बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, हिसार में पावरकट से व्यवस्था ठप
HR Breaking News (electricity workers strike) बिजली कर्मचारियों की हड़ताल अब भी जारी है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। बिजली व्यवस्था (electricity workers strike) सुचारू न होने से लोग दो दिन से परेशान है, जिससे अब लोगों का सब्र का बांध टूट गया है। हिसार के कई हिस्सों में पावरकट से व्यवस्था ठप हो गई है। खबर में जानिए बिजली कर्मचारियों ने किन कारणों से यह हड़ताल की है और यह हड़ताल कब तक चलने वाली है।
बिजलीघरों पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात
बिजली सप्लाई (haryana me power supply) बाधित होने से घर व दुकान के इनवर्टर भी बंद हो गए। हड़ताल के बीच हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के 291 में से 240 कर्मचारियों भी काम से दूर रहे। DHBVN के मुख्यालय विद्युत सदन में अलग-अलग विंग के एसई,एक्सईएन और अन्य कर्मचारी गेट पर इकट्ठे हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बिजलीघरों पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहें हैं।
हिसार के 120 गांव में बिजली व्यवस्था ठप
बिजली कर्मियों की हड़ताल (bijli karmiyon ki hadtaal) से हिसार जिले के 197 गांव में से लगभग 120 गांव में बिजली व्यवस्था ठप है। बीते दिनों भी लगभग 8:30 बजे बरवाला में बिजली घर के सामने लोगों ने रोड जाम कर दी। पुलिस ने समझा कर जाम तो खुलवा दिया और रात 9:00 बजे शहर के आजाद नगर में मौजूद बिजली घर का लोगों ने घेराव कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की।
हिसार सर्कल में इतने कर्मचारी है हड़ताल पर
तोशाम रोड पर सेक्टर 16-17 में मौजूद पावर हाउस के बाहर भी लोगों ने 2 घंटे विरोध प्रदर्शन किया। उसके बाद खुद चीफ इंजीनियर कर्मचारी (kab tak chalegi bijli karmiyon ki hadtaal) को साथ लेकर पहुंचे, तब जाकर सेक्टर की बिजली बहाल हुई। हिसार सर्कल में 1610 में से 1608 अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं, जिसके चलते 33 KV और 11KV के 28 सब स्टेशन से बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप (kha kha rhi power supply stopped) रही है। मॉडल टाउन इलाके में दो दिन से गुल हुई बिजली बीते दिनों रात 12:00 तक नहीं आई थी।
अग्रोहा इलाके के इन गांव में बिजली रही बाधित
अग्रोहा इलाके के श्यामसुख, नंगथला, कुलेरी, किराड़ा और कनौह के साथ कई गांव में बिजली सप्लाई बाधित रही है। रायपुर, शिकारपुर, नियाणा, खोखा, मिर्जापुर, खरकड़ी में भी 24 घंटे बाद सप्लाई सुचारू नहीं हो सकी। बिजली संकट से घरेलू कामकाज भी प्रभावित हुआ है। राजली के 33KV से शाम 7:05 पर बिजली सप्लाई बहाल की गई।
DHBVN के अधीन 11 जिलों और हिसार के साथ ही विद्युत सदन के कई विंग में कुल 10609 कर्मियों में से 10013 हड़ताल (Strike in Vidyut Sadan Wing) में शामिल रहे हैं। यह कुल संख्या का 94.38 प्रतिशत है। कई शाखाओं में कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं, जिसके चलते बिजली सप्लाई व्यवस्था संभालने में अधिकारियों को मुश्किल हो रही है।
हिसार सर्कल के इन हिस्सों में बिजली व्यवस्था रही ठप
हिसार सर्कल में (Hisar Circle Electricity System) उमरा, आर्य नगर, सदलपुर, गोरखपुर, मोडाखेड़ा, भोजराज, सिसवाल और सेक्टर 27-28 के 33 KV0 सब-स्टेशन प्रभावित रहे हैं। साथ ही ओल्ड टिब्बा, खेड़ी दौलतपुर, जींद रोड, हाईवे, भिवानी रोहिल्ला, मिलकपुर, खैरपुर, दौलतपुर, आईटीआई फीडर, ढाणी गारन,सातरोड अर्बन, तुलसी विहार, बीड़, विराटनगर, महलसरा, आदमपुर मंडी, जुगलान और AIR के 11 केवी सबस्टेशन पर भी बिजली व्यवस्था ठप रही है।
कितना है DHBVN का सालाना राजस्व
बिजली कर्मचारी और इंजीनियर संयुक्त मोर्चा के नेता और जसवंत सिंह का कहना है कि DHBVN का सालाना राजस्व (Annual revenue of DHBVN) लगभग 27,000 करोड़ रुपए के आसपास है, जिसमें गुरुग्राम जिले से 14000 करोड़ रुपए मिलते हैं। उन्होंने समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले पर प्रश्न उठाया है और उनका कहना है कि निजीकरण से लोगों को मिलने वाली सब्सिडी और रियायतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। आज अन्य कर्मचारी संगठनों और किसान यूनियन के सदस्य बिजली कर्मियों के समर्थन में विद्युत सदन पहुंचने वाले हैं।
कब तक जारी रहेगा आंदोलन
हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव का कहना है कि प्रदेश सरकार की तानाशाही के विरोध में बिजली (electricity workers ne kyu ki strike) कर्मचारी, अधिकारी हड़ताल पर है। DHBVN में 94 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर है। सरकार जब तक समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस (Parallel Power Distribution License) देने का ऐलान वापस नहीं लेती है, तब तक आंदोलन जारी रहने वाला है।
DHBVN के चीफ इंजीनियर का कहना है कि हमने फील्ड में रहकर पावर हाउस चालू करवाने का प्रयत्न किया है, लेकिन कर्मचारी बिजली कट कर रहे थे। बरवाला में भी खेदड़ प्लांट से कर्मचारी लेकर सप्लाई शुरू करवाने गए थे। हड़ताल के चलते फॉल्ट भी ठीक नहीं हो रहे हैं।