब ट्रैकिंग होगी आसान
देश के इनकम टैक्स (Income Tax) एक्ट 1961 की धारा 132 के तहत आयकर अधिकारी को किसी भी संदिग्ध की तलाशी से लेकर जब्ती तक के अधिकार दिए हुए हैं। सरकार का यह फैसला डिजिटल स्रोस के माध्यम से टैक्स की चोरी करने वालों पर कारगार साबित होगा। यह नया नियम लागू होने के बाद अघोषित आय, सोने, चांदी से लेकर सभी कीमती डिजिटल चीजों और गुप्त संपत्ति को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।
सरकार के कानून से विभाग को होगा फायदा
नए कानूनी अधिकार में जो सहुलियत दिए गए हैं, उससे अधिकारियों को काम करने में भी काफी आसानी होगी और अधिकारी ज्यादा अच्छे से टैक्स चोरी (Income Tax) के मामलों में कार्रवाई कर पाएंगे। इसके अनुसार यह प्रावधान दिया गया है कि जांच के दौरान अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति जांच के दौरान सहयोग नहीं करता है तो अधिकारी उनकी फाइलें और उनका डाटा अनलॉक कर सकेंगे। इसके लिए उनके पास पासवर्ड बायपास करने और सिक्योरिटी सेटिंग्स ओवरराइड करने के भी अधिकार होंगे।
क्या हैं अब नियम
हाल में देश में इनकम टैक्स (Income Tax Department) अधिकारी कहीं छापा डालते हैं तो वह लैपटॉप, कंप्यूटर या अन्य कोई हार्ड ड्राइव जब्त शर्तों के साथ ही कर सकते हैं। उनके डिजिटल डाटा तक आयकर अधिकारी की सीधी पहुंच नहीं बन पाती है। अब नए कानून से यह बाधा दूर हो जाएगी।
जबकि, नए आयकर बिल के सेक्शन 247 के अनुसार इस अधिकार से अधिकारी केवल टैक्स (Income Tax) चोरी के केस में ही डिजिटल डाटा की जांज कर सकेंगे। इस संदर्भ में जरूरी बात यह है कि यह नियम सिर्फ उन केस में ही लागू होगा जहां अघोषित संपत्ति और संदिग्ध वयक्ति की आय की सटीक जानकारी अधिकारी को उपलब्ध नहीं होगी।
