gov employee pension : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, बेसिक सैलरी की मिलेगी 50% पेंशन
gov employee pension : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नए वेतन आयोग के लागू होने से पहले बड़ा अपडेट आ गया है। केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी की 50 प्रतिशत राशि कर्मचारियों को पेंशन (employee pension) के रूप में मिलेगी। लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह गुड न्यूज है।
HR Breaking News (gov employee pension) : केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्मचारियों की पेंशन (gov employee pension) अब उनकी सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा होगी। केंद्र सरकार में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए यह बड़ा फायदे का अपडेट है। आइए जानते हैं कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े इस बड़े अपडेट के बारे में -
अब मिलेगी कर्मचारियों को ये पेंशन
केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों (gov employees) के लिए अच्छी खबर दी है। पेंशन रेगुलेटर (PFRDA) की ओर से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) अमल में लाई जा रही है। इसको लेकर यूपीएस की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि कर्मचारियों के लिए इसमें सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों में मिली औसत मूल सैलरी का 50% हिस्सा पेंशन के रूप में देना सुनिश्चित किया है।
राष्ट्रीय पेंशन स्कीम में आने वाले कर्मचारियों को लाभ
पेंशन को लेकर जारी की गई अधिसूचना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंडर आने वाले कर्मचारियों को लाभ देगी। 24 जनवरी 2025 को जारी यूपीएस अधिसूचना का अनुसरण नई अधिसूचना कर रही है। इसमें केंद्र सरकार के (gov employee pension) कर्मचारियों के लिए कई लाभ शामिल हैं।
1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम
देश में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल 2025 से लागू होंगे। इनका लाभ एक अप्रैल 2025 तक सेवा में मौजूद केंद्रीय कर्मचारियों जो एनपीएस (NPS) में आते हैं को मिलेगा। वहीं, केंद्र सरकार की सेवाओं में अप्रैल 2025 में या उसके बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन होंगे नामांकन
यूपीएस पेंशन (UPS Pension Scheme) स्कीम में रजिस्ट्रेशन के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सभी श्रेणियों के लिए नामांकन और दावा फॉर्म एक अप्रैल 2025 से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। एनपीएस से कर्मचारी यूपीएस पेंशन स्कीम में स्वीच कर सकते हैं। इससे कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार योजना का चयन कर सकते हैं। वहीं, कर्मचारियों के पास फॉर्म को भौतिक रूप से जमा करने का विकल्प भी है।
जानिए यूपीएस और एनपीएस में क्या है प्रावधान
यूपीएस को लेकर जारी अधिसूचना के अनुसार कर्मचारी को सेवा से हटाए जाने और बर्खास्त किए जाने या फिर इस्तीफे पर यूपीएस या सुनिश्चित भुगतान की गारंटी नहीं होगी। अधिसूचना के अनुसार पूर्ण सुनिश्चित भुगतान की दर 25 वर्षों की न्यूनतम नौकरी के बाद है। इसमें सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी का 50% हिस्सा मिलेगा।
एनपीएस और यूपीएस में से चयन का रहेगा विकल्प
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूपीएस और एनपीएस के बीच चयन करने का विकल्प रहेगा। बता दें कि एनपीएस को केंद्रीय कर्मचारियों (Gov Employees pension) के लिए जनवरी, 2004 को लागू हुआ था। इसके बाद अब कर्मचारियों की मांग पर यूपीएस लाई गई है।