हरियाणा के 279 प्राइमरी स्कूलों का नाम और सिस्टम पूरी तरह बदला, पहली क्लास से होगी अंग्रेजी में पढ़ाई
Haryana News : प्रदेश सरकार की और से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का शुरूआत से ही बेस लेवल मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा। खासकर इंग्लिश विषय को मजबूत करने के लिए अब शुरूआती स्तर पर ही ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
HR Breaking News (Haryana News) : सरकारी स्कूलों में बच्चों की शुरुआती कक्षा से बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के लिए शिक्षा विभाग (haryana govt school news) ने नई पहल की है। इसके तहत प्रदेश के 279 राजकीय प्राथमिक स्कूलों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों में पढ़ाई का तरीका बदलेगा और विद्यार्थियों अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा । इन स्कूलों को नई श्रेणी में शामिल किया गया है। इनमें हिसार के चार स्कूल गवर्नमेंट चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश (Government Chief Minister Excellence and Early English yojna) प्राइमरी स्कूल और तीन स्कूल गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति प्राइमरी (Government Model Sanskriti Primary) स्कूल बनाए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
इस बदलाव का (haryana siksha vibag) फायदा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है। अब अभिभावकों को बच्चों की शुरुआती पढ़ाई के लिए केवल निजी स्कूलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सरकारी स्कूलों में भी अंग्रेजी भाषा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया भी अलग होगी।
हिसार जिले के 7 स्कूल शामिल
सरकार की इस पहल में हिसार जिले (hisar school news) के सात स्कूलों को शामिल किया गया है। सीएम एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश में जिले के 4 प्राइमरी स्कूल शामिल है। इनमें आदमपुर खंड के सदलपुर का राजकीय प्राथमिक स्कूल, हिसार प्रथम खंड के राजकीय कन्या प्राथमिक स्कूल मंगाली झारा, उकलाना का राजकीय कन्या प्राथमिक स्कूल किनाला (Government Girls Primary School Kinala, Uklana) और मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल न्योली कलां शामिल है। वहीं दूसरी कैटेगरी मे मॉडल संस्कृति स्कूलों को शामिल किया गया है। इनमें आदमपुर के कोहली का राजकीय प्राथमिक स्कूल व हिसार-प्रथम के मल्लापुर के राजकीय प्राथमिक स्कूल व हिसार दो का सरसाना गांव का राजकीय प्राथमिक स्कूल शामिल है।
पहली कक्षा से ही होगी अंग्रेजी में पढ़ाई
नई व्यवस्था में शामिल सभी स्कूलों में पहली कक्षा की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से कराई जाएगी। दूसरी कक्षा से हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन चलाने का प्रावधान रहेगा। इससे विद्यार्थियों को शुरुआत से अंग्रेजी सीखने और आगे की पढ़ाई के लिए भाषा में मजबूत आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।
स्क्रीनिंग टेस्ट से होगी शिक्षकों की नियुक्ति
शिक्षकों की नियुक्ति भी सामान्य प्रक्रिया से अलग होगी मॉडल संस्कृति और पीएम श्री स्कूलों की तर्ज परस्क्रीनिंग टेस्ट और मेरिट के आधार पर शिक्षकों का चयन किया जाएगा।