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UP के 5 शहरों में इंटरनेशनल लेवल पर किया जाएगा तैयार, प्रोपर्टी खरीद लोगे तो रहोगे फायदे में

UP News : योगी सरकार की ओर से प्रदेश को इंटरनेशनल सिटी (International City) बनाने को लेकर कई नए प्रयास किए जा रहे हैं। अब हाल ही में यूपी के 5 शहरों में लोगों को इंटरनेशनल लेवल जैसी सुविधाएं मिलने वाली है। सरकार का इस परियोजना के पीछे का मकसद है कि लोगों को हर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। अगर आप आज यहां प्लॉट खरीदते हैं तो आने वाले समय में आपको बंपर फायदा हो सकता है।

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UP के 5 शहरों में इंटरनेशनल लेवल पर किया जाएगा तैयार, प्रोपर्टी खरीद लोगे तो रहोगे फायदे में

HR Breaking News : (UP News) यूपी में नए-नए एक्सप्रेसवे,रेलवे और सड़क नेटवर्क को आदर्श मॉडल शहरी विकास को नई दिशा मिली है। अब इसी बीच यूपी में शहरी विकास का नया मॉडल बनाने का खाका तैयार किया जा रहा है। अब यूपी शहर (UP City News) के विस्तारिकरण से लेागों को रोजगार के लिए नए अवसर मिलेंगे और साथ ही आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

 

 

अगले 22 सालों में ये स्मार्ट शहर होंगे विकसित

योगी सरकार (yogi government) की ओर से यूपी को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रह्रे हैं। सरकार विभिन्न सेक्टर में रोडमैप तैयार कर रही है। सरकार का मकसद है कि आने वाले 22 सालों में प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट शहर को विकसित किया जाए।यूपी के ये 5 नए शहर देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सामने यूपी को निवेश, कनेक्टिविटी और जीवन स्तर को नई पहचान देंगे।

तैयार हो रहा विकसित यूपी का विजन डॉक्यूमेंट

बता दें कि विकसित यूपी 2047 का विजन (Vision of Developed UP 2047) डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है जिसके तहत हर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का मकसद है कि इस योजना के तहत स्वच्छ पेयजल, 24 घंटे बिजली, पक्के मकान, आधुनिक सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो और लाइट मेट्रो जैसी सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराई जाए।

सबसे बड़ा मकसद पांच अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट सिटीज का निर्माण को लेकर है। ये नए शहर जीवन की गुणवत्ता, कनेक्टिविटी और निवेश के अवसरों के मामले में वैश्विक शहर से प्रतिस्पर्धा करने वाले हैं।

अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर दिया गया खास ध्यान

जानकारी के लिए बता दें कि विकसित यूपी 2047 (developed up 2047) विजन में सीवर और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर खासतौर पर ध्यान दिया गया है। सरकार का मकसद है कि सभी शहरों में आधुनिक वैज्ञानिक आधार पर सीवेज प्रबंधन प्रणाली (sewage management system) को विकसित किया जाए, जिससे गंदे पानी का प्रभावी निस्तारण हो सके और लोगों को बीमारी की समस्याओं का सामना न करना पड़े।

इसके साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नई मजबूती दी जा रही है, जिसमें कलेक्शन, रीसाइक्लिंग और अंतिम निस्तारण की व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित कि जाएगी। सरकार के इस प्रयास से शहरों को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाने का प्लान है और साा ही पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

जानिए क्या है योगी सरकार का संकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) का कहना है कि शहरी विकास ढांचे के निर्माण के साथ ही नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने का मकसद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए यूपी 2047 तक देश का एक विकसित राज्य बनकर उभरेगा और साथ ही विश्व के मानचित्र पर शहरी विकास का आदर्श मॉडल के रूप में पेश होगा।

2017 से 2025 तक की गति ने सबको चौंकाया

पिछले आठ सालों में 117 नए शहरी स्थानीय निकाय का निर्माण (formation of local body) किया गया है और 123 का विस्तार किया गया। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत 17 जिलों के मुख्यालयों को स्मार्ट सुविधाएं दी गई और लखनऊ और आसपास के पांच जिलो केा जोड़कर राज्य राजधानी क्षेत्र (state capital region) का गठन किया गया, जिससे योजनाबद्ध विकास का मार्ग अबंडट हुआ।

2534 किलोमीटर सड़कों का होगा निर्माण

आकांक्षी नगर योजना (aspirational town scheme) के तहत 100 आकांक्षात्मक शहरों को विकास की मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत 2534 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है और 342 किलोमीटर नालियों का निर्माण 240 शहरी स्थानीय निकायों में हुआ है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों पर भी सुविधाओं को लेकर खास ध्यान दिया गया है।

आज से तकरीबन 8 साल पहले 2017 से पहले प्रदेश की शहरी व्यवस्था कमजोर ढांचे और अव्यवस्थित विस्तार का सामना कर रही थी। उस समय में बुनियादी सुविधाओं (UP basic facilities) की कमी और सीमित बजट ने योजनाबद्ध शहरीकरण के रास्ते में कई परेशानियों खड़ी की थीं। अब इन आठ सालों मेंइस तस्वीर को बदलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए।

बेंगलुरु की तर्ज पर यूपी बनेगा एआई शहर

मुख्यमंत्री में मुख्य सलाहकार ने बताया कि यूपी के शहरों को भी एआई शहर (UP AI CITY)के रूप में बनाया जाना है। डीप टेक्नोलॉजी की हेल्प से वर्ल्ड क्लास शहर बनाने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि बेंगलुरु की तर्ज पर यूपी में भी एआई सिटी (AI City in UP) को बनाया जाना है। लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन के तौर पर डेवलप करने का प्लान तैयार किया जा रहा है।

इसमें एआई सिटी के तौर पर लखनऊ शहर को एक नई पहचान (new identity for Lucknow city) मिलेगी। वाराणसी को एआई सिटी के रूप में डेवलप करने के लिए नीति आयोग की ओर से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री इस सोच में हैं कि कानपुर को AI शहर बनाया जाए, जिसके लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपए रिलीज किए हैं। इस परियोजना में मेरठ भी शामिल है। कानपुर और प्रयागराज को एक्सप्रेस-वे (Express to Prayagraj) से कनेक्ट किया जाएगा, जबकि प्रयागराज से वाराणसी मिलाकर धार्मिक क्षेत्र बनाया जा रहा है।

धार्मिक नगरी के रूप में डेवलप होगी ये सिटी

बता दें कि इसमें दोनों शहरों को मिलाकर सात जिले को शामिल किया जाएगा। इसका दायरा 22 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक होगा और इसके लिए प्रदेश सरकार ने वाराणसी और प्रयागराज को मिलाकर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया है। अब फिलहाल में तो मथुरा को बड़े स्तर पर डेवलप करने पर चर्चा हो रही है और इसके लिए अलग से फंड जारी किया गया है। सरकार की तैयारी है कि मथुरा को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के रूप में बड़े स्तर पर विकसित किया जाएग।

इन 5 शहरों को बनाया जाएगा इंटरनेशनल लेवल पर

वहीं प्रमुख सचिव नियोजन ने कहा है कि इस मामले में विजन डॉक्यूमेंट (Vision Document) पर बातचीत हुई है, जिसमें पांच पोटेंशियल शहर को विश्व स्तरीय शहर बनाने पर चर्चा की गई है और जल्द ही इन शहरों का नाम फाइनल किया जाएगा। हालांकि अभी नाम फाइनल नहीं हैं, लेकिन लखनऊ और वाराणसी इस सूची में जरूर शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रयागराज, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर, आगरा, मेरठ, कानपुर और मथुरा में से ये पांच शहरों को विश्व स्तरीय शहर बनाने की सूची में शामिल हो सकते हैं।

आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित होंगे ये शहर

विश्व स्तरीय शहर (world class city) बनाने के लिए आवासीय सुविधा पर ही सिर्फ ध्यान नहीं दिया जाएगा बल्कि साथ ही मेडिकल और उच्च शिक्षा संस्थान को और बेहतर किया जाएगा। इन सुविधाओं में सांस्कृतिक केंद्र, कन्वेंशन सेंटर, मेट्रो और रैपिड ट्रेन की सुविधा, एयरपोर्ट और एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी, साफ-सफाई आदि शामिल है। सुविधाओं (UP world class city) के तौर पर इन शहरों में एक रिवर फ्रंट बनाया जाएगा और साथ ही खेल का स्टेडियम बनाया जाएगा। इन शहरों को आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाने का प्लान है।