नई रिसर्च में हुआ खुलासा, मेट्रो के पास घर है तो EMI चुकाना होता है आसान, यह है कारण
EMI - अब तक मेट्रो रेल को तेज़, सस्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर सफर का जरिया माना जाता था, लेकिन अब इसके एक और बड़े फायदे की बात सामने आई है। दरअसल आपको बता दें कि नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि मेट्रो स्टेशन के पास घर होने से होम लोन EMI चुकाना आसान हो जाता है... ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है इसका कारण-
HR Breaking News, Digital Desk- (Metro) अब तक मेट्रो रेल को तेज़, सस्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर सफर का जरिया माना जाता था, लेकिन अब इसके एक और बड़े फायदे की बात सामने आई है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की नई रिसर्च बताती है कि अगर आपका घर मेट्रो स्टेशन (metro station) के पास है, तो इसका सीधा असर आपके होम लोन की EMI पर भी पड़ता है। यानी मेट्रो कनेक्टिविटी आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करती है।
अब तक मेट्रो को तेज़, सस्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर सफर माना जाता था, लेकिन इसकी एक और खासियत सामने आई है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की रिसर्च के मुताबिक, अगर आपका घर मेट्रो स्टेशन के नजदीक है, तो इसका असर आपके होम लोन की EMI पर भी पड़ता है। यानी मेट्रो कनेक्टिविटी आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद करती है।
दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद में हुआ अध्ययन-
EAC-PM की इस स्टडी में दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों को शामिल किया गया। इसमें मेट्रो नेटवर्क (metro network) के विस्तार से पहले और बाद की स्थिति की तुलना की गई। खासतौर पर यह देखा गया कि मेट्रो आने के बाद लोगों की होम लोन चुकाने की आदत कैसे बदली। नतीजे बताते हैं कि मेट्रो कनेक्टिविटी से घरों की वित्तीय स्थिति बेहतर हुई है।
ट्रांसपोर्ट खर्च घटने से EMI चुकाने की क्षमता बढ़ी-
रिपोर्ट के मुताबिक, मेट्रो आने से रोज़ाना का ट्रांसपोर्ट खर्च कम (reduce transportation costs) हो जाता है। लोग जब प्राइवेट गाड़ियों की जगह मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं, तो ईंधन, सर्विस, पार्किंग (parking) और वाहन लोन जैसे खर्च घट जाते हैं। इससे घर के बजट पर दबाव कम होता है और लोग अपनी होम लोन EMI समय पर आसानी से चुका पाते हैं।
होम लोन डिफॉल्ट में आई बड़ी कमी-
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, हैदराबाद (Hyderabad) में मेट्रो के पास रहने वाले लोगों के होम लोन डिफॉल्ट में लगभग 1.7% की कमी आई। बेंगलुरु में यह गिरावट 2.4% रही, जबकि दिल्ली में सबसे अधिक, यानी करीब 4.42%, की कमी दर्ज की गई। इसका मतलब है कि मेट्रो के पास रहने वाले लोग अपने लोन भुगतान में अधिक अनुशासित और सक्षम हैं।
EMI से ज्यादा भुगतान करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी-
सिर्फ डिफॉल्ट (default) ही नहीं घटा, बल्कि मेट्रो कनेक्टिविटी वाले इलाकों में प्रीपेमेंट करने वालों की संख्या भी बढ़ी है। हैदराबाद में EMI से ज्यादा भुगतान करने वालों की संख्या 1.8% बढ़ी, जबकि बेंगलुरु में यह 3.5% तक पहुंच गई। इसका मतलब है कि ट्रांसपोर्ट खर्च (transportation expenses) बचने से लोग अपने लोन जल्दी चुका पा रहे हैं।
वाहन खरीद में कमी, ट्रांसपोर्ट खर्च में बचत-
रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि मेट्रो शुरू होने के बाद दोपहिया और कारों की नई खरीद में कमी आई है। भरोसेमंद और सस्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट (public transport) मिलने से लोग निजी वाहन खरीदने से बच रहे हैं। इससे वाहन लोन की जरूरत कम होती है और हर महीने के ईंधन व मेंटेनेंस खर्च में भी राहत मिलती है।
शहरी ढांचे में निवेश का दिखा लंबा लाभ-
इस वर्किंग पेपर (working paper) को सौम्य कांति घोष, पुलक घोष और एसबीआई की अर्थशास्त्री फाल्गुनी सिन्हा ने तैयार किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक दशक में मेट्रो जैसे शहरी निवेश का फायदा सिर्फ ट्रैफिक (traffic) या प्रदूषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे लोगों की वित्तीय आदतों और कर्ज चुकाने की क्षमता में भी सुधार हुआ है।
मेट्रो के पास घर लेना हो सकता है समझदारी भरा फैसला-
कुल मिलाकर, यह रिसर्च दिखाती है कि मेट्रो स्टेशन के पास घर होना सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि आर्थिक लाभ भी देता है। कम ट्रांसपोर्ट खर्च, कम वाहन लोन और बेहतर कैश फ्लो की वजह से लोग अपने होम लोन समय पर आसानी से चुका पा रहे हैं। भविष्य में घर खरीदते समय मेट्रो कनेक्टिविटी (metro connectivity) को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं होगा।
