Sarso Bhav 13 October 2026 : सरसों की कीमतों में नरमी, सरसों तेल का भाव स्थिर, जानें आज का मंडी भाव
HR Breaking News (Sarso Bhav 13 October 2026) सरसों की कीमतों में तेजी का सिलसिला अब हल्का नरम हुआ है। बारिश को कारण मंडियों में कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं, सरसों के तेल में बाजार में स्थितरता दिख रही है। मार्केट में सरसों तेल 1 लीटर की बोटल 180 से 200 रुपये के बीच बिक रही है। अगल-अलग ब्रैंड के तेल की कीमतों में काफी डिफ्रेंस भी है।
सरसों की बिजाई का आया समय (Saro ki kimat update)
खेतों में धान की फसल व अन्य नरमा आधी का उत्पादन मंडियों में पहुंच रहा है। ऐसे में खेत खाली हो रहे हैं और रबी की फसल की बिजाई का समय आ रहा है। रबी सीजन की बिजाई के बाद इसकी उपज मंडियों में आने में करीब छह महीने लेगी। ऐसे में सरसों के तेल की कीमतों में तब तक निरंतर तेजी देखी जाने का अनुमान है।
ज्यादा हो सकती है बिजाई (Sarso ka rate)
सरसों की फसल को लेकर इस बार किसान उत्साहित नजर आ रहे हैं। एक तरफ अल नीनो का असर अगले साल तक रहने की चेतावनी है और तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, जिसकी वजह से गेहूं की फसल (Wheat crops) प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में कुछ किसान सरसों को ज्यादा सही मान रहे हैं।
सरसों (Mustard Price) की तरफ किसानों का रुझान होने का कारण इस बार मंडियों में किसानों को एमएसपी से अधिक दाम मिलना भी रहा है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार की तरफ से भी सरसों की एमएसपी में 400 रुपये से अधिक की बढ़ौतरी की गई है। ऐसे में किसानों को सरकारी बोली पर भी उसकी उपज का अच्छा दाम मिलने का अनुमान है। कुल मिलाकर माहौल बन रहा है कि सरसों की बिजाई पिछले साल की अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है।
| किस मंडी में क्या रही है सरसों की कीमत (Sarso ki kimat) | |
|---|---|
| मंडी | भाव |
| गोलूवाला मंडी में सरसों का भाव | 8338 रुपये प्रति क्विंटल |
| गंगानगर मंडी में सरसों का भाव | 8077 रुपये प्रति क्विंटल |
| अनुपगढ़ मंडी में सरसों का भाव | 8206 रुपये प्रति क्विंटल |
| नोहर मंडी में सरसों का भाव | 8250 रुपये प्रति क्विंटल |
| सिरसा मंडी में सरसों का भाव | 8280 रुपये प्रति क्विंटल |
सरसों तेल का रिटेल व मिल प्राइस (Sarso oil price)
सरसों का तेल रिटेल में 200 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं, मिल प्राइस की बात करें तो 18000 रुपये से अधिक की कीमत देखने को मिल रही है। सरसों तेल के दाम में तेजी बनी रह सकती है, क्योंकि पाम ओयल का आयात निरंतर प्रभावित है और देश में मांग अनुसार सरसों के तेल की पूर्ति नहीं हो पा रही है। यही, कारण है कि सरसों के दामों में अबकी बार तेजी बनी हुई है।
