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किसान के 4 बेटों ने रचा इतिहास, दो बने IAS-IPS, दो डॉक्टर

यूपीएससी की परीक्षा को सबसे कठीन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। लेकिन अगर कुछ करने की ललक हो तो बुलंदियों को हासिल करने में समय नहीं लगता। आज हम आपको एक सफलता की कहानी सुनने जा रहे हैं। दरअसल, एक किसान के चार बेटों ने इतिहास रच दिया। चारों बेटों में से दो IAS-IPS की कुर्सी हासिल की  और दो ने डॉक्टर बनकर पिता का नाम रोशन किया। 
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HR Breaking News (ब्यरो)। कुछ अलग करने की ललक और संघर्ष करने की क्षमता हो तो बुलंदियों को हासिल करने में वक्त नहीं लगता है. वैसे भी बिहार के सीवान को मेधावियों की धरती के लिए जाना जाता है. इस धरती ने देश को कोई ऐसी विभूतियां को दिया है. जिनका नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है. इसी कड़ी में आईपीएस हरिकिशोर ने सीवान को गौरवान्वित करने का काम किया है. बेहतर कार्य के चलते इनको एसएसपी के पद पर प्रोन्नति मिली है।

इंजीनियर हरिकिशोर राय मूल रूप से सीवान जिला के तितरा गांव के रहने वाले उमेश कुमार राय उर्फ ललितेश्वर कुमार अकेला के तृतीय पुत्र हैं. ये एसएसपी बनने से पूर्व बिहार होमगार्ड के समादेष्टा के पद पर कार्यरत थे. इसी दौरान उन्हें एसएसपी बनाया गया है. जिससे जिलेवासियों में काफी खुशी है।

2010 में इंजीनियर हरि किशोर राय ने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर आईपीएस अधिकारी बन गए. सीतामढ़ी, आरा और छपरा के पुलिस कप्तान थे. बीएमपी-16 के समादेष्टा के साथ होमगार्ड के भी समादेष्टा रह चुके हैं. अब एसएसपी बने हैं, लेकिन जिला का आवंटन नहीं हुआ है. इनकी भी प्रारम्भिक शिक्षा बनारस के निजी स्कूलों से हुई है. वहीं आईआईटी कानपुर से बीटेक किया है. ये चार भाई हैं।

आईपीएस हरि किशोर राय अपने परिवार के इकलौते अधिकारी नहीं हैं बल्कि इनके बड़े भाई डॉ. कौशल किशोर राय भी आईएएस अधिकारी है. ये डीएम रहने के बाद स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव रहे. इसके उपरांत अब वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के निदेशक हैं।


आईपीएस हरि किशोर राय अपने परिवार के इकलौते अधिकारी नहीं हैं बल्कि इनके बड़े भाई डॉ. कौशल किशोर राय भी आईएएस अधिकारी है. ये डीएम रहने के बाद स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव रहे. इसके उपरांत अब वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के निदेशक हैं।