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Success Story : गली गली घूमकर 20 रुपये कमाने वाली इस महिला ने खड़ा कर दिया करोड़ों का बिजनेस, ऐसे मिली कामयाबी

Success Story : कामयाबी ऐसे ही घर बैठे नही मिल सकती इसके लिए कठिन यतन करने पड़ते है। ऐसी ही एक कहानी के बारे में आज हम आपको बताने वाले है। इस महिला का सफर आसान नही रहा है। जिस उम्र में बच्चे खेल-कूद करते है उस उम्र में इस महिला ने अपने संघर्ष का सफर शुरू कर दिया था। इन्होने गली गली घूमकर अपना काम शुरू किया था। आइए जान लेते है इस महिला की कहानी के बारे में विस्तार से...

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Success Story : गली गली घूमकर 20 रुपये कमाने वाली इस महिला ने खड़ा कर दिया करोड़ों का बिजनेस, ऐसे मिली कामयाबी

HR Breaking News (ब्यूरो)। किसी भी काम में सफलता हासिल करना कोई एक या फिर दो दिन का खेल नही हैकई बार मेहनत कर सफलता हासिल करने में सालों लग जाते है। आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताएंगे जिन्होने बिलकुल 0 सेे शुरू कर 50 करोड़ रुपये का कारोबार कर खड़ा कर दिया।रुबंस एक्‍सेसरीज (Rubans Accessories founder) की फाउंडर चीनू काला (Chinu Kala) आज सालभर में करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं.

लेकिन, एक वक्‍त ऐसा भी था जब वो दिन भर गलियों में घूम-घूमकर केवल 20 रुपये ही कमा पाती थी. घर की खराब माहौल से तंग आकर 15 साल की उम्र में घर छोड़ने वाली चीनू का सपना भारतीय ज्‍वैलरी मार्केट में 25 फीसदी हिस्‍सेदारी पाने का है. अपने इस सपने को सच करने के लिए वे आज भी 15 घंटे रोज काम करती हैं.


चीनू काला को शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 में शार्क्‍स से डेढ़ करोड़ रुपये फंडिंग हासिल भी हुई थी. तब शार्क्‍स नमिता थापर ने चीनू की प्रशंसा करते हुए कहा था, “हमने उस्‍तादों से हुनर सीखें हैं, आपने ये परिस्थितियों से सीखें हैं.”

महज 15 साल में 300 रु और दो जोड़ी कपड़े में छोड़ा घर 


चीनू काला के घर का माहौल बहुत खराब था. अपने घर के माहौल से वो बहुत तंग रहती थी. जब वो 15 साल की हुई तो उनके लिए घर में रहना नामुमकिन हो गया. एक दिन उन्‍होंने घर छोड़ दिया. उनकी जेब में केवल 300 रुपये थे और बैग में दो जोड़ी कपड़े. रहने का कोई ठिकाना नहीं था तो कुछ रातें रेलवे स्‍टेशन पर गुजारीं. फिर वे एक धर्मशाला में ठहरी.


घर-घर जाकर बेचा सामान


इस महिला ने धर्मशाला में रह कर गुजारा किया और डोर टू डोर चाकू-छुरी बेचने का काम (door to door knife selling) मिला. वे रोज केवल 20 कमा पाती थीं. यह काम बहुत मुश्किल था. 100 दरवाजे खटखटाने पर 2 या 3 जगह ही उनका सामान बिकता. इसके बाद चीनू ने शाम 6 बजे से 11 बजे तक एक रेस्त्रां में वेट्रेस के तौर पर काम किया. उन्होंने किसी भी जॉब को छोटा नहीं समझा और लगातार आगे बढ़ती रहीं.

इस तरह बदल गई  जिंदगी


साल 2004 में चीनू (chinu marriage) की शादी अमित काला से हुई. दो साल बाद उन्होंने मिसेज इंडिया पेजेंट में हिस्सा लिया. वो मिसेज इंडिया के आखिरी राउंड तक पहुंचीं. उसके बाद उनके लिए जिंदगी आसान हो गई. वो मॉडल बन चुकी थीं तो फैशन इंडस्ट्री में अच्छी जान पहचान हो गई. लेकिन, उन्‍होंने मॉडलिंग को अपना कॅरियर कभी नहीं माना. उन्‍होंने फैशन ज्वेलरी के मामले में वो कुछ करने की सोची.

साल 2014 में शुरू किया था रुबंस एक्‍ससेसरीज


अपने बिजनेस को शुरू करने के लिए  चीनू काला (chinu Kala Business) ने जितना भी पैसा काम करके बचाया था उसे बिजनेस सेटअप करने में लगा दिया. उन्‍होंने बेंगलुरु के एक माल में सिर्फ 6*6 की जगह में अपना स्‍टॉल शुरू किया. देखते ही देखते उनकी सेल खूब होने लगी. दो साल में ही उनकी सेल बढ़कर 56 लाख हो गई. कोरोना काल में वे अपनी ज्‍वैलरी ऑनलाइन बेचने लगी. इससे उनका ब्रांड बहुत मशहूर हुआ. आज रुबंस एक्‍ससेसरीज का सालाना टर्नओवर 40 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का हो चुका है.