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7th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों को एक साथ दो गिफ्ट, महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ HRA में भी इजाफा

7th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल केंद्रीय कर्मचारियों का नया महंगाई भत्ते कन्फर्म हो गया है. हालांकि, इसका ऐलान होने में अभी वक्त है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों को एक साथ दो गिफ्ट मिलेंगे...
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HR Breaking News, Digital Desk- 7th pay commission latest - केंद्रीय कर्मचारियों (Central government employees) के लिए अच्छी खबर है. उनकी सैलरी में इजाफे की शुरुआत हो चुकी है. हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों का नया महंगाई भत्ते कन्फर्म हो गया है. हालांकि, इसका ऐलान होने में अभी वक्त है. मार्च तक इस पर फैसला होने की उम्मीद है. लेकिन, बात सिर्फ महंगाई भत्ते तक नहीं रुकेगी.

 

 

DA Hike के बाद अब एक और खुशखबरी उनका इंतजार कर रही है. दरअसल, कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (House Rent allowance) में भी इजाफा होने वाला है. महंगाई भत्ता 50 फीसदी कन्फर्म हो गया है. अब इसके बाद HRA में रिविजन का नंबर है. इसमें 3 फीसदी का इजाफा होना है.

DA Hike के बाद होगा HRA में इजाफा-

महंगाई भत्ते में 4 फीसदी कन्फर्म हो चुका है. मार्च में केंद्रीय कैबिनेट भी इसे मंजूरी दे देगी. इस स्थिति में केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 50 फीसदी हो जाएगा. इसे 1 जनवरी 2024 से लागू किया जाएगा. बता दें, जुलाई 2021 में महंगाई भत्ते के 25 फीसदी क्रॉस होने पर HRA में 3 फीसदी का रिविजन हुआ था.

उस वक्त HRA की अपर लिमिट को 24 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी किया गया था. अब महंगाई भत्ते के 50 फीसदी होने पर HRA में फिर से रिविजन होगा. इसमें एक बार फिर 3 फीसदी का इजाफा होगा. मेट्रो शहरों यानि X कैटेगरी में आने वाले शहरों का HRA बढ़कर 30 फीसदी हो जाएगा. इन शहरों में नौकरी करने वाले कर्मचारियों को 30 फीसदी की दर से हाउस रेंट अलाउंस का भुगतान होगा.

सरकार ने बताया कब बढ़ेगा HRA-

Department of Personal and training (DoPT) के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में रिविजन महंगाई भत्ते के आधार पर होता है. हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की कैटेगरी X, Y और Z क्लास शहरों के हिसाब से है. शहरों की कैटेगरी के हिसाब से मौजूदा दर 27 फीसदी, 18 फीसदी और 9 फीसदी है. ये बढ़ोतरी DA के साथ 1 जुलाई 2021 से लागू है.

लेकिन, सरकार ने साल 2016 में एक मेमोरेडम जारी किया था. जिसमें HRA को DA Hike के साथ ही समय-समय पर रिवाइज करने का निर्देश था. 2021 में महंगाई भत्ता 25 फीसदी होने पर HRA में रिविजन हुआ था. अब 50 फीसदी महंगाई भत्ता होने पर HRA में अगला रिविजन होना है.

HRA गणना का क्या है फार्मूला?

HRA की गणना करने का एक फार्मूला है. मौजूदा स्थिति में केंद्रीय कर्मचारियों को शहर की कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट दिया जाता है. सरकार ने शहरों/कस्बों को X,Y और Z श्रेणी में बांटा हुआ है. जहां सरकार X श्रेणी में 27 फीसदी, Y श्रेणी में 18 फीसदी और Z श्रेणी में 9 फीसदी हाउस रेंट अलाउंस देती है. ये हाउस रेंट अलाउंस कर्मचारी की बेसिक सैलरी के हिसाब से तय होता है. 

किस शहर के लिए कितना होगा HRA-

1. X कैटेगरी में-दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, चेन्नई और कोलकाता को X कैटेगरी में रखा गया है. यहां काम करने वाले कर्मचारियों को बेसिक पे का 27 फीसदी HRA मिलता है.

2. Y श्रेणी में- पटना, लखनऊ, विशाखापत्तनम, गुंतूर, विजयवाड़ा, गुवाहाटी, चंडीगढ़, रायपुर, राजकोट, जामनगर, वडोदरा, सूरत, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुड़गांव, नोएडा, रांची, जम्मू, श्रीनगर, ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, कोल्हापुर, औरंगाबाद, नागपुर, सांगली, सोलापुर, नासिक, नांदेड़, भिवडी, अमरावती, कटक, भुवनेश्वर, राउरकेला, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, गोरखपुर, फिरोजाबाद, झांसी, वाराणसी, सहारनपुर जैसे शहर आते हैं. यहां रहने वाले कर्मचारियों को बेसिक पे का 18 फीसदी HRA मिलता है.

3. Z श्रेणी में- एक्स और वाई कैटेगरी के शहरों से अलग बाकी सभी शहरों को जेड श्रेणी में रखा गया है. इन शहरों में काम करने वाले कर्मचारियों को बेसिक पे का 9 फीसदी HRA मिलता है.

कैसे बढ़ेगा कर्मचारियों का HRA?

हाउस रेंट अलाउंस में अगला रिविजन मार्च 2024 में हो जाएगा. जैसे ही महंगाई भत्ता 50 फीसदी होगा, HRA की अधिकतम मौजूदा दर 27 फीसदी से बढ़कर 30 फीसदी हो जाएगी. ये X कैटेगरी में आने वाले कर्मचारियों के लिए होगा. दूसरी कैटेगरी यानि Y में रिविजन 2 फीसदी का होगा. इसकी मौजूदा 18 फीसदी है, इसे बढ़ाकर 20% किया जाएगा. इसके बाद Z कैटेगरी वाले कर्मचारियों को 1 फीसदी बढ़ाकर 10% HRA मिलेगा.

DA शून्य हुआ तो घट गया था HRA-

7th Pay Commission जब लागू हुआ तब HRA को 30, 20 और 10 फीसदी के दायरे से घटाकर 24, 18 और 9 फीसदी किया गया था. साथ ही इसकी 3 कैटेगरी बनाई थी X, Y और Z. उस दौरान DA को शून्य कर दिया गया था. उस वक्त ही DoPT के नोटिफिकेशन में इस बात का जिक्र था कि जब DA 25 फीसदी के मार्क पर पहुंचेगा तो HRA में ऑटोमैटिक रिवाइज हो जाएगा और श्रेणी के हिसाब से 3, 2, 1 फीसदी का इजाफा होगा. अब महंगाई भत्ते के 50 फीसदी पहुंचने पर फिर से HRA में इसी तरह इजाफा होगा.

आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकार का रूख

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करने के लिए सरकार हर 10 साल में एक पे कमीशन यानी वेतन आयोग (Pay Commission) का गठन करती है। इसकी सिफारिशों के आधार पर ही केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन तय किया जाता है। अब तक सात वेतन आयोग बनाए जा चुके हैं। भारत देश का पहला पे कमीशन जनवरी 1946 में बना था। इसी तरह पिछला यानी सातवां पे कमीशन 28 फरवरी, 2014 को गठित हुआ था। इस कमीशन की सिफारिशों को साल 2016 में लागू किया गया था। अब केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें पे कमीशन का बेसब्री से इंतजार है। माना जा रहा था कि चुनावी वर्ष मे उन्हें खुशखबरी मिल सकती है। लेकिन सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि फिलहाल उसके पास आठवां पे कमीशन बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।


वित्त राज्य मंत्री (Minister of State for Finance) ने बुधवार को राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में कहा है कि सरकार के पास आठवें वेतन आयोग के गठन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार पहले भी कई बार कह चुकी है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिए जाने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन (Allowances and Pension) की समीक्षा के लिए एक और वेतन आयोग का गठन करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेकिन पे मैट्रिक्स की समीक्षा और संशोधन के लिए नई व्यवस्था पर काम होना चाहिए। सरकार एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है जिससे कि कर्मचारियों की सैलरी उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर बढ़े।