Haryana के किसान ने खेती को साबित किया मुनाफे का सौदा, कमा रहा लाखों रुपये
HR Breaking News(Agriculture News) हरियाणा के किसानों का रुझान अब खेती की ओर बढ़ रहा है। अब किसानी यहां पर खेती-बाड़ी से लाखों की कमाई कर रहे हैं। अब हाल ही में हरियाणा के एक किसान ने खेती को मुनाफे का सौदा साबित किया है। अब यहां के किसान सही तरीके से खेती कर आमदनी बढ़ा रहे हैं। आइए खबर में जानते हैं कि हरियाणा किसान किस खेती (haryana farming) से लाखों कमा रहे हैं।
स्ट्राबरी फल की खेती बताई मुनाफेदार
दरअसल, आपको बता दें कि गांव नाथूसरी कलां गांव के एक छोटी जोत के किसान ने स्ट्राबरी फल की खेती (Strawberry fruit cultivation) को काफी फायदेमंद बताया है। इस खेती के के माध्यम से वो दूसरे किसानों को प्रेरित कर रहा है। किसान ईश्वर सिंह ने बताया कि उनके पास 9 एकड़ जमीन है और वो 5 एकड़ में स्ट्राबरी की खेती करता है। इस 5 एकड़ में से 1 एकड़ में तकरीबन 100 क्विंटल के करीब बंपर उत्पादन होता है।
अगर हिसाब लगाए तो एक एकड़ में 2 से ढ़ाई लाख रुपए तक मुनाफे का फायदा होता है, जो देखा जाए तो गेहूं आदि फसलों की तुलना में तकरीबन 3 गुणा तक है। बता दें कि 9 एकड़ में 4 एकड़ पर ईश्वर सिंह सब्जियों की फॉर्मिंग करता है। इसके साथ ही सरकार भी किसान को 1 एकड़ 40,000 की फाइनेंशियल हेल्प भी करती है।
एक एकड़ में होती है इतनी पैदावार
किसान ईश्वर सिंह का कहना है कि अभी स्ट्राबरी की खेती (kaise kre Strawberry ki kheti) में एक एकड़ में लगभग साढ़े 5 लाख रुपए की कॉस्ट आती है। इस खेती में 1 एकड़ में 35 हजार बीज डालने होते हैं और एक बीज का रेट (strawberry seed rate) सिर्फ 10 रुपए है। इसके साथ ही सिंचाई, बिजाई, दवाइयों आदि की भी लागत आती है। एक एकड़ में लगभग 100 क्विंटल की पैदावार होती है और बाजार भाव लगभग 150 से 175 रुपए प्रति किलो के आस-पास रहता है। ऐसे में सारा खर्च निकाल दें तो एक एकड़ में 2 से अढ़ाई लाख रुपए का फायदा होता है।
किसान का कहना है कि अ भी फिलहाल में किसानों को परंपरागत नहीं, बल्कि दूसरी फसलों की तरफ रुझान करना पड़ेगा। सिरसा जैसे इलाके मं बागवानी की बढ़िया संभावनाएं हैं। धान जैसी फसलें तो ऐसी होती है, जिसमे भूजल का ज्यादा दोहन (over-exploitation of groundwater ) होता है। इसके साथ ही सब्जियों व बागवानी में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का प्रबंध करके जल को बचा सकते हैं।
कब शुरू की थी किसान ने स्ट्राबरी की खेती
किसान ईश्वर सिंह का कहना है कि उन्होंने लगभग 15 साल पहले स्ट्राबरी की खेती की शुरुआत की थी। उस समय में परंपरागत फसलों का उत्पादन (production of traditional crops) नहीं हो रहा था। गेहूं की पैदावार भी सही नहीं हो रही थी। ऐसे में कुछ अलग करने के लिए उन्होंने कुछ इलाको में स्ट्राबरी की खेती की शुरुआत की, जिसमे जोखिम और मेहनत है, लेकिन अगर आप इस खेती को सही तरीके से करते हैं तो बंपर मुनाफा मिल सकता है। उनका कहना है कि अब वे 5 एकड़ में स्ट्राबरी की खेती (Strawberry ki kheti) करते हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ जाती है।
