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Silver Rate : चांदी की कीमतों में तगड़ा उछाल, 6% की बढ़ोतरी, जाने आगे क्या रहेगा हाल

Silver Rate : अगर आपने कभी सोचा था कि चांदी धीमी गति से बढ़ती है, तो आज का दिन उस धारणा को बदल देगा है। दरअसल आपको बता दें कि एक ही दिन में चांदी में इतने रुपये प्रति किलो तक उछल आई है। जिसके चलते अब आम निवेशक और उपभोक्ता दोनों के मन में यही सवाल है: क्या यह तेजी जारी रहेगी या यहीं रुककर निवेशकों को झटका देगी? ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है एक्सपर्ट की राय-
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Silver Rate : चांदी की कीमतों में तगड़ा उछाल, 6% की बढ़ोतरी, जाने आगे क्या रहेगा हाल

HR Breaking News, Digital Desk- (Silver Rate) अगर आपने कभी सोचा था कि चांदी धीमी गति से बढ़ती है, तो आज का दिन उस धारणा को बदल देता है। एक ही दिन में चांदी 13,500 रुपये प्रति किलो तक उछल गई। तेजी के पीछे अमेरिका-वेनेजुएला टकराव (US-Venezuela confrontation), सप्लाई को लेकर चिंताएं और ग्लोबल बाजार में मची अफरातफरी (Global market chaos) जिम्मेदार हैं।

अब आम निवेशक और उपभोक्ता दोनों के मन में यही सवाल है: क्या यह तेजी जारी रहेगी या यहीं रुककर निवेशकों को झटका देगी?

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव बढ़ते ही वैश्विक कमोडिटी बाजार (global commodity markets) में हलचल मच गई, जिसका सीधा असर चांदी पर पड़ा। इंटरनेशनल मार्केट में COMEX पर चांदी लगभग 6% की तेजी के साथ 75 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई।

इस तेजी का असर भारत में भी तुरंत देखने को मिला। MCX पर चांदी गैप-अप के साथ खुली और देखते ही देखते 2,49,900 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। शुक्रवार के मुकाबले एक ही दिन में लगभग 13,500 रुपये की छलांग किसी भी सामान्य निवेशक के लिए चौंकाने वाला संकेत है।

 अचानक इतनी क्यों चढ़ने लगी चांदी-
असल में इस तेजी के पीछे डर का बड़ा हाथ है। बाजार को चिंता है कि अमेरिका-वेनेजुएला टकराव (US-Venezuela confrontation) का असर चांदी की सप्लाई पर पड़ सकता है। पेरू और चाड जैसे देश वैश्विक मार्केट में चांदी (Silver in global market) के बड़े सप्लायर माने जाते हैं। अगर जियो-पॉलिटिकल तनाव (Geopolitical tensions) बढ़ा और एक्सपोर्ट में रुकावट आई, तो मांग के मुकाबले सप्लाई कम पड़ सकती है।



सप्लाई कम और डिमांड स्थिर, तो दाम में उछाल-

एक्सपर्ट की राय-
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि चांदी इस समय साफ तौर पर बुल ट्रेंड में है। बाजार पहले ही डिमांड-सप्लाई गैप को कीमतों (Demand-supply gap is linked to prices) में जोड़ चुका है। उनके मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में चांदी (silver in international market) 78 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी है कि जैसे-जैसे भाव ऊंचे होंगे, मुनाफावसूली का जोखिम बढ़ेगा, यानी कीमतों में अचानक ब्रेक लगने की संभावना बनी रहेगी।

अब आम आदमी के लिए इसका क्या अर्थ-
अगर आप चांदी के गहने, सिक्के या बर्तन खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब खर्च बढ़ सकता है। शादी-ब्याह (marriage) या निवेश के लिए फिजिकल सिल्वर (physical silver) खरीदने वालों को फिलहाल बढ़े हुए दाम चुकाने पड़ेंगे।

सरल शब्दों में कहें तो मौजूदा समय में चांदी खरीदना पहले से ज्यादा महंगा (silver price hike) हो गया है, और आगे भी सस्ती होने की गारंटी नहीं है।



निवेशक क्या करें: खरीदें, बेचें या इंतजार करें?

एक्सपर्ट की राय की मुताबिक चांदी की तेजी अब अपने शिखर के करीब पहुंच सकती है। जो रिटेल निवेशक (retail investors) इस रैली में अभी तक शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें उत्साह में आकर अभी एंट्री लेने से बचना चाहिए। ऊंचे स्तर पर बड़े खिलाड़ी मुनाफावसूली कर सकते हैं।

वहीं टेक्निकल एनालिसिस (technical analysis) की बात करें तो Ponmudi R के मुताबिक MCX पर अगर चांदी 2,40,000 रुपये के ऊपर टिकती है, तो 2,50,000 से 2,60,000 रुपये तक का रास्ता खुल सकता है। लेकिन 2,30,000 से 2,23,000 रुपये का लेवल मजबूत सपोर्ट है।

तेजी तो है, लेकिन गिरावट का खतरा भी बराबर-
कुल मिलाकर, चांदी में आई यह तेजी जियो-पॉलिटिकल तनाव (Geopolitical tensions) और सप्लाई की चिंता से प्रेरित है। ट्रेंड फिलहाल बुलिश है, लेकिन ऊंचे भाव पर जोखिम भी बढ़ गया है। आम आदमी के लिए यह महंगाई का संकेत (indication of inflation) है, जबकि निवेशकों के लिए यह समझदारी से निर्णय लेने का समय है।

जो भी फैसला लें, वह डर या लालच में नहीं बल्कि सोच-समझकर और कड़े स्टॉप-लॉस के साथ लेना चाहिए।