Sarso Ka Bhav: सरसों के बाजार में बंपर तेजी, पश्चिम एशिया में तनाव का असर, देखें मंडी भाव
Sarso Ka Bhav: सरसों के बाजार में इन दिनों अच्छी तेजी दर्ज की जा रही है. सरसों तेल की अच्छी डिमांड के चलते सरसों बाजार तेज माना जा रहा है. शनिवार को भी सरसों के भाव में 80 रुपए से लेकर 200 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई. राजस्थान की कई कृषि उपज मंडियों में सरसों का भाव 8000 रुपए प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुका है. मालपुरा मंडी में सरसों का भाव उच्चतम भाव 8328 उच्चतम बोला गया. इसके अलावा श्रीगंगानगर में सरसों का न्यूनतम भाव 6900 से लेकर 8100 प्रति क्विंटल के बीच रहा.
सरसों में उछाल आने का कारण
सरसों में लगातार तेजी की वजह क्रूड ऑयल को भी माना जा सकता है. क्योंकि पश्चिम एशिया में लगातार तनाव रहने की वजह से समुद्री आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी रहती है. जिसका असर खाद्य तेलों के बाजार पर देखने को मिल सकता है. विदेशी बाजारों में सोयाबीन और पाम ऑयल में तेजी का अनुमान जताया जा रहा. जिसका असर सरसों की कीमतों पर पड़ेगा. तेल मिलों की खरीद सरसों की डिमांड और पुरानी फसल के स्टॉक की स्थिति को देखकर ही सरसों भाव को प्रभावित कर रही है.
सरसों बाजार पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है 90% से ज्यादा किसानों ने स्टॉक की हुई सरसों को बेच दिया है. परंतु इसका एक बड़ा हिस्सा व्यापारियों के पास हो सकता है. आने वाले दिनों में सरसों के भाव में मंदी आने की संभावना नजर नहीं आ रही. आइए देखें हरियाणा और राजस्थान की प्रमुख मंडियो में सरसों का भाव,
सरसों का भाव, Mustered price (रुपए प्रति क्विंटल)
| मंडी नाम | सरसों भाव |
| टोंक मंडी | 6600-7850 |
| कोटा मंडी | 5800–7250 |
| बूंदी मंडी | 6800–7700 |
| नोहर मंडी | 7400–8025 |
| मालपुरा मंडी | 8000-8328 |
| सिरसा मंडी | 7500–7776 |
| संगरिया मंडी | 7380 |
| बीकानेर मंडी | 7000–7350 |
| जयपुर मंडी | 7100-8250 |
| आदमपुर मंडी | 7990 |
| मेड़ता मंडी | 7600-7900 |
| गोयल प्लांट | 7200-8650 |
| अलवर मंडी | 7550–8100 |
| नागौर मंडी | 7,900 |
| दौसा मंडी | 7000–8200 |
| सिवानी मंडी | 8100 |
| श्री गंगानगर मंडी | 6900-8100 |
| चरखी दादरी मंडी | 6750-8000 |
Disclaimer : लेख में दिए गए सरसों के भाव अन्य कई स्रोतों और मंडी के व्यापारियों से लिए गए हैं. माल की क्वालिटी के हिसाब से कीमतों में फेरबदल सकता है.
