Rajasthan में बनेगी 8 लेन टनल, पहली बार होगा ऐसा, दिल्ली तक का सफर होगा आसान
Rajasthan News : राजस्थान में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। यहां पर नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। अब राजस्थान वालों के लिए एक और गुड न्यूज़ है। दरअसल, राजस्थान में 8 लेन टनल बनाने का प्लान तैयार किया गया है। इसके बनने के बाद दिल्ली तक का सफर काफी आसान हो जाएगा।
HR Breaking News - राजस्थान और दिल्ली के बीच सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हालिया, रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Etlane Expressway) का लगभग काम पूरा हो चुका है। इस साल के अंत तक कोटा से दिल्ली तक इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। बता दे की कोटा से दिल्ली मार्ग का अंतिम चरण में काम चल रहा है। लेकिन मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही देश की पहली 8 लेन टनल (Rajasthan Lane Tunnel) का काम अभी बाकी है। इसमें करीब 4 महीने का समय और लगेगा।
एक्सप्रेसवे का कार्य अंतिम चरण में -
बता दें कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर कोटा से दिल्ली के बीच पैकेज नंबर 10 का 26.5 किलोमीटर का कार्य अंतिम चरण में है। पैकेज के सीमलिया से जयपुर के फागी तक हाईटेंशन लाइन एक्सप्रेस-वे एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट में दो जगह बीच में आ रही है। दोनों ही लाइनों की शिफ्टिंग होनी है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें एक लाइन के लिए सितंबर में एक माह का शटडाउन लेकर काम किया जा रहा है।
नवंबर तक पूरा हो जाएगा काम -
एक लाइन का काम पूरा होने के बाद इसके बाद दूसरी लाइन की शिफ्टिंग की जाएगी। इसके लिए भी शटडाउन लेकर इसका काम किया जाएगा। दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway update) का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। जल्दी इसकी फिनिशिंग का काम कर लिया जाएगा। यह नवंबर तक पूरा हो जाएगा। जैसे ही दिसंबर की शुरुआत होगी। कोटा से दिल्ली तक एक्सप्रेसवे को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। अति वृष्टि सवाईमाधोपुर से पैकेज के काम को देख रहे हैं।
फिलहाल, एक्सप्रेसवे (new expressway) से कोटा से बूंदी जिले की लालभन तक पहुंचा जा सकता है। इसके बाद आगे का सफर एक्सप्रेसवे से कोटा लालसोट मेगा हाईवे पर जाना पड़ता है। इस पर लगभग 60 किलोमीटर चलने के बाद सवाईमाधोपुर की कुश्तला से वापस दिल्ली तक एक्सप्रेसवे (delhi Expressway) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
टनल बनाने के बीच आ रही बाधाएं -
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल का कहना है कि दिल्ली मुंबई-एक्सप्रेसवे में प्रदेश में सवाईमाधोपुर के रणथंभोर और बूंदी जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व और कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (Mukundra Hills Tiger Reserve) की सीमा लगती हैं। ऐसे में निर्माण स्वीकृति और औपचारिकताएं पूरी करने में काफी समय लग गया। इसके अलावा मुकुंदरा रिजर्व में 4.9 किलोमीटर लंबी टनल के काम पहाड़ी के बीच कच्चा पत्थर और पहाड़ी नाला आने से टनल के काम में देरी हो गई है, जिसकी वजह से एक्सटर्नल का कार्य फरवरी 2026 तक बढ़ाया गया है।
2023 में पूरा किया जाना था काम -
बता दें, की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway News) का काम 2019 में शुरू हुआ था। इस 4 वर्ष में 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई स्थानों पर बाधाओं के चलते यह समय पर पूरा नहीं हो सका। ऐसे में अब इस एक्सप्रेसवे का काम 2026 में पूरा हो पाएगा। इस एक्सप्रेसवे (Expressway News) का निर्माण पूरा होने से कोटा की दिल्ली व मुंबई से कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही किसानों और व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा कोटा से जयपुर और सवाईमाधोपुर की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी।
