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Onion Mandi Bhaav : किसानों को लगा तगड़ा झटका, इस मंडी में 1 रुपये किलो बेचना पड़ रहा प्याज

Onion Price : हमारे देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक प्रदेश में किसान प्याज के दाम को लेकर बड़े संकट का सामना कर रहे हैं। राज्य के किसानों के अनुसार प्रति किलो प्याज उत्पादन की लागत 15 से 20 रुपए तक पहुँच गई (Onion Mandi Bhaav) है, जबकि मौजूदा समय में राज्य के अलग-अलग मंडियों में किसान प्याज को न्यूनतम 1 रुपए से लेकर अधिकतम 10 रुपए तक बेचने को मजबूर है। आइए जान लेते हे इसके पीछे की वजह...

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Onion Mandi Bhaav : किसानों को लगा तगड़ा झटका, इस मंडी में 1 रुपये किलो बेचना पड़ रहा प्याज

HR Breaking News, Digital Desk : देश के किसान ही देश की नींव है लकिन अब इस राज्य के किसानों को उनका हक नही मिल पा रहा है। प्याज के दामों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके कई प्रमुख कारण है। अहमदनगर की राहुरी मंडी में 21 तारीख को काफी किसानों ने मजबूरी में सिर्फ एक रुपये किलो के दाम पर प्याज बेचा। जबकि किसानों का दावा है कि लागत 15 से 20 रुपये किलो तक आती (Onion Mandi Bhaav) है।


इसी प्रकार छत्रपती संभाजीनगर में किसानों ने सिर्फ 1.5 रुपये किलो के रेट पर प्याज बेचा (onion price news)। किसानों का कहना है कि उन्हें तब तक प्याज का सही दाम नहीं मिलेगा जब तक कि सरकार निर्यात बंदी को नहीं खोलेगी. 


जानकारी के लिए बता दें कि प्याज की निर्यात (ban on onion export) बंदी के 137 दिन हो चुके हैं। निर्यात बंदी की वजह से दाम इतना कम हो गया है कि किसान उत्पादन लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं। अहमदनगर की राहुरी मंडी में 21 तारीख को काफी किसानों ने मजबूरी में सिर्फ 1 रुपये किलो के दाम पर प्याज बेचा, जबकि किसानों का दावा है कि लागत 15 से 20 रुपये किलो तक आती है।


इसी प्रकार छत्रपती संभाजीनगर में किसानों ने सिर्फ 1.5 रुपये किलो के रेट पर प्याज बेचा। अहमदनगर की ही राहता मंडी (Rahata Mandi onion bhaav) में किसानों को न्यूनतम दाम सिर्फ 2 रुपये किलो मिला। ज्यादातर मंडियों में किसानों को ऐसा ही दाम मिल रहा है।

इस मुद्दे पर किसानों का कहना है कि उन्हें तब तक प्याज का सही दाम (right price of onion) नहीं मिलेगा जब तक कि सरकार निर्यात बंदी को नहीं खोलेगी। अहमदनगर के किसान बाजीराव गागरे का कहना है कि की सरकार ने निर्यात बंदी करके किसानों का खरीफ सीजन में भी बहुत नुकसान किया और अब रबी सीजन में भी भारी नुकसान हो रहा है।


रबी सीजन (Rabi Season crops) क्या प्याज वैसे तो स्टोर किया जा सकता है लेकिन जिन किसानों को अगली फसल के लिए पैसे की सख्त जरूरत है वह मजबूरी में औने-पौने रेट पर मंडियों में व्यापारियों को प्याज बेच रहे हैं।


कितनी हो रही है प्याज की आवक?


बता दें कि देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक (largest onion producer) महाराष्ट्र है, जहां कुल उत्पादन का करीब 43% पैदावार होती है। इसलिए यहां की मंडियों में प्याज की बंपर आवक हो रही है। इस साल प्याज के कम उत्पादन का अनुमान है, इसलिए किसानों को ऐसी उम्मीद थी कि उन्हें 30-35 किलो का दाम मिलेगा लेकिन निर्यात बंदी की वजह से यह बिल्कुल घट गया है। 


न्यूनतम दाम 1 रुपये किलो से लेकर अधिकतम दम 15 रुपये किलो तक रह गया है। किसानों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में उन लोगों को इसकी कीमत (onion price down) चुकानी पड़ेगी जिनकी वजह से उनका इतना नुकसान हो रहा है।

जान लें किस मंडी में कितना है दाम

  
रहता मंडी में 21 अप्रैल को 2108, क्विंटल प्याज की आवक हुई। न्यूनतम दाम 200, अधिकतम 1600 और औसत दाम 1300 रुपये प्रति क्विंटल रहा।


पुणे में मात्र 437 क्विंटल प्याज (onion price) की आवक हुई. इसके बावजूद न्यूनतम दाम सिर्फ 300, अधिकतम 1400 और औसत 850 रुपये क्विंटल रहा।


पैठान में 1134 क्विंटल प्याज की आवक हुई. इसके बावजूद न्यूनतम दाम सिर्फ 150 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अधिकतम दाम भी बहुत कम सिर्फ 1324 और औसत दाम 1000 रुपये क्विंटल रहा।


परनेर मंडी में 13344 क्विंटल प्याज की आवक (arrival of onion in Mandi) हुई. इसके बावजूद न्यूनतम दाम सिर्फ 400, अधिकतम 1500 और औसत दाम 1150 रुपये क्विंटल रहा।