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Income Tax : कॉरपोरेट वाले नहीं ये लोग दे रहे हैं सबसे ज्यादा टैक्स, सरकार ने किया ऐलान

Income Tax : कॉरपोरेट इनकम टैक्स के आंकडों को देखें और पर्सनल इनकम टैक्स के आंकडों से कंपेयर करें तो चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। कॉरपोरेट इनकम टैक्स यानी सीआई का ग्रोथ रेट 9.16 फीसदी देखने को मिला है। जबकि पर्सनल इन टैक्स यानी पीआईटी का ग्रोथ रेट 25.67 फीसदी है....
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Income Tax : कॉरपोरेट वाले नहीं ये लोग दे रहे हैं सबसे ज्यादा टैक्स, सरकार ने किया ऐलान

HR Breaking News, Digital Desk- क्या आपको पता है देश का कौन सा तबका सबसे ज्यादा टैक्स देता है? शायद आपका जवाब कॉरपोरेट हाे सकता है. लेकिन ये जवाब पूरी तरह से गलत है. सरकारी आंकडें कुछ और ही बयां कर रहे हैं. बीते वित्त वर्ष के मुकाबले इस साल कॉरपोरेट इनकम टैक्स कलेक्शन का ग्रोथ रेट पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन के ग्रोथ रेट से काफी कम है.

ताज्जुब की बात तो ये है कि देश का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.50 लाख करोड़ रुपए पार कर चुका है, जो कि रिवाइज एस्टीमेट का 80 फीसदी से ज्यादा है. वहीं कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन और पर्सनल टैक्स कलेक्शन की बात करें तो दोनों की ग्रोथ रेट में काफी अंतर देखने को मिल रहा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जो आंकड़ें जारी किए हैं, वो किस तरह के हैं.

कितना हुआ ग्रॉस कलेक्शन-

चालू वित्त वर्ष में अब तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर 15.60 लाख करोड़ रुपए हो गया है. यह कलेक्शन 2023-24 के संशोधित अनुमानों का 80 फीसदी है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान में कहा कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के अनंतिम आंकड़ों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. ऐसे में 10 फरवरी, 2024 तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन से पता चलता है कि ग्रॉस कलेक्शन 18.38 लाख करोड़ रुपए है. यह राशि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17.30 फीसदी है.

रिफंड हटाकर कितना नेट कलेक्शन-

वित्त वर्ष 2023-24 में 10 फरवरी तक रिफंड को हटाकर प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.60 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 20.25 प्रतिशत अधिक है. यह संग्रह 2023-24 के लिए प्रत्यक्ष करों के कुल संशोधित अनुमान का 80.23 प्रतिशत है. बयान में कहा गया कि एक अप्रैल, 2023 से 10 फरवरी, 2024 के दौरान 2.77 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है.

कॉरपोरेट के मुकाबले पर्सनल ज्यादा बेहतर-

कॉरपोरेट इनकम टैक्स के आंकडों को देखें और पर्सनल इनकम टैक्स के आंकडों से कंपेयर करें तो चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. कॉरपोरेट इनकम टैक्स यानी सीआई का ग्रोथ रेट 9.16 फीसदी देखने को मिला है. जबकि पर्सनल इन टैक्स यानी पीआईटी का ग्रोथ रेट 25.67 फीसदी है. अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि देश में पर्सनल इनकम टैक्स देने वालों की तादाद ज्यादा देखने को मिल रही है. जबकि कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ रेट 10 फीसदी भी नहीं है.