Delhi Expressway : दिल्ली से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेसवे का काम हुआ पूरा, इस वजह से हुई थी देरी
Delhi Expressway :देशभर में सड़कों की रफ्तार और जाम से छुटकारा दिलाने के लिए नए-नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। अब जल्द ही राजधानी दिल्ली से एक ओर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है, जो पिछले वर्ष ही तैयार हो जाना था, लेकिन अब जाकर इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हुआ है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि इस एक्सप्रेसवे (Delhi Expressway)को बनाने में किस वजह से देरी हुई थी।
HR Breaking News (Delhi Expressway) राजधानी दिल्ली में अब एक ओर नए एक्सप्रेसवे को लेकर खूब चर्चाएं हो रही है। अब दिल्ली से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने को हैं ओर अब जल्द ही वाहनचालक इस हाईवे पर धर्राटा भरते नजर आएंगे। इस एक्सप्रेसवे (Delhi Expressway Updates) के निर्माण में कई रूकावटें आई है। ऐसे में आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि किस वजह से इस एक्सप्रेसवे को बनाने में देरी हुई थी।
कब शुरू होना था यह एक्सप्रेसवे
वैसे तो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का 31 किमी. फेज शुरू हो चुका है। इसके शुरू होते ही वाहन चालकों को जाम से छुटकारा मिला है। हालांकि अभी यह ट्रायल के रूप में ओपन किया गया है, लेकिन अब इसका काम पूरा होते ही जल्द ही इसे खेल दिया जाएगा। वैसे तो इस एक्सप्रेसवे का काम तकरीबन एक साल पहले ही हो जाना था, लेकिन कुछ कारणों के चलते एक साल देरी से यह चालू हो पाया है।
एक्सप्रेसवे का कितना काम हुआ पूरा
दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi to Dehradun Expressway) का काम चार हिस्सों में बंट गया है। इसमें से कई हिस्सें का काम पूरा हो गया है। बागपत से सहारनपुर तक का काम दो हिस्सों में पूरा हो गया है और अक्षरधाम से ईपीई खेकड़ा तक का काम दो हिस्सों में कंप्लिट कर लिया गया है। बागपत से सहारनपुर तक काम दो साल पहले शुरू हो गया है।
अक्षरधाम से होते हुए गीता कॉलोनी, शास्त्रीपार्क, खजूरी खास से होकर के यूपी बॉर्डर (UP Border) तक 14.75 किमी का काम पूरा हो चुका है और दूसरे पैकेज में यूपी बॉर्डर से मंडोला होकर के ईपीई जंक्शन, खेकड़ा तक 16.45 किमी, का काम पूरा हो गया है।
इस वजह से हुई एक्सप्रेसवे निर्माण में देरी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का कहना है कि वैसे तो इसका आधे से ज्यादा काम बीते वर्ष पूरा हो गया था। लेकिन फिर भी रास्ते में कई जनसुविधाएं थीं, जिन्हें ट्रांस्फर किया जाना है। सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) लगातार इसके लिए दिल्ली सरकार से परमिशन मांग रहा था, लेकिन फिर भी इस काम में देरी हुई। सरकार की ओर से देरी से अनुमति दी गई। इस वजह से ट्रांस्फर करने का काम देरी से हो पाया। काम पूरा होने के बाद बागपत से अक्षरधाम एक्सप्रेसवे की शुरुआत हो गई।
क्यों किया गया था टेंडर खारिज
बता दें कि सड़क परिवहन हाईवे मंत्रालय की ओर से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway Projects) एक फेज के टेंडर को केंसिल कर दिया गया था, क्योंकि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कंपनी की प्रगति रिपोर्ट तय मानकों के मुताबिक नहीं चल रही था। यानी जितना काम होना चाहिए था, उतना नहीं हो पाया था। इस काम को पूरा करने के लिए कंपनी को कई बार नोटिस भी भेजा गया, लेकिन उसमे कोई सुधार नहीं हुआ और मंत्रालय कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए टेंडर को खारिज कर दिया गया।
