Haryana हरियाणा में बढ़ेगा दुध का उत्पादन, सेरोगेसी तकनीक से विज्ञानी सुधार रहे पशुओं की नस्ल
Haryana अच्छे नस्ल के पशु हों तो दुग्ध उत्पादन में प्रदेश अच्छी तरक्की कर सकता है। इसी ध्येय को लेकर हिसार की लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की सेरोगेसी लैब कार्य कर रही है। पांच करोड़ रुपये से स्थापित इस लैब में नस्ल सुधार का कार्य किया जा रहा है। दक्षिण भारत में इस प्रकार की लैब पहली बार स्थापित की गई थी। इसको बनने में दो वर्ष का समय लगा। अब इस लैब में शोध कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

प्रयोग शुरुआत में सिर्फ दूध देने वाले पशु जिनमें गाय या भैंस पर किया जाए
विज्ञानी सेरोगेसी तकनीकी के माध्यम से सिर्फ ऐसी नस्लों के पशुओं से जन्म दिलवाएंगे जो हाई क्वालिटी के हैं। इसके लिए भारत सरकार केंद्र की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना व हरियाणा सरकार लुवास को करीब 5 करोड़ रुपये पूर्व में मिल चुके हैं। जिससे इन विट्रो फर्टीलाइजर प्रोजेक्ट के लिए अत्याधुनिक लैब स्थापित कर ली गई है।
इस लैब में हाई क्वालिटी के पशुओं के सीमन को फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया से गुजारने के बाद एक उत्तम सीमन तैयार किया जा रहा है। जिसे तकनीक के माध्यम से ऐसी मादा पशु को दिया जाएगा जो खुद भी अच्छी गुणवत्ता की हो। यह प्रयोग शुरुआत में सिर्फ दूध देने वाले पशु जिनमें गाय या भैंस पर किया जाए।
पशुओं को जन्म देने के लिए लैब स्थापित की गई
इस प्रोजेक्ट पर मल्टी डिसेबली डिपार्टमेंट कार्य करेंगे। यानि आसान भाषा में कहें तो इस प्रोजेक्ट पर एनिमल बायो टेक्नोलाजी, एनिमल री-प्रोडक्शन, वेटरनरी गाइनीकोलॉजी, एनिमल ब्रीडिंग डिपार्टमेंट मिलकर एक साथ इस प्रोजेक्ट पर कार्य करेंगे। कुछ समय पहले ही में लुवास को यह प्रोजेक्ट मिला था, अब लैब स्थापित कर ली गई है।
लुवास के कुछ वैज्ञानिक तो इस कार्य में कुशल हैं, मगर इसके अलावा अन्य वैज्ञानिकों को भी एक्सपर्ट से ट्रेनिंग भी दिलाई जा रही है। ताकि उन्नत सेरोगेसी में किसी तरह की कोई तकलीफ नहीं आए। इस प्रोजेक्ट में कई प्रकार के सीमन लिए जाएंगे, जिसको फर्टीलाइज कर कम से कम 3 से 4 एग्स तैयार किए जाएंगे।
फिर एक गाय या भैंस में इन एग्स को सीमन ट्रांसफर टेक्नोलॉजी से उनके गर्भ में स्थापित किया जाएगा। इस भैंस या गाय से एक वर्ष में दुधारू पशु तैयार हो जाएगा। देश में हरियाणा तीसरा राज्य है जहां सेरोगेसी तकनीक से अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं को जन्म देने के लिए लैब स्थापित की गई है।
