विश्व में बढ़ी भारतीय चावल की मांग, धान की कीमत में 700 रुपये की तेजी
HR Breaking News (rice rates) : धान के सीजन में बासमती की विभिन्न किस्मों के अच्छे भाव मिलने से किसानों को राहत मिली है। कैथल की मंडी में मुच्छल और 15009 किस्म का भाव 4800 रुपये बासमती 1718 के दाम भी 4500 रुपए प्रति किलोमीटर तक मिल रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार कई किस्मों के भाव में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर 1509 किस्म के भाव में करीब हजार रुपए प्रति मिनट तक का अंतर पाया गया है।
आगे भी अच्छे भाव मिलने की उम्मीद (rice rates india)
धान के दाम में तेजी के पीछे भारतीय चावल की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग को प्रमुख वजह माना जा रहा है। निर्यात को के अनुसार बाजार में पुराने चावल का स्टॉक कम होने से भी कीमतों को मजबूती मिली है। यदि निर्यात की मांग बनी रहती है तो किसानों को आगे भी अच्छे भाव मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा के इन जिलों की अहम हिस्सेदारी
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (All India Rice Exporters Association) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच भारत से करीब 85 लाख मैट्रिक टन चावल का निर्यात किया गया। इसमें हरियाणा (Haryana me dhan ke rate) की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत रही। प्रदेश के करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत जिले में बासमती चावल के उत्पादन और निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में चावल विदेशी बाजारों तक पहुंचता है।
34 हजार एकड़ में बासमती की खेती
कैथल जिले में इस सीजन किसानों ने करीब 34000 एकड़ भूमि पर बासमती धान (basmati rice) के अलग-अलग किस्में में उगाई है। ऐसे में भाव में बढ़ोतरी का असर बड़ी संख्या में किसानों के आमदनी पर पड़ सकता है। मंडी में बेहतर कीमत मिलने से किसान उत्साहित हैं और उन्हें आने वाले दिनों में मांग के अनुसार धान के भाव में और सुधार हो सकता है।