8th CPC : 8वें वेतन आयोग पर आया बड़ा अपडेट, कर्मचारियों को तगड़ा झटका
HR Breaking News (8th CPC) 8वें वेतन आयोग के गठन हुए दो महीने हो गए हैं और केंद्र कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग के लागू होने को लेकर बेसब्री बढ़ती जा रही है। अब कर्मचारियों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर खूब चर्चांए हो रही है। अब बढ़ती चर्चांओं के बीच आठवें वेतन आयोग पर वित्त मंत्रालय की ओर से बड़ा जवाब आया है। आइए जानते हैं आठवें वेतन आयोग (8th CPC ) से जुड़े अपडेट के बारे में।
वित्त राज्य मंत्री ने दिया लिखित जवाब
केंद्रीय सरकार ने यह क्लियर कर दिया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अंतरिम राहत देने के किसी भी प्रपोजल पर सरकार कोई कंसीडर नहीं कर रही है। अब हाल ही में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने संसद को कहा है कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (dearness allowance of central employees) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने पर कोई विचार नहीं कर रही है।
केंद्रीय यूनियनों की मांग
दरअसल, हाल ही में संसद में कई सवाल किए गए थे और इन सवालों के जवाब में यह कहा गया है कि केंद्रीय कर्मचारी (Central Employees News) और पेंशनर्स तीन दशकों में देखी गई सबसे ज्यादा महंगाई से इस समय में जुझ रहे हैं। उनका तर्क है कि DA और DR में संशोधन मौजूदा रिटेल महंगाई के अनुसार नहीं हैं। इस वजह से कर्मचारी यूनियन यह मांग कर रहे हैं कि 50 परसेंट DA को बेसिक सैलरी में जोड़ (DA is merge basic salary) दिया जाना चाहिए।
इन वायरल मैसेज को किया खारिज
वहीं, दूसरी ओर सरकार की ओर से सोशल मीडिया मैसेज को भी खारिज कर दिया, जिसमें ये दावा किया गया था कि रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को फाइनेंस एक्ट 2025 के मुताबिक डीए (Dearness Allowances) में इजाफे का फायदा मिलना बंद हो जाएगा और फ्यूचर के पे कमीशन के फायदे भी नहीं मिलेंगे।
इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा फायदा
सरकार के अपडेट के तहत बताया जा रहा है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है। बता दें कि CCS रूल्स, 2021 के रूल 37 (Rules of CCS Rules, 2021) में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अगर किसी PSU कर्मचारी को गलत काम के लिए नौकरी से निकालते हैं, तो उन्हें रिटायरमेंट के फायदे नहीं मिलेंगे। बता दें कि हाल ही में किया गया बदलाव सिर्फ CCS रूल्स, 2021 के तहत एक छोटे ग्रुप से जुड़ गया था, जहां डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर और फाइनेंस मिनिस्ट्री के साथ बातचीत के बाद रूल 37 में संशोधन किया गया था।
