Success Story : मजदूरी से की शुरुआत, फिर ढूंढा सफलता का मंत्र, जानें किसान की सफलता की कहानी
Success Story : कई बार सीमित संसाधन और कम पढ़ाई भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन पाते। मेहनत, लगन और सही सोच से कोई भी इंसान अपनी किस्मत बदल सकता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी एक किसान की है, जिसने मजदूरी से शुरुआत की और अब हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रहा है...आइए नीचे खबर में जानते है इनकी कहानी-
HR Breaking News, Digital Desk- (Success Story) भारत एक कृषि प्रधान देश है और आज भी देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र (agricultural sector) का अहम योगदान है। इसके बावजूद खेती को पूरी तरह आर्थिक रूप से स्थिर नहीं माना जाता। यही वजह है कि कई किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर नकदी फसलों और नए कृषि व्यवसायों की ओर रुख कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के दारफल (बीबी) गांव के समाधान साठे ने भी मजदूरी छोड़कर खेती से जुड़ा ऐसा ही कदम उठाया। कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद उन्होंने अपने अनुभव के दम पर नर्सरी का कारोबार शुरू किया और आज इससे लाखों रुपये कमा रहे हैं।
दरअसल, प्रकृति के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोगों का रुझान भी पेड़-पौधे लगाने की ओर तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से बाजार में प्लांट नर्सरी का बिजनेस (plant nursery business) भी तेजी से बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में पढ़े-लिखे लोग भी करियर बना रहे हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं। आजकल घरों और आसपास हरियाली बनाए रखने के लिए पेड़-पौधों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
मजदूरी छोड़कर शुरू किया नर्सरी का बिजनेस-
एक रिपोर्ट के मुताबिक, समाधान साठे पहले खेतों में काम करने वाले एक साधारण मजदूर थे। वह महाराष्ट्र के सोलापुर जिले (Solapur district of Maharashtra) के दरफाल (बीबी) गांव के रहने वाले हैं। मजदूरी छोड़ने के बाद उन्होंने कुछ समय तक नर्सरी के कारोबार में काम किया और फिर खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला लिया।
साल 2007 में साठे ने अपने गांव में एक गुंठा जमीन पर नर्सरी का काम शुरू किया। शुरुआत में वह तरबूज के तैयार पौधे बाहर से खरीदकर बेचते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही पौधे तैयार करना शुरू कर दिया। इससे उनकी कमाई बढ़ने लगी। कभी एक गुंठा जमीन से शुरू हुआ यह काम अब 10 गुंठा जमीन तक फैल चुका है।
सालाना 7 से 8 लाख रुपये की कमाई-
साठे की नर्सरी में टमाटर, गेंदा, शिमला मिर्च समेत कई तरह की सब्जियों और फूलों के पौधे तैयार किए जाते हैं। तुलजापुर, धाराशिव, लातूर, अक्कलकोट, कर्नाटक और संगोला जैसे इलाकों से किसान उनकी नर्सरी से पौधे खरीदने के लिए आते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सभी खर्च निकालने के बाद साठे को हर साल करीब 7 से 8 लाख रुपये की कमाई हो जाती है। साठे की कहानी यह दिखाती है कि मजबूत इरादे, लगन और मेहनत के दम पर कम पढ़ाई के बावजूद भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
पेड़-पौधों की जानकारी-
अगर आप पौधों की नर्सरी (plant nursery) का कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो इसके बारे में पूरी और सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। पौधों को उगाने और उनकी देखभाल से जुड़ी बारीकियों को समझना भी जरूरी होता है। साथ ही अलग-अलग प्रकार के पौधों-जैसे औषधीय, सजावटी और वास्तु के अनुसार लगाए जाने वाले पौधों-की जानकारी होना चाहिए, क्योंकि ग्राहक अक्सर इनसे जुड़ी सलाह भी लेते हैं।
जरूरी चीजें-
नर्सरी का व्यवसाय शुरू (nursery business started) करने के लिए सबसे जरूरी चीज उपजाऊ मिट्टी होती है। मिट्टी को सही तरीके से तैयार करना और समय-समय पर जरूरत के अनुसार सिंचाई करना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही पौधों की अच्छी वृद्धि और उन्हें बीमारियों से बचाने के लिए रासायनिक और जैविक खाद का इस्तेमाल भी जरूरी होता है।
