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Gold Silver Rate 2027 : 1 साल बाद क्या होगा सोने और चांदी का भाव, एक्सपर्ट ने की बड़ी भविष्यवाणी

Gold Price : सोने और चांदी की कीमतें सारे बैरियर तोड़कर हाई लेवल पर जा पहुंची है। पिछले काफी दिनों से दोनों कीमती धातुओं के रेट तेजी से दौड़ रहे हैं। 11 मार्च और 12 मार्च को सोने और चांदी में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इस बीच खरीदार और निवेशकों के बीच कन्फ्यूजन बना हुआ है कि 1 साल बाद सोने और चांदी की कीमत क्या होगी। चलिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं-

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Gold Silver Rate 2027 : 1 साल बाद क्या होगा सोने और चांदी का भाव, एक्सपर्ट ने की बड़ी भविष्यवाणी 

HR Breaking News - (Gold Price Prediction 2027)। सोने और चांदी की कीमतों लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बीते साल यानी 2025 में सोने और चांदी कीमतों ने तगड़ा रिटर्न दिया। साल 2026 की शुरुआत में भी दोनों कीमती धातुओं में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिली है, लेकिन फरवरी की शुरुआत में सोने और चांदी में ऐतिहासिक गिरावट आई। इसके बाद से लगातार सोने और चांदी के रेट (Gold-Silver Rate) एक दायरे में कारोबार कर रहे हैं।

आज एक बार फिर चांदी की कीमतों (Chandi Ki Kimat) में जबरदस्त उछाल आया है वही सोने में हल्की गिरावट देखने को मिली है। इससे निवेशक और खरीदारों की टेंशन बढ़ रही है। हर कोई यह जानना चाहता है कि अगले साल यानी 2027 में सोने और चांदी की कीमत क्या होगी। इसको लेकर हाल ही में एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। चलिए नीचे खबर में जानते हैं -


BMO की भविष्यवाणी - 


कनाडा के प्रतिष्ठित बैंक BMO कैपिटल मार्केट में दावा किया है कि अगले कुछ ही सालों में सोने और चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rate) उन स्तरों पर जा पहुंचेगी, जिसकी आज कल्पना करना भी आम आदमी के लिए मुश्किल है।

2027 में इतना होगा सोने-चांदी का रेट - 

BMO कैपिटल मार्केट की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक हालात जिस दिशा में जा रहे हैं उसे देखते हुए अगले साल 2022 तक सोने का रेट (Sone ka rate) 8,650 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। वहीं चांदी भी इस मामले में पीछे नहीं रहेगी। चांदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 220 डॉलर प्रति औंस के उस स्तर को छू सकती है। अगर हम भारतीय रुपए में इस गणित को समझ तो 2027 की चौथी तिमाही तक 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Price Hike) लगभग ₹3,00,000 हो सकती है। वहीं चांदी की कीमत जानकर तो आपके होश उड़ जाएंगे। मौजूदा आंकड़े को देखते हुए चांदी 7,20,000 प्रति किलोग्राम के स्तर को छू सकती है।

इस वजह से आएगी भारी तेजी - 


अब सवाल यह उठता है कि आखिर कीमतों में अचानक इतनी बड़ी तेजी आएगी कैसे। बैंक के कमोडिटी एनालिस्ट का कहना है कि दुनिया का जियो पोलिटिकल और फाइनेंशियल ऑर्डर तेजी से बदल रहा है। रिपोर्ट में सेल अमेरिका ट्रेड का जिक्र किया गया जिसका मतलब है कि अमेरिकी डॉलर और वहां के बैंड मार्केट में कमजोरी आ रही है। निवेशकों का भरोसा कागजी मुद्रा से उठ रहा है। अनिश्चित के माहौल में निवेशक अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए सेफ हवन माने जाने वाले सोने और चांदी की तरफ रख कर रहे हैं।

2026 और 2027 में क्या होगी चांदी की कीमत - 


अक्सर निवेशक सोने की चमक में चांदी (Sone Chandi ka Rate) को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन BMO की रिपोर्ट ने चांदी को लेकर अपना नजरिया पूरी तरह बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोने के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन काफी तेज है, जिससे गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 50 से नीचे आ गया है। नए ग्लोबल रिस्क एनवायरनमेंट में चांदी एक मजबूत संपत्ति बनकर उभर रही है. बैंक का अनुमान है कि 2026 के अंत तक चांदी 160 डॉलर प्रति औंस और 2027 के अंत तक 220 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी।

इस वजह से 100% महंगा होगा सोना-चांदी - 

हालांकि, यह भारी-भरकम तेजी कुछ विशेष परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। BMO का कहना है कि यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) हर तिमाही औसतन 8 मिलियन औंस सोना खरीदना जारी रखेंगे. इसके अलावा, Gold ETF में भी हर तिमाही 4 से 5 मिलियन औंस का निवेश आना जरूरी है. अगर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी जारी रहती है और रियल यील्ड कम बनी रहती है, तो सोने की कीमतें 2026 की चौथी तिमाही तक 6,350 डॉलर प्रति औंस और 2027 तक 8,650 डॉलर प्रति औंस के जादुई आंकड़े को छू लेंगी।