Guar Bhav 13 September: ग्वार में फिर तेजी, 6450 रुपए पहुंचे भाव, उत्पादन पर बाजार की नजर
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Guar Bhav 13 September: ग्वार में फिर तेजी, 6450 रुपए पहुंचे भाव, उत्पादन पर बाजार की नजर

 
Guar Bhav 13 September: ग्वार में फिर तेजी, 6450 रुपए पहुंचे भाव, उत्पादन पर बाजार की नजर

Guar Mandi Bhav: ग्वार भाव में लगातार कई महीनों तक स्थिरता रहने के बाद इन दिनों तेजी का सिलसिला दिखाई दे रहा है.12 सितंबर 2026 को राजस्थान और हरियाणा की प्रमुख मंडियों में ग्वार के भाव 6,000 से 6,450 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहे. ऊंचे भाव किसानों के लिए राहत हैं और व्यापारियों में असमंजस जैसी स्थिति है. बाजार की नजर नई फसल की आवक के साथ-साथ इस साल ग्वार की बिजाई और उत्पादन पर टिकी हुई है.

मंडियों में ग्वार का भाव 

12 सितंबर के मंडी भाव देखें तो सिवानी और बीकानेर में ग्वार 6,450 रुपये, नोहर में 6,411 रुपये, सादुलपुर चूरू में 6,360 रुपये, सिरसा में 6,350 रुपये और जैतसर में 6,321 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वहीं गंगानगर में 6,291 रुपये, घड़साना में 6,305 रुपये, नागौर और रावतसर में 6,270 रुपये, ऐलनाबाद में 6,200 रुपये तथा पिलीबंगा में 6,205 रुपये भाव रहा. अनूपगढ़ मंडी में भाव 6,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा.

वायदा बाजार में ग्वार मजबूत

अलग-अलग कृषि उपज मंडियों के हिसाब से भाव में लगभग 450 रुपये का फर्क देखने को मिला. ग्वार में तेजी का कारण कमजोर उत्पादन ही नहीं बल्कि वायदा बाजार में मजबूती भी है. 26 अगस्त से 4 सितंबर के बीच ग्वार सीड का भाव करीब 6,235 रुपये से बढ़कर 6,871 रुपये तक पहुंचा, इस दौरान लगभग 10 फीसदी की तेजी देखने को मिली.

ग्वार के भाव में उछाल का एक कारण आने वाली नई फसल को लेकर भी बना हुआ है. इस साल राजस्थान में ग्वार की बिजाई पिछले साल की तुलना में कम रहने का अनुमान हैं. हालांकि केवल रकबा कम होने से उत्पादन घटेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी. सितंबर में ग्वार की पैदावार मौसम के ऊपर निर्भर होगी.

ग्वार भाव घटेगा या बढ़ेगा

इसके अलावा ग्वार गम की घरेलू और निर्यात मांग भी भाव के लिए अहम है. ग्वार गम का इस्तेमाल खाद्य उद्योग के अलावा औद्योगिक और कच्चा तेल निकालने में होता है. मांग मजबूत रहने पर ग्वार सीड को सहारा मिल सकता है.

फिलहाल 6,000 से 6,450 रुपये के भाव बाजार में मजबूती दिखा रहे हैं. भाव बढ़ेगा या घटेगा इसको लेकर अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर कमजोर उत्पादन के अनुमान की वजह से भाव में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. लेकिन नई फसल की अच्छी आवक शुरू होते ही भाव पर दबाव भी बन सकता है.