Budget 2026 : बजट में कर्मचारियों को क्या मिला, करोड़ों खर्च करेगी सरकार
Budget 2026 : बजट 2026-27 में सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। दरअसल आपको बता दें कि सरकार ने प्रशिक्षण, प्रशासनिक सुधार और विभिन्न योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, नए कौशल सिखाने और नौकरशाही सुधार को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं... आइए नीचे खबर में जान लेते है और विस्तार से-
HR Breaking News, Digital Desk- (Budget 2026) बजट 2026 में सरकार ने विभिन्न सेक्टरों के साथ-साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लेकर भी कई अहम घोषणाएं की हैं। इस बजट में सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधारों को तेज करने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश और विदेश में प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastrucutre) से जुड़ी स्किल्स के विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए अलग-अलग मदों में बजट आवंटन का प्रस्ताव रखा है।
प्रशिक्षण पर 299 करोड़ रुपये का बजट आवंटन-
बजट दस्तावेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर कुल 299 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। वहीं, प्रशासनिक सुधारों के लिए अलग से 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 299 करोड़ रुपये के कुल प्रशिक्षण बजट में से 120.8 करोड़ रुपये प्रशिक्षण प्रभाग, सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (ISTM) और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के स्थापना व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं।
विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं के लिए फंड आवंटन-
सरकार ने विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं के लिए 52.2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मिशन कर्मयोगी’ के लिए 126 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है। मिशन कर्मयोगी को अब तक की सबसे बड़ी नौकरशाही सुधार पहल माना जाता है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को अधिक प्रोफेशनल, रचनात्मक, सक्रिय और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली (technology-friendly) बनाना है।
कार्मिक मंत्रालय के अंतर्गत संस्थानों पर खर्च-
बजट दस्तावेज के अनुसार, 120.8 करोड़ रुपये के स्थापना व्यय में दिल्ली स्थित सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (ISTM), मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रशिक्षण प्रभाग से जुड़े खर्च शामिल हैं।
ये संस्थान सचिवालय के सभी स्तरों और श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए आधारभूत (basic for employees), रिफ्रेशर और मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम (Mid-Career Training Program) आयोजित करते हैं। इनका उद्देश्य कर्मचारियों को नए नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आधुनिक कार्यशैली से लगातार अपडेट रखना है।
इस बजट आवंटन में घरेलू और विदेशी यात्राओं (domestic and foreign trips) पर होने वाला खर्च भी शामिल है। साथ ही केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) और केंद्रीय सचिवालय स्टेनोग्राफर सेवा (CSSS) के अधिकारियों के लिए कोर्स फीस का प्रावधान भी किया गया है।
RTI और CAT के लिए अलग बजट प्रावधान-
बजट में 52.2 करोड़ रुपये के आवंटन के तहत ‘सभी के लिए प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए अगले वित्त वर्ष में 3.5 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान रखा गया है।
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT), जो सरकारी कर्मचारियों के सेवा मामलों का निपटारा करता है, उसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 166.42 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। इस राशि में CAT की विभिन्न पीठों के लिए भूमि खरीद और भवन निर्माण से संबंधित खर्च भी शामिल है।
SSC के लिए बढ़ा हुआ बजट आवंटन-
केंद्र सरकार (central government) की नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाले कर्मचारी चयन आयोग (SSC) को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 525.2 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। चालू वित्त वर्ष में SSC को पहले 515.15 करोड़ रुपये मिले थे, जिसे बाद में संशोधित कर 548.5 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इससे स्पष्ट है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने और परीक्षाओं के सुचारू संचालन पर लगातार जोर दे रही है।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में कुल 52.07 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।
