हरियाणा कांग्रेस में मची कलह होगी शांत, सामूहिक नेतृत्व में बनेगें तीन कार्यकारी अध्यक्ष

HR Breaking News, नई दिल्ली, Tussle in Haryana Congress: हरियाणा कांग्रेस में नेताओं की खींचतान व कलह को समाप्त के लिए आलाकमान ने नया फार्मूला बनाया है। हाईकमान ने हरियाणा कांग्रेस में बदलाव की मांग कर रहे नेताओं को शांत करने के लिए अब सामूहिक नेतृत्व के चार विकल्प तैयार कराए हैं। इनमें प्रदेशाध्यक्ष के साथ तीन कार्यकारी अध्यक्ष के विकल्प सुझाए गए हैं।
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जिन चार नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया गया है, उनमें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक कुलदीप बिश्नोई, राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला और विधायक किरण चौधरी शामिल हैं। इनके साथ नेता प्रतिपक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष अलग से सुझाए गए हैं। हुड्डा के साथ नेता प्रतिपक्ष कुलदीप बिश्नोई, कार्यकारी अध्यक्ष गीता भुक्कल, विधायक नीरज शर्मा और प्रदीप चौधरी को रखा जाएगा।
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बिश्नोई के साथ नेता प्रतिपक्ष खुद हुड्डा ही रहेंगे और कार्यकारी अध्यक्ष पद पर दीपेंद्र हुड्डा, प्रदीप चौधरी और गीता भुक्कल रहेंगे। रणदीप सुरजेवाला या किरण चौधरी के अध्यक्ष बनाए जाने पर नेता प्रतिपक्ष पद हुड्डा के पास और कार्यकारी अध्यक्ष पद पर दीपेंद्र हुड्डा, गीता भुक्कल और नीरज शर्मा सहित प्रदीप चौधरी होंगे।
इन कयासों के बीच हरियाणा कांग्रेस में कई तरह की चर्चाएं गरम हैं। हालांकि इन कयासों पर प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल ने अपनी चुप्पी साध ली है मगर यह स्पष्ट हो गया है कि हुड्डा को प्रभावी बनाने के लिए जो भी विकल्प बदलाव करवाने वाले नेताओं को पंसद आएगा, उसमें सामूहिक नेतृत्व ही झलकेगा।
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हाईकमान से मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष सैलजा के बदलाव पर जो विकल्प आएगा, इसके बाद कांग्रेस की एकजुटता का संदेश जनता के बीच जाएगा या नहीं यह भी भविष्य के गर्भ में है। मगर यह भी कहा जा रहा है कि सैलजा को राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव लड़वाया जा सकता है। सैलजा इसके बाद प्रदेश की बजाय राष्ट्रीय राजनीति में हाईकमान का सहयोग करेंगी।
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हुड्डा को दोनों पद मिलना मुश्किल
हाईकमान द्वारा तैयार करवाए गए सामूहिक नेतृत्व के चार विकल्प में से पूर्व सीएम हुड्डा को संभवतया कोई भी पसंद नहीं आए मगर इन चारों विकल्पों में अन्य तीन प्रदे्शाध्यक्ष पद के दावेदार अवश्य खुश रहेंगे। यह भी हो सकता है कि हुड्डा और सैलजा आपस में समझौता कर लें।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा वर कुलदीप बिश्नोई खेमे को जो विकल्प पसंद आएगा, उस पर लग सकती है मुहर