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कैमरी में विद्यार्थियों को मिलेगी नई स्कूल बिल्डिंग, 9 महीने से अटके काम का होगा दोबारा टेंडर

Hisar News : कैमरी के राजकिय वरीष्ठ माध्यमिक स्कूल की नई बिल्डिंग का काम पिछले 9 महीने से अटका हुआ था। जिसे अब दोबारा शुरू किया जाएगा। इससे कैमरी गांव के विद्यार्थियों को नई बिल्डिंग मिलेगी। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 
 

HR Breaking News (Hisar News) : कैमरी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (Government Senior Secondary School, Kaimari) में अधूरे पड़े नए भवन और हॉस्टल का निर्माण पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग (hisar ने दोबारा प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 3 करोड रुपए से अधिक की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के रिटेंडर किया जाएगा। नई एजेंसी को काम सौंप कर निर्माण पूरा करवाने की योजना है। हालांकि पिछले  9 महीने से बंद पड़े इस प्रोजेक्ट को लेकर पुरानी एजेंसी और गांव के लोगों के बीच विवाद की स्थिति बनी रही जिसके चलते काम आगे नहीं बढ़ पाया।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

स्कूल में (hisar education news) भवन और हॉस्टल बनाने का काम शुरू होने के बाद सबसे पहले जमीन को लेकर विवाद सामने आया। अधिकारियों के हस्तक्षेप से यह मामला सुलझ गया। लेकिन इसके बाद निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामग्री की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया। जिससे निर्माण कार्य प्रभावित होने लगा आखिरकार पुरानी एजेंसी ने काम जारी रखने में समस्या जताते हुए विभाग को लिखित सूचना दी। 

नींव हो चुकी तैयार

निर्माण कार्य (latest news hisar) के तहत भवन की नींव तैयार करने के बाद पिलर खड़े किए जा चुके थे। इसके बाद पहली मंजिल की स्लैब डालने के लिए शटरिंग का काम होना था। लेकिन इस चरण में विवाद बढ़ने से निर्माण रुक गया। ठेकेदार संदीप के अनुसार काम दोबारा शुरू करने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ कई बार प्रयास किए गए। ग्रामीणों से बातचीत भी हुई लेकिन सहमति नहीं बन सकी। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर लगातार आ रही अड़चनों के कारण काम करना मुश्किल हो गया था। इसके बाद उन्होंने विभाग को लिखित रूप से काम छोड़ने की जानकारी दे दी।

फाइल अभी विभाग के लीगल एडवाइजर के पास (Kaimari govt school news)

प्रोजेक्ट से जुड़ा मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। शिक्षा विभाग पुरानी एजेंसी के साथ में समझौते की शर्तों के आधार पर कार्रवाई और सिक्योरिटी राशि को लेकर विचार कर रहा है। इस मामले की फाइल विभाग की लीगल एडवाइजर के पास है। दूसरी और ठेकेदार का पक्ष है कि उसने अपनी मर्जी से काम बंद नहीं किया। बल्कि मौके पर पैदा हुई परिस्थितियों के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा।

ठेकेदार ने सहयोग के लिए पंचयात से नहीं किया संपर्क (Kaimari news)

गांव के सरपंच ओमप्रकाश का कहना है कि पंचायत की ओर से निर्माण कार्य में कोई रुकावट नहीं डाली गई उनके मुताबिक गांव के कुछ लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई थी जिसके बाद ठेकेदार ने काम बीच में छोड़ दिया सरपंच ने यह भी कहा कि ठेकेदार ने सहयोग के लिए पंचायत के सीधे संपर्क नहीं किया।