हरियाणा में नियम कड़े, एक पेड़ काटने पर लगाने होंगे 3 पौधे
देश भर में पेड़ पौधे लगाने के लिए सरकार की ओर से मुहिम चलाई जा रही है। पेड़ों से हमें ऑक्सीजन मिलता है और यह पर्यावरण को साफ स्वच्छ रखते हैं। पिछले कुछ सालों में पेड़ों की कटाई तेजी से हो रही है। ऐसे में पेड़ों की कटाई पर नियंत्रण करने सरकार में नियम कड़े कर दिए हैं। वहीं नए पेड़ लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
HR Breaking News - हरियाणा में अब पेड़ों की कटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने गैर-वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। विभाग का कहना है कि अब अनुमति लेने के बाद भी पेड़ काटने पर कम से कम तीन देसी प्रजातियों के पौधे लगाने होंगे।
नियम तोड़ने पर देना होगा पर्यावरण मुआवजा - (latest News)
वन विभाग (Haryana Forest Department) का कहना है कि इन पौधों को 5 साल तक सुरक्षित रखने उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी भी संबंधित व्यक्ति की ही होगा। बिना अनुमति पेड़ काटने या मंजूरी की शर्तों का उल्लंघन करने पर पर्यावरण मुआवजा देने पड़ेगा। इसकी राशि जमा नहीं करने पर सरकार भू राजस्व के बकाये की तरह वसूल करेगी।
नए नियम सख्ती से लागू करने के आदेश - (Haryana news)
वन विभाग (forest department) ने प्रदेश के सभी जिलों के वन अधिकारियों को नए निर्देशों को लागू करने के आदेश दिए हैं। यह कदम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत उठाया गया है। पेड़ काटने की अनुमति देते समय डीएफओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर काटे गए पेड़ के बदले कम से कम तीन देसी प्रजातियों के नए पौधे लगाए जाएं। बता दें कि नए पौधे आवेदक की जमीन या वन अधिकारी की ओर से निर्धारित किसी अन्य जगहों पर लगाई जा सकेंगे।
वन विभाग ने सभी अधिकारियों को जारी किया पत्र -
निर्देशों के मुताबिक, पर्यावरण मुआवजे की राशि जमा नहीं करने पर संबंधित फो उपायुक्त को रिकवरी सर्टिफिकेट भेज सकेंगे। इसके बाद बकाया राशि की वसूली पूरा भू- राजस्व के बकाये की तरह हो सकेगी। वन विभाग ने जारी पत्र में सुखबीर सिंह बनाम भारत संघ एवं अन्य मामलों में NGT के निर्देशों का हवाला दिया है। हरियाणा के प्रधान प्रमुख वन संरक्षक डॉ. केसी मीणा ने बताया कि पेड़ों की कटाई से जुड़े दिशा निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को भेजे जा चुके हैं और इनका सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।
