Success Story : कभी बसों में बेचता था पेन, फिर इस आइडिया से बने 2300 करोड़ की कंपनी के मालिक

Success Story : आज हम आपको कुंवर सचदेव की कहानी बताने वाले हैं। जिन्‍हें कामयाब होने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। सचदेव ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए घर-घर जाकर पेन बेचा और मार्केटिंक का काम किया. लेकिन, मेहनत रंग लाई और आज सैकड़ों करोड़ की कंपनी के मालिक हैं। जानिए पूरी कहानी..
 

HR Breaking News (नई दिल्ली)। कहते हैं कि एक आइडिया आपकी पूरी जिंदगी बदल सकता है. ऐसा ही कुछ हुआ कुंअर सचदेव के साथ, जो पहले दो पैसे कमाने के लिए गली-गली पेन बेचते थे. एक दिन उन्‍हें आइडिया सूझा और मामूली पूंजी लगाकर ऐसा बिजनेस शुरू किया जो आज भारत ही नहीं, कई देशों में जबरदस्‍त कारोबार कर रहा है. मेहनत रंग लाई तो किस्‍मत भी चोखी हो गई और आज सचदेव करीब 3 हजार करोड़ की कंपनी के मालिक हैं.

सचदेव की यह कहानी हजारों युवाओं को प्रेरणा देने वाली है. उनके पिता एक रेलवे क्‍लर्क थे. बचपन ऐसी तंगी में बीता कि शुरुआती शिक्षा जो पहले प्राइवेट स्‍कूल में हो रही थी, सरकारी स्‍कूल से पूरी करनी पड़ी. आलम ये था कि उन्‍हें अपनी पढ़ाई का खर्च पूरा करने के लिए घर-घर जाकर पेन बेचना पड़ता था. कुंवर सचदेव का सपना बड़े होकर डॉक्‍टर बनना था, लेकिन किस्‍मत को तो कुछ और ही मंजूर था. कुछ साल नौकरी करने के बाद उन्‍होंने खुद का बिजनेस शुरू किया, जो आज करीब 3 हजार करोड़ रुपये है.

केबल कंपनी में किया काम:

ऐसा नहीं है कि कुंवर के सामने शुरुआई पढ़ाई में ही मुश्किलें आईं, बल्कि अपना ग्रेजुएशन करने के दौरान भी उन्‍होंने एक केबल कम्‍युनिकेशन कंपनी में मार्केटिंग का काम किया. कंपनी में काम करने के दौरान ही उन्‍हें समझ आया कि देश के केबल इंडस्‍ट्री में ओ ग्रोथ की काफी संभावना है. बस उन्‍होंने जॉब छोड़कर सू-कैम कम्‍यूनिकेशंस (Su-Kam Communication) नाम से एक कंपनी बनाई. बाद में इस कंपनी को पूरी तरह बदलकर सोलर प्रोडक्‍ट के उत्‍पादन में लगा दिया.

इनवर्टर से मिला आइडिया:

कुंवर सचदेव खुद बताते हैं कि उन्‍हें सोलर प्रोडक्‍ट वाली कंपनी बनाने का आइडिया अपने घर में लगे एक इनवर्टर से मिला. उन्‍होंने बताया कि घर में एक पुराना इनवर्टर लगा था, जिसमें घटिया क्‍वालिटी का मैटेरियल यूज किया गया था. इसके बाद उन्‍होंने इनवर्टर बनाने का फैसला किया और साल 1998 में कंपनी का नाम बदलकर सू-कैम पॉवर सिस्‍टम (Su-Kam Power System) कर दिया. आज उनकी कंपनी तमाम तरह के सोलर प्रोडक्‍ट बनाती है, जिनकी मांग देश ही नहीं विदेशों में भी खूब है.

अब तक कितनी पूंजी बनाई:

कुमार सचदेव ने सोलर आधारित प्रोडक्‍ट बनाने पर ही ज्‍यादा फोकस किया और उनकी कंपनी आज सोलर से जुड़े इनवर्टर भी बनाती है. क्‍वालिटी बेहतर होने की वजह से उनके प्रोडक्‍ट की डिमांड सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी खूब होती है. सचदेव के कारोबार का बाजार मूल्‍य अब तक करीब 2,300 करोड़ रुपये पहुंच गया है. उनके सोलर प्रोडक्‍ट की कैपिसिटी करीब 10 घंटे तक रहती है. अभी तक उनकी कंपनी के प्रोडक्‍ट लाखों घरों में इस्‍तेमाल किया जा चुके हैं.