Uttar Pradesh के 64 गांवों में भूमि खरीदने बेचने पर लगी रोक, देखें पूरी लिस्ट
HR Breaking News (Uttar Pradesh) यूपी के लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए और प्रदेश में योगी सरकार की ओर से नए-नए प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अब प्रदेश में एक प्रोजेक्ट के तहत 64 गांवों में भूमि खरीदने बेचने पर प्रतिबंध (Restrictions on buying and selling land) लगाया गया है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि प्रोजेक्ट के तहत किन 64 गांवों में भूमि खरीदने बेचने पर रोक लगाई गई है।
किस प्रोजेक्ट के तहत लगी खरीद-बिक्री पर रोक
बता दें कि शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (Shamli-Gorakhpur High Speed Corridor) प्रोजेक्ट के तहत जिले के 64 गांव में जमीन खरीद और बिक्री प्रतिबंध लगाया गया है। यह एक्सप्रेसवे जिले की दो तहसीलों बलरामपुर और उतरौला के 64 गांवों से होकर गुजरेगा। जैसे ही इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा, उसके बाद ही किसानों को जमीन बिक्री और खरीद की परमिशन मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण के लिए हुई गांवों की मार्किंग
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) की ओर से ये एक्सप्रेसवे जिन गांवों से निकलना प्रस्तावित किया गया है, उनके मैप की फोटोकॉपी ली गई है।जमीन अधिग्रहण के प्रोसेस के तहत ऐसा किया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे (UP Expressway) को 700 किमी बनाया जाएगा और 700 किमी लंबे 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पूर्वी यूपी को पश्चिमी यूपी से सीधे तौर पर कनेक्ट करेगा।नामित संस्था ने भूमि अधिग्रहण के लिए गांवों में मार्किंग का काम शुरू किया है। उसके बाद इस प्रोसेस के लिए किस किसान की कितनी जमीन ली जानी है, इसकी पूरी डिटेल तैयार की जाएगी।
इन 64 गांवों में नहीं होगी भूमि की खरीद-बिक्री
यूपी के जिन 64 गांवों की जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक (Ban on buying and selling of land) लगी है। उनमे बलरामपुर तहसील के 14 गांवों का नाम शामिल है। इन गांवों में देहात, सोनार, फत्तेजोत, भगवतपुर, बघनी, देवरावां, बांसेडीला, मधवाजोत, परसियाफाफी, कांदभारी, कटरा शंकरनगर, भीखपुर, राजघाट, तेंदुआ का नाम शामिल है।
वहीं, उतरौला तहसील के 50 गांवों का नाम शामिल है। इन गांवों में खरदेवरी, गुलवरयिा माफी, कोहिनिया, उपरौहुला, तेतारपुर, तिलहर, सकारा पाठक, सहदेइया, बभनीबजुर्ग, तिलखी बढ़या, परसौना एहतमाली, बायभीट, विशंभरपुर,रसूलपुर चांद, बरायल, बगहिया, फगुइया, लारम, टेढ़वा चुहचुहिया, मझारी दूल्हा, चिताही, पिपरी कोल्हुई, चंदापुर, पचौथा,मोहनजोत, नगरिया, देवरिया अर्जुन, बड़री, मस्तीजोत, नंदमहरा, पनवापुर, बभनपुरवा, अमारेभरिया, परसौना मुस्तहकम, खम्हरिया, खम्हरिया अलादाद, लखमा, महियाघाटम, खजुहा, टिकुइया, जनुकी, उतरौला ग्रामीण, महुआधनी, पूरे पांडेयजोत, बारम, बिरदा बनियाभारी, केवटली गांवों का नाम शामिल है, जिनकी खरीद-बिक्री पर रोक लग गई है।
जमीन चिह्नित कर लगाए जाएंगे पत्थर
बता दें कि शामली से गोरखपुर एक्सप्रेस-वे (Shamli to Gorakhpur Expressway) के निर्माण के तहत DPR की कार्रवाई के लिए दिल्ली की संस्था इंटरकांटिनेंटल कंसल्टेंट्स टेक्नोक्रेट्स को नॉमिनेट की गई है और भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई (land acquisition action) के लिए इससे जुड़े संस्था ने राजस्व से मैप लेने के बाद जमीन को मापने का काम शुरू कर दिया है।
एक्सप्रेस-वे के मैप के अनुसार जमीन चिह्नित कर पत्थर लगाने का काम किया जा रहा है, जिस पर गाटा नंबर छपा होता है। पचौथा गांव औरर बायभीट गांव में भी पत्थर लगाकर नंबर लिखा गया है। कर्मियों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के लिए अब जमीन ली जानी है।
किन जिलो से होकर गुजरेगा ये एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शुरू होगा और यह संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर,रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, बदायूं, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे जिलों से होकर जाएगा। यह एक्सप्रेसवे सीधे तौर पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और अंबाला-शामली इकोनामिक कारिडोर (Ambala-Shamli Economic Corridor) से कनेक्ट होगा।
प्रोजेक्ट निदेशक को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India) अयोध्या का पत्र मिल गया है और अब गांवों में जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लग गई है। दो महीनो के अंदर ही जमीन अधिग्रहण का प्रोसेस पूरा हो जाएगा।