8th Pay Commission पर सबसे बड़े अपडेट्स, जानें फिटमेंट फैक्टर से लेकर डीए तक पर रिपोर्ट
HR Breaking News (8th Pay Commission) केंद्रीय सरकार की ओर से नए पे कमीशन का गठन नवंबर 225 में कर दिया गया था और आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई है। अब इसी बीच फिटमेंट फैक्टर से लेकर डीए तक रिपोर्ट (8th Pay Commission Latest News ) को लेकर कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। आइए खबर में जानते हैं नए पे कमीशन से जुड़े अपडेट के बारे में विस्तार से-
वेतन आयोग के सामने रखी ये मांगे
दरअसल, आपको बता दें कि AITUC की ओर से वेतन आयोग के समक्ष 12 अहम मांगें रखी गई हैं। AITUC ने आयोग की अध्यक्ष को लेटर के द्वारा कर्मियों की सैलरी, पेंशन और अलाउंस में संशोधन की मांग की है। सरकारी कर्मचारियों की इन मांगो में फिटमेंट फैक्टर 3.0, ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) की बहाली आदि कई मांगे शामिल है। ट्रेड यूनियन की ओर से सैलरी के साथ ही पेंशन और काम करने के तरीकों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है।
कितना होना चाहिए फिटमेंट फैक्टर
AITUC का कहना है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर 3.0 तय किया जाना चाहिए। बात करें फिटमेंट फैक्टर की तो फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है, जिसके बेस पर कर्मियों की नई सैलरी और पेंशन में संशोधन किया जाता है। यूनियन के अनुसार अगर नए पे कमीशन के तहत 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो इससे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर बढ़ौतरी हो सकती है है और उनकी आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी।
फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग
कर्मचारियों यूनियंस की ओर से सैलरी तय करने के लिए जो फैमिली यूनिट (family unit) यूज होती है, उसे बढ़ाने की भी मांग की है।7वें वेतन आयोग में तीन यूनिट जिसमे पति, पत्नी और दो बच्चे का फॉर्मूले का अपनाया गया था। अब यूनियन की ओर से अब AITUC ने फैमिली यूनिट को बढ़ाकर 5 यूनिट करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें माता-पिता को जोड़ने की बात कही है।
अभी तो 7वें पे कमीशन के सभी 18 पे-लेवल के कर्मियों को सालाना 3 प्रतिशतत इंक्रीमेंट (Increment to 18 pay-level employees) मिलता है।AITUC की मांग है कि नए पे कमीशन में इसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट किया जाए।
OPS फिर से लागू करने की मांग
AITUC की ओर से नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) को समाप्त करने की मांग की है। AITUC के अनुसार पेंशनर्श की डिफर्ड सैलरी के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) को फिर से लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही यूनियन की ओर से हर 5 साल में पेंशन में 5 प्रतिशत का इजाफा करने का सुझाव भी दिया है।
कर्मचारियों ने उठाई प्रमोशन की मांग
AITUC की ओर से प्रमोशन सिस्टम में संशोधन (Amendment in promotion system) की मांग है। यूनियन के अनुसार 30 साल की सरकारी नौकरी में पांच प्रमोशन दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि मौजूदा सिस्टम में कर्मचारियों को लंबे समय तक प्रमोशन का लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में कर्मचारी लंबे समय तक एक ही पेास्ट पर अटके रहते हैं, जिससे कर्मियों का करियर वहीं रुका रहता है।
DA कैलकुलेशन के फॉर्मूले में संशोधन
कर्मचारी यूनियंगस की ओर से पेंशन कम्यूटेशन को बढ़ाने की अवधि को भी कम करने का प्रस्ताव दिया है।अभी पेंशन कम्यूटेशन की रकम 15 साल बाद बहाल होती है, जिसे कम कर 11 से 12 साल करने की मांग उठाई गई और साथ ही महंगाई भत्ता (dearness allowance) कैलकुलेशन के फॉर्मूले में संशोधन का सुझाव दिया है।
कर्मचारी यूनियन ने रिटायरमेंट के समय जो लीव एन्कैशमेंट दिया है, उसकी लिमिट बढ़ाने का सुझााव दिया है। अभी तो फिलहाल कर्मचारी अधिकतम 300 दिन की छुट्टियों का एन्कैशमेंट ले सकते हैं।AITUC की ओर से इसे बढ़ाकर 450 दिन करने की मांग की है।
यूनियंस ने की अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग
इसके साथ ही यूनियन की ओर से रिस्क और हार्डशिप अलाउंस बढ़ाने, कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट, महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल लीव औरपेटरनिटी लीव(Paternity Leave)देने की मांग उठाई गई है। इतना ही नहीं यूनियन की ओर से रेलवे, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (central armed police force) और रक्षा क्षेत्र के सिविल कर्मचारियों के लिए मुआवजा देने का सुझाव दिया गया है।
यूनियन ने मांग रखी है कि कर्मियों को ड्यूटी के दौरान मौत पर 2 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए और बड़े हादसे पर 1.5 करोड़ रुपये और छोटे हादसों पर 10 से 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए।
AITUC ने अग्निवीर योजना (Agniveer Yojana) को लेकर विरोधात्मक प्रदर्शन जताया है।यूनियन का कहना है कि सशस्त्र बलों में स्थायी भर्ती (Permanent Recruitment in Armed Forces) की व्यवस्था होनी चाहिए और मौजूदा अग्निवीरों को सेवा में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ कर्मियों को अच्छी शुरुआती सैलरी, स्पष्ट करियर प्रोग्रेस और अन्य लाभ भी दिया जाना चाहिए।
10। कॉन्ट्रैक्ट जॉब और आउटसोर्सिंग खत्म करने की मांग
इसके साथ ही यूनियन की ओर से केंद्र सरकार की जॉब में कॉन्ट्रैक्ट जॉब, आउटसोर्सिंग और लैटरल एंट्री को लेकर विरोध जताया है। AITUC की ओर से सरकार से लगभग 15 लाख वैकेंसी पोस्ट को नियमित भर्ती(Regular recruitment to vacant posts) के माध्यम से भरने की मांग की है। इसका फायदा यह होगा कि कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिल सकेगी और बेहतर करियर ग्रोथ मिलेगा।
कर्मचारी यूनियंगस की ओर से प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Productivity Linked Bonus) को कर्मियों के वास्तविक बेसिक वेतन के बराबर करने की मांग रखी है। अभी यह बोनस एक महीने के लिए अधिकतम 7,000 रुपये तक सीमित है।
AITUC के अनुसार इस पर कोई लिमिट नहीं होना चाहिए। यूनियन के अनुसार इस पर लगी लिमिट को हटाकर 18,000 रुपये के बराबर होना चाहिए यानी न्यूनतम 30 दिन की बेसिक सैलरी (basic salary) के बराबर होना चाहिए।
कर्मियों की सैलरी का रेश्यो
AITUC की ओर से सरकार से सभी विभागों में एक साथ ही सैलरी स्ट्रक्चर लागू करने को लेकर सुझााव दिया है। यूनियन का कहना है कि सकारी कर्मचारियों की सैलरी को प्राइवेट सेक्टर के स्टैंडर्ड से मर्ज (Merge with private sector standards) नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि दोनों की रिस्पॉन्सबलिटी बेहद अलग हैं।
यूनियन से मांग रखी है कि कर्मियों की सैलरी में मिनिमम और मैक्सिमम सैलरी का रेशियो (Maximum Salary Ratio) 1:10 होना चाहिए। अभी तो 7वें वेतन आयोग में यह रेश्यो लगभग 1:14 है, इस रेश्यो के हिसाब से मिनिमम सैलरी 18,000 रुपये और मैक्सिमम सैलरी 2,50,000 रुपये है।