Gehu Bhav : MSP से नीचे आया गेहूं का भाव, जान लें आज का ताजा मंडी भाव
Gehu Mandi Rate - गेहूं उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल, पिछले कई दिनों से गेहूं बाजार में मंदी देखने को मिल रही है। आज भी लगभग सभी मंडियों में गेहूं का भाव स्थिर रहा है। फिलहाल कई मंडियों में गेहूं MSP से नीचे बिक रही है। कुछ दिनों में रबी सीजन 2026 की नई गेहूं तैयार हो जाएगी। लेकिन कम भाव (gehu bhav) के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। आईए जानते हैं आज काताजा मंडी भाव -
HR Breaking News - (Gehu Ka Bhav)। आज 24 मार्च को गेहूं का भाव मंडियों में स्थिर रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में आज गेहूं के भाव में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। दरअसल, फिलहाल सप्लाई और डिमांड लगभग बराबरी पर चल रही है, जिसकी वजह से गेहूं की कीमतों (gehu ki kimat) में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिल रहा है। गुजरात की मंडी में गेहूं की कीमत 2,125 से 2,225 रुपए क्विंटल के बीच रही है, जबकि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की मंडी में गेहूं 2,150 से 2,250 रुपए प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार कर रही है।
गेहूं का ताजा भाव -
आज दिल्ली में गेहूं की कीमत (Delhi Gehu Mandi Rate) 2600 रुपये क्विंटल, नरेला में 2450 रुपये क्विंटल, अलीपुर में 2600 रुपये क्विंटल, दाहोद और राजकोट में 2330 रुपये क्विंटल, ललितपुर में 2150 रुपये क्विंटल, इंदौर में 2300 रुपये क्विंटल देवास में 2325 रुपये क्विंटल, कोलकाता में 2650 रुपये क्विंटल और हैदराबाद में 2710 प्रति क्विंटल रहे। कांडला पोर्ट पर गेहूं के भाव भाव (Gehu ka Mandi Bhav) 2,330 प्रति क्विंटल पर मजबूत बने हुए हैं।
MSP भाव से नीचे आया गेहूं का रेट -
इस समय मंडियों के भाव अभी भी MSP भाव 2,585 प्रति क्विंटल से काफी नीचे चल रहे हैं, इसलिए किसान स्टॉक गेहूं (Wheat Rate) की बिक्री नहीं कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से कटाई और मड़ाई का काम रुक गया है, लेकिन फसल की क्वालिटी और पैदावार काफी अच्छी बताई जा रही है, जिससे आगे सप्लाई मजबूत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार देश का गेहूं (Gehu Bhav) उत्पादन करीब 1150 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 1090 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा है।
सरकारी स्तर पर इस दिन से शुरू होगी खरीद -
सरकारी स्तर पर 1 अप्रैल से खरीद शुरू होने वाली है। उम्मीद है कि मध्य प्रदेश में MSP (Wheat MSP) के ऊपर किसानों को 125 बोनस भी मिल सकता है, जिससे किसानों की होल्डिंग बढ़ सकती है। सरकार ने इस बार करीब 350 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है, लेकिन पहले से भरे हुए FCI गोदाम एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेहूं के भाव मजबूत हैं, लेकिन निर्यात को खास सपोर्ट नहीं मिल पा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बाजार को थोड़ी सेंटिमेंटल मजबूती जरूर मिल रही है, लेकिन घरेलू स्तर पर बेहतर उत्पादन और पर्याप्त स्टॉक के चलते बड़ी तेजी फिलहाल सीमित लगती है। कुल मिलाकर फिलहाल गेहूं (Gehu Rate) में बड़ी गिरावट नहीं देखने को मिलेगी।
