Property Rate Hike : दिल्ली-मुंबई से ज्यादा छोटे शहरों में बढ़ी प्रोपर्टी की कीमत, आने वाले 4 साल में मंदी रहेगी या तेजी
HR Breaking News (Property Rate) इस बढ़ती महंगाई में प्रोपर्टी खरीदना आसान नहीं है। प्रोपर्टी के बढ़ते दामों के चलते तो आम लोगों के लिए सपनो का घर खरीदना मुश्किल हो गया है। वैसे तो पहले से ही बड़े शहरों में जमीन खरीदना आम लोगों के लिए मुश्किल था, लेकिन अब छोटे शहरों में भी प्रोपर्टी की कीमतें (Property Rate News) लगातार बढ़ रही है। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
आगामी समय में कितने बढ़ेंगे जमीन के भावों
बीते कुछ सालों के दौरान देश के टियर-2 और टियर-3 (Rise of Tier-2 and Tier-3 Cities) शहरों में खूब मजबूती देखी जा रही है। सरकार की ओर से इन शहरों में इन्वेस्टमेंट बढ़ता रहा है। आंकड़ो के अनुसार आगामी 2 से 4 साल में इन शहरों में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। बता दें कि द राइज ऑफ टियर-2 एंड टियर-3 सिटीज (Real Estate Growth Cycle) शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कई चीजों की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार की बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित विकासोन्मुख नीतियों के तहत तय समय सीमा में कुछ मुख्य कॉरिडोर में जमीन के भावों में 25 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।
किन कारणों से बढ़ेंगी सोने की कीमतें
रिपोर्ट के अनुसार रोजगार बढ़ने के साथ ही लॉजिस्टिक्स नेटवर्क (Logistic Network) को नई मजबूती मिलती है और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की ग्रोथ होती है तो ऐसी परिस्थिती में इन इलाको में जमीन की कीमतों में तैयार हाउसिंग बाजार (Housing Market) के मुकाबले ज्यादा तेजी से इजाफा होता हैं। यानी की तेज विकास का असर सबसे पहले जमीन की कीमतों में तेजी के रूप में दिखता है।
जमीन की कीमतों में बढ़ौतरी के कारण
रिपोर्ट के अनुसार तेजी से विकसित हो रहे इन शहरों (Land price in Tier 2 and Tier 3 ) में जमीन की कीमतों (jamin ke rate) में बढ़ौतरी के कई कारण हो सकते हैं। इन कारको में जिन प्रोपर्टी की दूरी मेट्रो कॉरिडोर से 500 मीटर से 1 किलोमीटर के मध्य होती है, वहां आमतौर पर 8 से 25 प्रतिशत तक प्रीमियम देखा जाता है। मेट्रो प्रोजेक्ट (Property Rate Hike) पूरा होते ही पूरे कॉरिडोर में कीमतें में लगभग 15 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।
एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट (expressway project) के प्रभाव वाले इलाकों में प्रोजेक्ट के ऐलान से लेकर पूरा होने तक जमीन की कीमतों में तकरीबन 30 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।
इसके साथ ही जो शहरी इलाके तेजी से विकसित हो रहे हैं, उन इलाको ओर प्लॉटेड डेवलपमेंट और जमीन के बाजार में बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलते ही कई सालों में कीमतें 80 प्रतिशत से 100 प्रतिशत से ज्यादा तक बढ़ स कती है।
इसके साथ ही जहां पर रोजगार के अवसर सृजित होते हैं, वहां जमीन की कीमतों (Jamin Ki Kimatein) में 20 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।
नए स्तर पर पहुंचा रियल एस्टेट बाजार
स्क्वायर यार्ड्स के सीईओ का कहना है कि देश का रियल एस्टेट बाजार (real estate market) अब नए स्तर पर पहुंच रहा है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, रोजगार के नए अवसर और आर्थिक स्थिरता काफी अहम भूमिका निभा रहे हैं। जैसे-जैसे इन इलाको में इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को बसाया जाएगा। वैसे ही यहां पर रोजगार के अवसर सृजित होंगी, जिससे मकान खरीदने वालों की होड़ यहां पर बढ़ेगी। जिससे लोगों को आवास मिल सकेंगे और उभरते शहरों में संतुलित व टिकाऊ शहरी विकास (sustainable urban development) को नई दिशा मिलेगी।
कौन से शहर बनेंगे ग्रोथ इंजन
रिपोर्ट के अनुसार बजट 2026-27 में ऐलान (Budget 2026-27) किए गए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट से देश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ये गतिविधियां अब पारंपरिक महानगरों से आगे होकर नए शहरों तक फैलने लगेंगी। ऐसे में भुवनेश्वर, कटक, इरोड, पुरी, वाराणसी और विशाखापत्तनम जैसे कई शहर आगामी समय में रियल एस्टेट को नई मजबूती दे सकते हैं। इससे इन शहरों में नए हाउसिंग कॉरिडोर बसाए जाने और मकानों की मांग बढ़ने के आसार है।