home page

Success Story : वकील बनने निकली थी किसान की बेटी, और बन गई IAS अफसर

IAS Success Story : UPSC एग्जान देश के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. वहीं, कुछ लोग इतने होशियार होते हैं, कि पहले या दूसरे प्रयास में ही परीक्षा पास कर अधिकारी बन जाते हैं, जबकि कुछ बार-बार परीक्षा देकर भी असफल रहते हैं. इसी के चलते आज हम आपको एक ऐसी महिला आईएएस की सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं. इस IAS का नाम तपस्या परिहार है, जिनके पिता एक किसान हैं. वहीं, आईएएस तपस्या परिहार बहुत ज्यादा सुर्खियों में रही थी, जब उन्होंने अपनी शादी में अपने पिता से कन्यादान कराने से मना कर दिया था. जानिए आईएएस तपस्या परिहार की कहानी. 

 | 
Success Story : वकील बनने निकली थी किसान की बेटी, और बन गई IAS अफसर 

HR Breaking News, Digital Desk - civil services exam  जिसे औपचारिक रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा के रूप में जाना जाता है, को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है. जहां कुछ उम्मीदवार पहले ही प्रयास में सफल हो जाते हैं, वहीं कुछ कई प्रयासों के बाद सफलता का स्वाद चखते हैं. आज हम मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर की तपस्या परिहार की बात करने जा रहे हैं, जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी परीक्षा पास की और परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 23 हासिल की और आईएएस अधिकारी (IAS Success Story) बनीं.

तपस्या परिहार (IAS tapasya parihaar) मूल रूप से मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने पुणे के इंडियन लॉ सोसायटी के लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कानून की पढ़ाई करने के बाद तपस्या परिहार ने यूपीएससी की परीक्षा देने का फैसला किया. यूपीएससी के लिए तपस्या ने कोचिंग ज्वाइन की, लेकिन पहले प्रयास में ही प्री-परीक्षा में असफल हो गई. 

पहले प्रयास में असफलता का सामना (face failure) करने के बाद, तपस्या परिहार ने दूसरे प्रयास के लिए कड़ी मेहनत करने का फैसला किया और सेल्फ स्टडी पर फोकस करना शुरू कर दिया. जब तपस्या ने दूसरे प्रयास के लिए पढ़ाई करना शुरू किया, तो उनका टारगेट ज्यादा से ज्यादा नोट्स बनाना और आंसर पेपर्स को हल करना था. तपस्या परिहार ने अपनी पढ़ाई की रणनीति बदली और कड़ी मेहनत की. आखिरकार तपस्या की मेहनत रंग लाई और उन्हें यूपीएससी परीक्षा में 23वीं रैंक मिली.


तपस्या परिहार के पिता विश्वास परिहार मूल रूप से एक किसान हैं. तपस्या के चाचा विनायक परिहार एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, और उन्हें उनसे बहुत समर्थन मिला. तपस्या की दादी देवकुंवर परिहार नरसिंहपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं. जब उसने परिवार को यूपीएससी की तैयारी करने की इच्छा व्यक्त की, तो उनके परिवार ने बिना किसी हिचकिचाहट के उसका समर्थन किया. तपस्या परिहार ने आईएफएस ऑफिसर गरवित गंगवार से शादी की है.