अगेती और पछेती बुआई के लिए बेस्ट है गेहूं की ये वैरायटी
gehu ki variety : खरीफ का सीजन खत्म हो चुका है और लगभग सभी फसलों की कटाई चल रही है। बाजरा, धान और नरमा की फसल कट चुकी है। अब किसान गेहूं की बिजाई के लिए खेतों को तैयार कर रहे हैं। बिजाई से पहले किसानों को यह चिंता रहती है कि गेहूं की कौन सी वैरायटी लगाएं। गेहूं की पूरी फसल बीज की क्वालिटी पर निर्भर करती है। अगर अच्छी क्वालिटी का बीज हो तो पैदावार बंपर होती है। चलिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं आगेती और पछेती बिजाई के लिए गेहूं की कौन सी वैरायटी बेस्ट है।
HR Breaking News - रबी सीजन शुरू होने वाला है किसान गेहूं और सरसों की बिजाई के लिए खेतों को तैयार कर रहे हैं। इस समय सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस बार गेहूं का कौन सा बीज सबसे बेस्ट है। बता दें कि गेहूं की बिजाई के समय वैरायटी (gehu variety) का चुनाव करते समय अगर गलती करते हैं तो वह फसल की पैदावार और कमाई पर असर डालती है। इस बार रबी किशन मेले में उन्नत किस्म फसल सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीक के बारे में किसानों को जानकारी दी गई है।
बुवाई के समय इन बातों की रखें ध्यान -
सबसे पहले बात करेंगे की बुवाई के समय किन बातों का ध्यान रखना होता है। गेहूं की बुवाई में ज्यादा देरी करने से फसल को पक्कते समय ज्यादा तापमान झेलना पड़ता है जिससे उत्पादन काम हो सकता है।
गेहूं की बिजाई करते समय न करें ये गलतियां -
बीज और मिट्टी से फैलने वाले रोगों से बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक, बीजोपचार करें। उपचार के लिए अनुशंसित दवा और निर्धारित मात्रा का उपयोग करें।
ध्यान रहे की खेत में ज्यादा बीज डालने से हमेशा ज्यादा उत्पादन नहीं मिलता है। बुवाई के समय और बुवाई की विधि के मुताबिक बीज की मात्रा निर्धारित करें।
खेत में खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच जरूर करवाएं। इससे यह पता चलेगा की मिट्टी में किस चीज की कमी है। इसके बाद जरूरत के अनुसार, पोषक तत्व दिए जा सकते हैं और अनावश्यक खर्च भी कम होंगे।
धान की कटाई के बाद पराली को जलाने की बजाय उसे मिट्टी में मिलाएं। Happy Seeder या स्मार्ट सीडर जैसी तकनीक का उपयोग परिस्थितियों के अनुसार किया जा सकता है। सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण भी कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसा रही करें।
अगेती बुवाई और समय पर बिजाई की किस्में - (wheat variety)
अगेती बुवाई (gehu ki variety) और समय पर बिजाई के कई विकल्प है। हरियाणा समेत उत्तर पश्चिम मैदानी क्षेत्र में आगे की बुवाई और अच्छी उर्वरता वाली परिस्थितियों के लिए DBW- 370 (करण वैदेही), DBW 371, DBW 372, DBW 327, DBW 3032, DBW 303 जैसी किस्में बेहतर हैं। वही समय पर बुवाई के लिए DBW 222, DBW 187 और सीमित सिंचाई की परिस्थितियों में DBW 296 अच्छी गेहूं की किस्म है।
सावधानी बरतें -
किसानों को इस बात का ध्यान रखना है कि बाजार में कोई नई किस्म (gehu new variety) का नाम सुनकर बीज न खरीदे। अपने क्षेत्र और बुवाई की परिस्थितियों के मुताबिक की बीज का चुनाव करें। अगेती किस्म के लिए उपयुक्त किस्म को देर से बोने या समय पर बुवाई वाली किस्म को ज्यादा लेट होने से उत्पादन घट सकता है।
