Uttar Pradesh में बनेगा 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीन फिल्ड लिंक एक्सप्रेसवे, ये है पूरा रूट
Green Field Link Expressway UP : उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को बढ़ाने के लिए लगातार एक के बाद एक नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। अब यूपी वालों के लिए एक गुड न्यूज है। दरअसल, सरकार ने प्रदेश में नया ग्रीन फिल्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया है। यह एक्सप्रेसवे 56 गांव से होकर गुजरेगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए योगी सरकार ने 995 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
HR Breaking News - (New Expressway)। उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित होता हुआ राज्य है। प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अब यूपी में एक और नया ग्रीन फिल्ड लिंक एक्सप्रेसवे (New Green Field Link Expressway) बनाने की तैयारी चल रही है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में 56 गांवों से होकर गुजरेगा।
एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए इन सभी गांव से भूमि अधिग्रहित (land acquired) की जाएगी। मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे से वाया बुलंदशहर अब जेवर एयरपोर्ट से भी जुड़ेगा। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए योगी सरकार ने 995 करोड़ रुपये जारी किये हैं।
कब शुरू होगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य, कितना आएगा खर्चा -
नया ग्रीन फिल्ड लिंक एक्सप्रेसवे (UP New Green Field Link Expressway) बनने से मेरठ से लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए शासन ने बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे (Bulandshahr Link Expressway) बनाने का ऐलान किया था। अब इस लिंक एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण, निर्माण के लिए लगभग 1734 करोड़ की लागत आएगी। सरकार ने यह राशि मंजूर कर दी है। अब हाल ही में पहली किस्त के तौर पर 995 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
शासन ने बुलंदशहर जिले को 995 करोड़ रुपये जारी करते हुए जल्द से जल्द भूमि अधिग्रहण का काम पूरा करने को कहा गया है। उक्त राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दी गई है। मार्च-2026 तक भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की प्रक्रिया करने को कहा गया है। माना जा रहा है गंगा एक्सप्रेसवे के इस लिंक से मेरठ से वाया बुलंदशहर जेवर एयरपोर्ट जाना आसान होगा।
नोएडा-ग्रेनो की तर्ज पर बनेगा नया लिंक एक्सप्रेसवे -
बता दें कि गंगा को यमुना से जोड़ने वाले 74KM लंबा लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेनो की तर्ज पर बनाया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ दस से ज्यादा आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों को डेवलेप किया जाएगा। यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) को केक्ट करने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीन फिल्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाने जा रही है।
ये होगा नए एक्सप्रेसवे का रूट -
उत्तर प्रदेश में बनने वाला नया लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे पर 44.3 किलोमीटर यानी बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर यानी सेक्टर-21 फिल्म सिटी (Sector-21 Film City) के पास इससे कनेक्ट हो जाएगा। यहां पर इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 16 गांवों की लगभग 740 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इस एक्सप्रेसवे पर लगभग 1246 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
लिंक एक्सप्रेसवे से यमुना सिटी के सेक्टरों को होगा फायदा -
यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी (Yamuna City) के सेक्टर-4, 4ए, 5, 5ए,10, 11, 21, 28, 33, 34 और अन्य सेक्टरों को मजबूत कनेक्टिविटी देगा। इनमें सेक्टर 5ए जापानी सिटी, 4ए कोरियन, 11 फिनटेक और 21 फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित है। सेक्टर-5 शहर का सबसे प्राइम आवासीय सेक्टर होगा। सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 28 में सेमीकंडक्टर और मेडिकल डिवाइस पार्क, 33 व 34 में अन्य सामान्य औद्योगिक गतिविधियां होगी।
56 गांव से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे -
नए लिंक एक्सप्रेसवे (UP New Link Expressway) के निर्माण की जिम्मेदारी यूपीडा को सौंपी गई है। यह एक्सप्रेसवे 56 गांवों की भूमि से होकर गुजरेगा। इनमें गौतमबुद्धनगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। इनमें 14 गांव खुर्जा तहसील के हैं। बाकी बुलंदशहर, सियाना और शिकारपुर तहसील के रहेंगे। यह परियोजना करीब 4000 करोड़ रुपये में पूरी होगी। जमीन खरीद से लेकर एक्सप्रेसवे के निर्माण तक पूरा खर्च यूपीडा (UPEIDA) उठाएगा।
सेक्टरों को जोड़ने के लिए बनाई जाएगी 25-25 मीटर सर्विस लेन -
सेक्टरों की इंटर कनेक्टिविटी के लिए यमुना सिटी में लिंक एक्सप्रेसवे के कुल 20 किलोमीटर में से 11 किलोमीटर का हिस्सा नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे (Noida-Greater Noida Expressway) की तर्ज पर होगा। कुल 130 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे पर 80 मीटर का कैरिज वे और दोनों तरफ सेक्टरों को कनेक्ट करने के लिए 25-25 मीटर चौड़ी सर्विस लेन भी बनाई जाएगी। 9 किलोमीटर का हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) की तरह ऊंचाई पर बनेगा। यहां चोला में रेलवे लाइन समेत अन्य कारणों से कनेक्टिविटी के लिए अंडरपास बनाए जाएंगे। जैसे यमुना एक्सप्रेसवे पर बने हुए हैं।