IMD Weather : मार्च में गर्मी के बाद लौट आई ठंड, 15 डिग्री गिर गया तापमान
HR Breaking News : (Weather Updates) देश के ज्यादातर इलाकों में पिछले चार से पांच दिन में मौसम काफी ज्यादा बदला है। दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में भी बीते कल सुबह से अचानक मौसम ने करवट ली और लोग हैरान हो गए क्योंकि एक तरफ जहां तपती गर्मी से लोग परेशान हो रहे थे और अब एकदम से बरसात का दौर शुरू हो गया।
राजधानी का तापमान
देश की राजधानी दिल्ली (Delhi Weather) में आज दिन का तापमान करीब 15°C रहा। मिली जानकारी के मुताबिक पता चला है कि अगले 6 दिनों तक तापमान बढ़ सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है। आज ईद के दिन जामा मस्जिद घने कोहरे से ढकी रही। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए वहां पहुंचे।
बीतें 2-3 तीन दिनों में तेज हवा और हल्की बरसात (Rain In Delhi) की वजह से तापमान नीचे है। बीतें कल अधिकतम तापमान कम होकर 21.7°C हो गया, जो पिछले 6 सालों में मार्च का सबसे ठंडा दिन (20 मार्च) रहा। इससे पहले 8 मार्च 2020 को तापमान 21.2°C दर्ज किया गया था। बरसात की वजह से हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हो गया है। करीब 5 महीने बाद वायु गुणवत्ता अपने सही लेवल पर पहुंची है। आज भी दिल्ली और उसके आस पास के इलाकों (Delhi Weather Updates) में बरसात नही हुई है।
फरीदाबाद के कई इलाकों में भी नजर आया कोहरा
पिछलें तीन-चार दिन से हो रही बरसात के बाद फरीदाबाद के ग्रामीण इलाकों में कोहरा छा गया है। मार्च महीनें में जनवरी और दिसंबर जैसा मौसम हो गया है। इस समय हो रहे कोहरे की वजह से फसलों को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान हो रहा है। बारिश से भीगी फसल ठीक से सूख (IMD Weather Updates) नहीं पा रही है। कई इलाकों में सरसों की कटाई चल रही है जो अब मौसम साफ होने तक रोकनी पड़ेगी। मौसम को देखकर किसान अभी भी परेशान हैं, क्योंकि कोहरा भी नमी बढ़ाता है और इसका असर बारिश जैसा ही होता है। IMD की तरफ से अपडेट जारी करते हुए बताया गया है कि 22 मार्च तक मौसम खराब रह सकता है।
नोएडा में भी कोहरे का कहर
दिल्ली से सटे इलाके नोएडा के मौसम (Delhi Weather News) ने भी करवट ले ली है। इन दिनों हो रही बरसात की वजह से ठंड का एहसास होने लगा। आज सुबह नोएडा में विजिबिलिटी बहुत कम रही और कई जगह यह 10 मीटर से भी नीचे पहुंच गई। सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी। बरसात की वजह से तापमान में भी गिरावट आई है। आमतौर पर मार्च में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन अभी सुबह और शाम ठंड महसूस हो रही है।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बदले हालात
पिछलें तीन-चार दिन से हो रही बरसात के बाद अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR News) में भी घना कोहरा छा गया है। ऐसा लग रहा है कि सर्दियों का मौसम एक बार फिर से आ गया है। IMD के विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुआ है। कोहरे की वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियां हो रही है।
कोहरे से यातायात पर असर पड़ा है। कई सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं और कुछ लोग दफ्तर भी देर से पहुंचे। बरसात की वजह से किसानों को भी नुकसान हुआ है।
शहर के लोगों को यह ठंडक अच्छी (Delhi-NCR Weather) लग रही है। कई लोग इसे गर्मी से राहत मान रहे हैं और कह रहे हैं कि मार्च में ही सर्दियों जैसा एहसास हो रहा है। मौसम विभाग (IMD Updates) की तरफ से कहा गया है कि आने वाले दिनों में तापमान फिर बढ़ सकता है, लेकिन फिलहाल कोहरा और हल्की ठंड बनी रहेगी।
बादलों का आवागमन
देश की राजधानी दिल्ली में मौसम (Delhi Weather) ने एकदम करवट ले ली है। लगातार तीसरे दिन शुक्रवार सुबह तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जिसके बाद पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में तेज हवाएं चलने से ठंडक बढ़ गई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
तापमान की बात करें तो बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को कमी देखी गई। न्यूनतम तापमान 17.6°C से घटकर 16°C हो गया, जबकि अधिकतम तापमान 26.8°C से गिरकर 21.7°C पर पहुंच गया। यह सामान्य से करीब 9.6°C कम है और मार्च 2020 के बाद सबसे कम तापमान माना जा रहा है।
दिनभर में करीब 7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे इस महीने की कुल औसत वर्षा 16.2 मिमी हो गई है। हालांकि, मार्च 2023 में इससे ज्यादा यानी 50.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। मौसम में आए इस बदलाव से लोगो को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन ठंड क की वजह से लोगों ने एक बार फिर से कंबल ओढ़ने शुरू कर दिए है।
दिल्ली में बारिश के बाद मौसम में बदलाव (Change In Weather) देखने को मिल रहा है। बीतें कल दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 93 दर्ज किया गया, जो पहले के मुताबिक बेहद सही मााना जा रहा है। हालांकि, आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में AQI 179 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है यानी हवा की गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।