बिजली संकट का असर ई-बसों पर भी, 96 की जगह लगे 34 फेरे
HR Breaking News (Hisar News) : हिसार में बिजली कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन का असर रोडवेज इलेक्ट्रिक बस सेवा पर भी देखने को मिला। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से बसों की चार्जिंग नहीं हो पाई और दोपहर बाद इन्हें सड़कों से हटाकर कर्मशाला में खड़ा करना पड़ा। सुबह से दोपहर तक ही बसें चल सकी इसके बाद तीन रूटों पर सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रभावित हो गई और यात्रियों को आने जाने के लिए दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा।
रोजाना यात्रा करने वालो पर पड़ा अधिक असर
हिसार डिपो में (Hisar E-Bus News) कुल 5 इलेक्ट्रिक बसे हैं। इनमें से एक बस पिछले तीन दिन से खराब होने के कारण खड़ी है जबकि बाकी चार बसों से नियमित सेवा दी जा रही है। शुक्रवार को बिजली संकट के चलते इन चारों बसों का संचालन भी निर्धारित समय तक नहीं हो सका। इसका असर उन यात्रियों पर पड़ा जो रोजाना कामकाज पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इन बसों से सफर करते हैं।
34 फेरे ही लग पाए (e-bus charging station news)
रोडवेज के शेड्यूल के मुताबिक चारों इलेक्ट्रिक बसों को मिलाकर एक दिन में 96 फेरे लगने थे। लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण दोपहर में केवल 34 फेरे ही पूरे हो पाए। इस तरह निर्धारित लक्ष्य से 62 फेरे कम लगे। चार्जिंग के बिना बसों को आगे चलाना संभव नहीं था। इसलिए विभाग ने संचालन को रोकना पड़ा।
इन रूटों पर चलती है ई-बसें
इलेक्ट्रिक बसे गंगवा (e-bus route) , कैमरी और रायपुर रूट पर चलती हैं। दोपहर बाद सेवा बंद होने से इन मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लघु सचिवालय और कोर्ट आने जाने वाले लोगों को अचानक बस सेवा उपलब्ध नहीं होने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा ।
संचालन दोबारा होगा शुरू
रोडवेज हिसार के महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण दोपहर बाद इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज नहीं किया जा सका। इसी वजह से उनका संचालन रोकना पड़ा । बिजली बहाल होने के बाद बसों को चार्ज करके दोबारा चलाया जाएगा।