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पंजाब एंव हरियाणा हाइकोर्ट से याचिका खारीज, पीजीटी भर्ती व प्रमोशन के लिए एचटेट अनिवार्य

Haryana News : पंजाब एंव हरियाणा हाइकोर्ट (Punjab and Haryana High Court news) ने पीजीटी भर्ती व प्रमोशन के लिए एचटेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य बताया है। कोर्ट की और से ये दलील देते हुए याचिकाकर्ताओं की याचिका खारज कर दी गई है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से आगे खबर में।

 

HR Breaking News (Haryana News) : हरियाणा में स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) के पदों पर भर्ती और पदोन्नति के लिए हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) या स्कूल शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटेट) पास करना अनिवार्य रहेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने इस शर्त को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (rashtriya adhyapak shiksha parishad) की ओर से निर्धारित योग्यताएं न्यूनतम मानक हैं। राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से इनके अलावा अतिरिक्त पात्रता भी तय कर सकती है।

 

जस्टिस पीइ ने दिया ये फैसला 

 

जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी (Justice Harsimran Singh Sethi) और जस्टिस मिंदरजीत यादव की खंडपीठ ने कहा कि पीजीटी के लिए एचटेट या एसटेट अनिवार्य करने का निर्णय न तो मनमाना है और न ही इसे अवैध या अधिकार क्षेत्र से बाहर माना जा सकता है। हरियाणा राज्य शिक्षा विद्यालय ग्रुप-बी सेवा नियम, 2012 में भी पीजीटी पद के लिए यह परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रावधान है।

याचिकाकर्ताओं ने एनसीटीई के नियमों का दिया हवाला

 

याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि एनसीटीई (NCTE) की 12 नवंबर 2014 की अधिसूचना में 11वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य नहीं की गई है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त योग्यता लागू करना केंद्रीय प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। 

पीजीटी को निचली कक्षाओं में भी पढ़ाना पड़ता है

 

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीजीटी शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल 11वीं और 12वीं कक्षा तक सीमित नहीं है। उन्हें सातवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी पढ़ाना पड़ता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (Right to Education Act, 2009) के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा जरूरी है। खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित कक्षाओं में अध्यापन के लिए इस परीक्षा को अनिवार्य योग्यता माना गया है। ऐसे में पीजीटी शिक्षकों पर भी यह शर्त लागू करना अनुचित नहीं है।

 

सीधी भर्ती और पदोन्नति, दोनों में समान नियम

 

हरियाणा के वर्ष 2012 के सेवा नियमों के अनुसार, पीजीटी के 67 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 33 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाते हैं। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) से पीजीटी (PGT) बनने के लिए भी एचटेट या एसटेट उत्तीर्ण करना आवश्यक है। अदालत ने कहा कि यदि सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए यह योग्यता अनिवार्य नहीं रखी जाती, तो भर्ती और पदोन्नति के दोनों वर्गों के बीच असमानता पैदा हो सकती है।