Dearness Allowance Merger : सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी में मर्ज होगा या नहीं, सरकार ने दिया लिखित जवाब
DA Merger : अपने वेतन में बढ़ौतरी का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट आया है। देशभर के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से पहले डीए मर्ज के जरिये भी अपना वेतन बढ़ने की उम्मीद किए हुए हैं। लेकिन ऐसा हो पाएगा या नहीं, इस पर अब सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए लिखित में जवाब दे दिया है। सरकार के इस जवाब का इंतजार कर्मचारी और पेंशनर्स काफी समय से कर रहे थे। आइये जानते हैं डीए (DA Merger Before 8th CPC ) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने पर क्या कहा है सरकार ने।
HR Breaking News : (DA update)। एक ओर जहां 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स जनवरी 2025 के डीए (DA 2025) का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इसी बीच डीए को मूल वेतन में मर्ज करने को लेकर बड़ा अपडेट आया है। अब सरकार ने डीए को बेसिक सैलरी (basic salary hike) में मर्ज करने या न करने को लेकर लिखित में जवाब दिया है।
बता दें कि पिछले काफी लंबे समय से डीए को मूल वेतन में मर्ज (DA Merger in 8th Pay Commission) करने की मांग कर्मचारियों की ओर से लगातार की जा रही है। बड़े लंबे अरसे बाद कर्मचारियों को इस पर पूरी तस्वीर साफ हो सकी है। आइये जानते हैं डीए मर्ज (DA Merger latest news) करने को लेकर क्या कहना है सरकार का।
इसलिए हो रही थी डीए मर्ज की चर्चाएं-
जब भी महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से ऊपर चला जाता है तो कर्मचारियों की ओर से इसे मूल वेतन में मर्ज किए जाने की मांग उठने लगती है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत कर्मचारियों को 53 प्रतिशत डीए (dearness allowance) दिया जा रहा है। यह बढ़ती महंगाई के बीच सुचारु तरीके से खर्च चलाने में कर्मचारियों की मदद करता है।
महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief) जब 50 फीसदी से ऊपर हो जाते हैं तो इसे बेसिक सैलरी और पेंशन में मर्ज करने का नियम रहा है। इसी कारण अब इसे मर्ज किए जाने की चर्चाएं हो रही हैं। अब ये सवाल उठ रहे थे कि क्या सरकार 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट (DA merge Before 8th CPC report ) आने से पहले इसे बेसिक सैलरी या पेंशन में मर्ज करेगी? इसी पर सरकार ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में एक सांसद की ओर से पूछे गए सवाल का लिखित में जवाब दिया है।
सरकार ने दिया यह जवाब-
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक राज्यसभा सांसद की ओर से डीए व डीआर (DA/DR hike) को लेकर किए गए सवाल का लिखित में जवाब दिया है। इसमें स्पष्ट कर दिया गया है कि 8वें वेतन आयोग से पहले यानी इस साल तक तो महंगाई भत्ते (dearness allownce update) को बेसिक सैलरी या पेंशन में मर्ज करने की सरकार की कोई योजना या प्रस्ताव ही नहीं है।
बता दें कि साल में दो बार सरकार की ओर से कर्मचारियों (central employees) की सैलरी और पेंशन में DA व DR की दरें संशोधित की जाती हैं। पहली बढ़ौतरी 1 जनवरी से 31 जून तक व दूसरी बढ़ौतरी 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक के लिए की जाती है। डीए बढ़ौतरी (DA hike news) ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आंकड़ों पर निर्भर करती है।
मूल वेतन से अलग रखा DA - DR
वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी (pankaj chaudhary) इस बारे में पहले भी जानकारी दे चुके हैं कि DA और DR को मूल वेतन से अलग ही रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कर्मचारियों, पेंशनर्स को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (dearness relief) महंगाई से लड़ने में सक्षम बनाने के लिए दिया जाता है। बता दें कि डीए (DA) को केंद्र सरकार के लेबर ब्यूरो, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है।
इस वेतन आयोग में इतनी बार बढ़ा डीए-
7वें वेतन आयोग (7th pay commission) को लागू हुए 9 साल से अधिक का समय हो गया है। इसे 1 जनवरी 2016 में लागू किया गया था। तब से लेकर अब तक कुल 15 बार बढ़ा DA बढ़ाया (Da Hike) जा चुका है। यह हर छह माह में यानी साल में दो बार बढ़ा है। कोरोना काल में तीन तिमाही का डीए रोक लिया गया था। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनर्स को महंगाई से राहत दिलाने के लिए DA और DR की दरों में संशोधन किया जाता है।
ये आ सकता है बदलाव-
सरकार की ओर से डीए (DA latest news) पर आए जवाब से अब क्लियर हो गया है कि 8वें वेतन आयोग (8th CPC salry hike) के लागू होने से पहले सरकार का DA को बेसिक सैलरी या पेंशन में मर्ज करने का कोई प्लान नहीं है। इस अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है, देखना यह है कि सरकार कब तक इस मुद्दे पर क्या फैसला लेगी।