Haryana Latest News अब हरियाणा में सूचना नही दबा सकेंगे अफसर, वेतन से कटेगा जुर्माना

HR Breaking News, चंडीगढ़, सूचना आयोग के आदेश के बावजूद जुर्माना राशि जमा न कराने वाले जनसूचना अधिकारियों से जुर्माना राशि वसूलने के लिए प्रदेश सरकार ने पक्का बंदोबस्त कर दिया है। अब जुर्माना राशि डिफाल्टर जन सूचना अधिकारियों के वेतन से आटोमेटिक तरीके से कटेगी।
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जुर्माना राशि काटने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) ने माड्यूल विकसित किया है। लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा केस की आगामी सुनवाई 20 अप्रैल को करेंगे। आरटीआइ एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने 21 जुलाई 2020 को लोकायुक्त कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी कि बड़ी संख्या में जन सूचना अधिकारी न तो सूचना देते हैं और न ही जुर्माना राशि जमा करवाते हैं।
वर्ष 2006 से दिसंबर 2019 तक सूचना न देने के दोषी जन सूचना अधिकारियों पर राज्य सूचना आयोग ने आरटीआइ एक्ट के सेक्शन 20 (1) के तहत कुल तीन करोड़ 50 लाख 54 हजार 740 रुपये का जुर्माना लगाया था। कई साल बीत जाने के बावजूद 1726 डिफाल्टर जन सूचना अधिकारियों ने 2.27 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि जमा नहीं कराई है। इनमें कई एचसीएस अधिकारी भी शामिल हैं।
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शिकायत पर लोकायुक्त के नोटिस थमाने के बाद प्रदेश सरकार ने 18 जनवरी 2021 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर मानिटरिंग कमेटी गठित की थी जो जुर्माना राशि की वसूली कराती। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आया है। विगत 21 फरवरी को केस की सुनवाई के दौरान प्रशासनिक सुधार विभाग के उपसचिव राकेश संधू ने लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा को सूचित किया कि जुर्माना राशि वसूली के लिए एनआइसी ने माड्यूल विकसित कर लिया है।
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इसके तहत जुर्माना राशि को जन सूचना अधिकारियों की ई-सैलरी से लिंक करके सूचना आयोग को यूजर्स आइडी व पासवर्ड दे दिए हैं। माड्यूल के सुचारू होने पर डायरेक्टर जनरल (ट्रेजरी एवं अकाउंट्स) द्वारा सभी वेतन जारी करने वाले अधिकारियों को डिफाल्टर्स जन सूचना अधिकारियों के वेतन से जुर्माना राशि काटने के निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।