8th Pay Commission : कर्मचारियों ने की 3.68 गुना फिटमेंट फैक्टर की मांग, 30 अप्रैल तक भेजे जाने है प्रस्ताव
HR Breaking News : (8th Pay Commission) जैसे-जैसे समय बीत रहा है। वैसे-वैसे आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मियों में बेसब्री से इंतजार बना हुआ है। बताया जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission Updates) में 3.68 गुना फिटमेंट फैक्टर तय किया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी यूनियनों से 30 अप्रैल तक सुझााव मांग लिए है। खबर में जानिए आठवें वेतन आयोग से जुड़े अपडेट के बारे में-
कब तक देने होंगे कर्मचारियों को सुझाव
बताया जा रहा है कि बीते आयोगों के विपरीत जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता (headed by Justice Ranjana Desai) वाला यह आयोग इस बार सिफारिशें सौंपने से पहले राज्यों का दौरा कर कर्मचारी संगठनों से वार्तालाप नहीं करने वाला है। इस बार समय की कमी पर गौर करते हुए आयोग ने अब सिर्फ डिजिटल जरिए सुझाव लेने का फैसला लिया है। सेवारत कर्मचारियों, पेंशनभोगी संगठनों और इच्छुक व्यक्तियों को अपने सुझाव 30 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन सब्मिट करने होंगे।
पोर्टल के जरिए प्राप्त सुझाव होंगे मान्य
आयोग ने क्लियर किया है कि अब सिर्फ पोर्टल के जरिए प्राप्त सुझाव को ही माना जाएगा। किसी भी प्रकार की कागजी प्रतियां, ईमेल के द्वारा दिए गए सुझाव मान्य नहीं होंगे। हितधारकों से कहा गया है कि वे निर्धारित समयसीमा के अंदर ही पोर्टल पर अपनी मांगें पेश करें।
केंद्र सरकार की ओर से 3 नवंबर 2025 को नए पे कमीशन का गठन (Constitution of new pay commission) कर दिया गया था। आयोग के पास अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए तकरीबन 18 महीने का वक्त दिया गया है। इस बात को लेकर भी चर्चांए हो रही है कि कुछ मुद्दों पर अरजेंट मं अगर फैसले लेने की जरूरत पड़ी है तो आयोग अंतिम रिपोर्ट से पहले कर्मचारियों को राहत देने के लिए 'अंतरिम रिपोर्ट' की पेशी कर सकता है।
किन कर्मियों को नहीं मिलेगा नए पे कमीशन के लाभ
बता दें कि वेतन आयोग की सिफारिशें एक खास दायरे में वर्क करती है। निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों को इसका फायदा न होने के बराबर है-
वेतन आयोग की सिफारिशें (Pay Commission Recommendations) सरकारी तंत्र के लिए होती हैं। निजी क्षेत्र की कंपनियां अपने इंटरनेल रूल्स और परफॉरमेंस के बेस पर सैलरी तय की जाती हैं।
इसके साथ ही वो कर्मचारी जो केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के दायरे में नहीं आते हैं, वो रइस दायरे से बाहर होंगे। यानी अस्थायी कर्मचारी (Contractual Employees)इस दायरे से बाहर होंगे।
राज्य सरकार के कर्मियों को इसका सीधा फायदा नहीं होता है। उन कर्मियों को तभी लाभ मिलेगा, जब उनकी राज्य सरकार इन सिफारिशों को अपने राज्य में लागू करने का फैसला लें।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Public Sector Undertakings) का अपना अलग सैलरी स्ट्रक्चर होता है। जब तक ये संस्थान आधिकारिक तौर पर केंद्रीय नियमों को अपनाने का ऐलान नहीं करते हैं, तब तक इसका फायदा नहीं मिलता है।
कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर
बताया जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग (8th cpc updates) का असर बड़े स्तर पर देखने को मिलेगा। इसके दायरे में देश के दो बड़े वर्ग को शामिल किया गया है। इससे 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को लाभ होगा।
एक्सपर्ट का मानना है कि अगर 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होता है, तो फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 7वें वेतन आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर को 2.57 गुना तय किया गया था, जिसे कर्मचारी यूनियंस की ओर से 3.68 गुना करने की मांग की जा रही है।
कैसे काम करता है वेतन आयोग
सरकार हर दस साल में नया पे कमीशन (new pay commission) लागू करती है। वेतन आयोग का मुख्य कार्य निम्नलिखित पहलुओं की समीक्षा करना होता है। जैसे कि न्यूनतम और अधिकतम वेतन का निर्धारण, बदलती आर्थिक स्थितियों के अनुसार अलाउंस का समायोजन, सेवा-निवृत्त कर्मचारियों के फायदो की समीक्षा, काम के घंटों और अन्य सुविधाओं का इवेलूएशन आदि।
