हरियाणा में मंडी में गलत तरीके से धान बेचने वालों पर होगी सख्ती, वैध कागजात के बिना गाड़ी होगी जब्त
HR Breaking News (selling paddy illegally) मंडियों में जिला उपयुक्त ने हिसार में बाहरी धान की आवक पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं और बिना वैध कागजात के धान लेकर मंडी में पहुंचने वाली पिकअप व अन्य गाड़ियों को जब्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब सरकार की ओर से मंडी में गलत तरीके से धान बेचने वालों पर सख्ती कार्रवाई की जाने वाली है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
किन वाहनों पर होगी कार्रवाई
अनाज मंडी में पहुंचने वाले यूपी के धान पर प्रशासन की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई है। मंडी प्रांगण और प्रवेश द्वार पर 24 घंटे कड़ी नजर रखी जाने वाली है और विशेष उड़न दस्ता और सुरक्षा टीमों को तैनात भी किया गया है। बीते दिनों जिला सचिवालय में जिला उपयुक्त की ओर से राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक की गई है। निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अनाज मंडियों पर कड़ी नजर रखें और बाहरी धान की आवक पर रोक लगाएं, अनियमतता पाए जाने पर व्यापारी, किसान और मंडी सचिव के विरुद्ध कार्रवाई करें।
व्यापारियों व संबंधित किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
अब तक घरौंडा और इंद्री मंडी में यूपी के धान के बिक्री पर आढ़ती व किसानों पर FIR हो चुकी है। स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए कि उत्तर प्रदेश से पिकअप व अन्य गाड़ियों के माध्यम से अवैध रूप से जो धान आता है, उन परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। आढ़ती और किसान पर अवैध रूप से बाहरी धान की खरीद-बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले व्यापारियों और संबंधित किसानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
हरियाणा की मंडियों में धान खरीद जारी
हरियाणा की मंडियों में धान खरीद तो जारी है, लेकिन अब खरीद के मकसद को पूरा करना एक चुनौती बन गया है। अब धान खरीद के 18 दिन ही शेष बचे हैं। इस बार धान की खरीद का मकसद 58 लाख LMT है और अभी तक धान की खरीद का मकसद लगभग 23.4 LMT दूर है।
राज्य की मंडी में किसान अभी तक 41.44 LMT धान लेकर पहुंच गए हैं, जिसमें से 34.LMT एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। 27.88 LMT धान का उठान हो गया है। बीते दिनों किसान 1.23 LMT धान लेकर पहुंचे हैं। खरीद 53474.18 LMT की हुई है। उठान 1.33 LMT धान का हुआ है।
किसानों को नहीं मिल रहे गेट पास
कुरुक्षेत्र के अनाज मंडियों में आसपास के जिलों के किसान धान लेकर पहुंचे हैं, लेकिन गेट पास नहीं मिल पा रहे हैं। प्रशासन की ओर से जिले से बाहर के धान पर रोक लगाई हुई है, लेकिन आढ़ती इस रोक को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार बीते 20 सालों से इन जिलों के किसान अपनी फसल यहीं लाते रहे हैं।
इस बार क्या है धान खरीद का मकसद
हरियाणा के नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री का कहना कि धान खरीद 15 नवंबर तक ही की जाएगी। तिथि को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। अगर धान खरीद के मकसद की बात करते इस बार लक्ष्य पूरा करना बेहद ही कठिन हो गया है, जिसके दो पेज हैं। एक तो धान का उत्पादन कम हुआ और दूसरा दक्षिण भारत के राज्य में कम बारिश होने से व्यापारी भी अधिक दामों में धान की खरीदी कर चुके हैं।
इन व्यापारियों का लाइसेंस किया जाएगा रद्द
जिला उपयुक्त का कहना है कि किसी भी हाल में बाहरी राज्यों से अवैध रूप से लाया जाने वाला धान को मंडी में बिकने नहीं दिया जाने वाला है। अगर कोई व्यापारी इसमें शामिल पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और साथ ही कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। एसडीएम के अनुसार बीते दो दिनों में जो आवक हुई है या गेट पास कटे है, उनकी जांच हो रही है, ताकि बिना नंबर प्लेट आने वाले ट्रैक्टर-ट्राली या गेट पास की स्थिति का सही पता चल सके।
वेरिफिकेशन के बाद होगी धान की खरीदी
करनाल मार्केट कमेटी के सचिव का कहना है कि यूपी नंबर के जो वाहन मंडी में आते हैं, उनकी नियमित तौर पर गेट पर जांच की जाती है। जांच के बाद गेट पास जारी होता है। जिला कष्ट निवारण समिति के बैठक में पहुंचे कृषि मंत्री का कहना है कि हरियाणा की मंडी में बाहरी धान को नहीं बिकने दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश का धान यूपी और प्रदेश का धान हरियाणा में ही बिकेगा। सरकार पोर्टल पर वेरिफिकेशन के बाद धान की खरीदी करती है। अगर कोई गलत कार्य करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है। धान खरीदने में नियमों का पालन बेहद जरूरी है। प्रदेश में पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों की फसल की खरीदी की जा रही है।
अगर किसी की फसल रजिस्टर्ड नहीं है, तो उसका रजिस्ट्रेशन करके अधिक उपज को भी लेने का प्रोविजन किया गया है।
