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Rajasthan में बनेगा नया फोरलेन एक्सप्रेसवे, 6 हजार करोड़ रुपये होंगे खर्च, यह होगा रूट

Rajasthan Government Project : नए साल की शुरुआत हो गई है और नए साल की शुरुआत के साथ ही राजस्थान में विकास की गति को तेज करने के लिए फोर लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे (Rajasthan Green Field Expressway)के निर्माण को लेकर चर्चां हो रही है। अब जल्द ही राजस्थान नया फोरलेन एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है, जिसकी लागत 6 हजार करोड़ रुपये के आस-पास आ सकती है। आइए खबर मे जानते हैं इस एक्सप्रेसवे के रूट क्या होंगे। 

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Rajasthan में बनेगा नया फोरलेन एक्सप्रेसवे, 6 हजार करोड़ रुपये होंगे खर्च, यह होगा रूट

HR Breaking News (Rajasthan Expressway) राजस्थान में यातायात को सुगम बनाने के लिए  और विकास की गति को देखते हुए प्रदेश में एक नया फोरलेन एक्सप्रेसवे बनया जाने वाला है। शासन (Rajasthan Government Project) की ओर से इस प्रोजेक्ट की लागत 6 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। इस एक्सप्रेसवे के रूट को तय कर लिया गया है। आइए खबर में जानते हैं कि राजस्थान में कौन सा नया फोरलेन एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है।

 

 

कहां बनेगा ये हाई-स्पीड कॉरिडोर 


अब राजस्थान (Rajasthan Expressway) में सफर को सुगम बनाने के लिए कोटपूतली से किशनगढ़ तक 208 किलोमीटर लंबा फोर लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर प्लान तैयार किया गया है, जिसकी लागत 6000 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण से कोटपूतली से किशनगढ़ का सफर सिर्फ 120 मिनट का रह जाएगा, जबकि अभी कोटपूतली से किशनगढ़ तक पहुंचने में लगभग 6 घंटे का वक्त लगता है। 

इन 5 जिलों को कनेक्ट करेगा ये एक्सप्रेसवे 


दरअसल, आपको बता दें कि राजस्थान (Rajasthan Expressway Updates) का ये एक्सप्रेसवे 5 जिलों को आपस में कनेक्टर करेगा। इन 5 जिलों में कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर, डीडवाना-कुचामन और अजमेर का नाम शामिल है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से मुख्य स्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इन स्थानों में रींगस, पलसाना, खंडेला, कुचामन सिटी, नावां, मकराना, खाटूश्यामजी, रेनवाल, डयोढ़ी-कोड़ी, आकोदा, नरैना, दूदू और किशनगढ़ का नाम शामिल है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से दिल्ली से अजमेर आवागमन वाले यात्रियों को जयपुर और कोटपूतली होकर नहीं जाना पड़ेगा।


इतने प्रति घंटे की रफ्तार से धर्राटा भरेंगे वाहन 


इस प्रोजेक्ट (New Expressways of Rajasthan) के पूरा होते ही वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धर्राटा भर सकेंगे। सड़क दुर्घटनाओं पर कंट्रोल करने के लिए ट्रैक्टर, थ्री-व्हीलर और टू-व्हीलर की एंट्री को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके एक्सप्रेसवे पर नौ एंट्री-एग्जिट पॉइंट का निर्माण किया जाएगा, जहां वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन किया जाएगा और एग्जिट तक की दूरी का ही टोल काटा जाएगा।। बता दें कि एक्सप्रेसवे पर एंट्री पॉइंट्स की दूरी 25 से 30 किलोमीटर रखी जाएगी।

100 से अधिक अंडरपास का निर्माण 


राजस्थान के इस एक्सप्रेसवे (Rajasthan Green Field Expressway) प्रोजेक्ट पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए 100 से अधिक अंडरपास और फ्लाईओवर का निर्माण भी किया जाएगा। किसानों और स्थानीय लोगों के लिए हर 1-2 किलोमीटर पर अंडरपास का निर्माण होगा। नेशनल और स्टेट हाइवे क्रॉसिंग पर बड़े फ्लाईओवर का निर्माण भी किया जाएगा। इससे एक्सप्रेसवे पर आवागमन बेहद सुगम होगा।

अधिग्रहण प्रोसेस में आई तेजी 


राजस्थान में इस परियोजना (Rajasthan Projects) के लिए लगभग 2200 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। इस प्रोजेकट के लिए लैंड मार्किंग के काम की शुरुआत हो गई है और अधिग्रहण प्रोसेस तेजी से हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की राजस्थान के इस प्रोजेक्ट को लेकर मंजूरी मिल गई है और अब इस साल निर्माण कार्य की शुरुआत हो सकती है।

इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से समय की बचत के साथ ही आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। इस एक्सप्रेसवे (Rajasthan Expressway projects) के निर्माण से लोगों को व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नएअवसर मिलेंगे। दिल्ली-जयपुर-अजमेर रूट पर आवागमन वाले लोगों को इस एक्सप्रेसवे का ज्यादा लाभ मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि यह प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है।