New Rules Update : इन 5 कामों को जल्द से जल्द निपटा लें, नहीं तो बदल जाएंगे नियम
New Rules Update : 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए नियमों के बाद कई जरूरी वित्तीय कामों की डेडलाइन खत्म हो जाएगी। ऐसे में अगर आपने अभी तक कुछ अहम काम नहीं निपटाए हैं, तो 31 मार्च से पहले उन्हें पूरा करना जरूरी है। टैक्स, निवेश और अकाउंट से जुड़े ये 5 काम समय रहते न करने पर बाद में परेशानी और नुकसान दोनों हो सकते हैं-
HR Breaking News, Digital Desk- (New Rules Update) 1 अप्रैल 2026 से देशभर में कई अहम नियम बदलने वाले हैं, जिनका असर सीधे आपकी जेब और रोजमर्रा की ज़िंदगी (everday life) पर पड़ेगा। ऐसे में अगर 31 मार्च तक कुछ जरूरी काम अधूरे रह गए, तो बाद में परेशानी हो सकती है। इसलिए समय रहते इन कामों को निपटा लेना बेहतर है। आइए जानते हैं ऐसे 5 बड़े काम, जिन्हें 31 मार्च से पहले पूरा कर लेना चाहिए।
पीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश की अधिकतम सीमा
पीएफ खाते (PF Account) में न्यूनतम 500 रुपये और सुकन्या समृद्धि योजना में कम से कम 250 रुपये सालाना जमा करना अनिवार्य है। अगर 31 मार्च तक यह राशि जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित खाता निष्क्रिय (डीएक्टिवेट) हो सकता है।
नेशनल पेंशन सिस्टम में कंट्रीब्यूशन-
रिटायरमेंट के लिए लोकप्रिय योजनाओं में शामिल एनपीएस में टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इनकम टैक्स के सेक्शन 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये तक के अतिरिक्त योगदान पर टैक्स डिडक्शन क्लेम (Tax Deduction Claim) किया जा सकता है। ऐसे में अगर आपने मौजूदा वित्त वर्ष में अपना टियर-1 अकाउंट एक्टिव रखने के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये का निवेश अब तक नहीं किया है, तो 31 मार्च से पहले यह काम जरूर कर लें।
पेन और आधार लिंक-
पैन-आधार लिंक की डेडलाइन (PAN-Aadhaar linking deadline) भले ही पहले कई बार बढ़ाई जा चुकी हो, लेकिन अब भी कई तरह के वित्तीय लेनदेन के लिए इसका अपडेट होना जरूरी है। इसके अलावा अगर आपकी केवाईसी अभी तक पेंडिंग है या आपने पिछले साल का रिवाइज्ड आईटीआर (ITR) दाखिल नहीं किया है, तो 31 मार्च इन सभी कामों को निपटाने की आखिरी तारीख है।
टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट-
अगर आप पुरानी टैक्स रिजीम (old tax regime) में हैं, तो इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट लेने का यह आखिरी मौका है। इस छूट में LIC, ELSS, म्यूचुअल फंड्स, 5 साल की एफडी और बच्चों की ट्यूशन फीस जैसे निवेश और खर्च शामिल होते हैं।
होम लोन का रीपेमेंट-
होम लोन (Home Loan) लेने वालों के लिए 31 मार्च की तारीख बेहद अहम है। इसकी वजह यह है कि होम लोन के मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है, जबकि ब्याज पर अलग से छूट मिलती है। इसलिए तय समय से पहले जरूरी निवेश और भुगतान पूरा करना जरूरी है।
