UP में एक और नई रेलवे लाइन को मंजूरी, 1302 करोड़ रुपये होंगे खर्च, यह होगा रूट
UP New Railway Line : यूपी में प्रगतिकार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक और नई रेलवे लाइन को बिछाने की तैयारी की जा रही है। इस प्रोजेक्ट (Railway Line Project) को पूरा करने के लिए सरकार पर 1302 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। आइए जानते हैं इसके नए रूट क्या रहने वाला है।
HR Breaking News (New Railway Line) उत्तर प्रदेश में अब एक ओर नई रेलवे लाइन को बिछाने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस रेलवे लाइन के बिछने की वजह से यूपी (UP News) में कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिलेगी। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से यूपी में बनने वाली इस रेलवे लाइन के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
यहां पर बिछेगी नई रेलवे लाइन
यूपी में अब एक और नई रेलवे को बिछाया जाने वाला है। ये रेलवे लाइन हरदोई से गुरसहायगंज बाया सांडी (Hardoi Gursahaiganj Sandi railway line) तक बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए क्षेत्रीय जनता पिछले दो दशकों से कस्बा से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर तक सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में संघर्षरत करती रही है। इसके साथ ही रेल लाइन की मांग को लेकर हजारों की संख्या में प्रपत्र प्रधानमंत्री कार्यालय व रेल मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं।
इसके परिणाम स्वरूप गुरसहायगंज-सांडी रेल लाइन (new rail project Uttar Pradesh) के कार्य को हरी झंडी मिल गई है। परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए लगभग 1302 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इसके बाद कन्नौज और हरदोई तक सीधे रेल लाइन से जुड़ जाएंगे और स्थानीय व क्षेत्रीय लोगों को इसका लाभ मिलने वाला है।
इतनी लंबी लाइन का होगा निर्माण
हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेलवे (Kannauj Hardoi rail connectivity) लाइन 59.30 किलोमीटर की होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए साल 2018-2019, 2020-2021, 2022-2023 के रेल बजट में अनुमानित लागत 1302 करोड़ प्रस्तावित की गई थी। साल 2023 में इस रेल लाइन परियोजना (rail line project) की प्रस्तावित दूरी 59.30 किलोमीटर से बढ़ाकर 63.70 किलोमीटर कर दी गई। हालांकि प्रस्तावित लागत 1302 करोड़ से बढ़ाकर 1481 करोड़ तक कर दी गई थी। रेल लाइन को प्राथमिकता देते हुए उत्तर रेलवे की पिंक बुक में दर्ज किया गया है।
फाइनल लोकेशन सर्वे तैयार
साल 2021 में मेसर्स ट्रांसलिक नामक दिल्ली की एक कंपनी ने रेल लाइन का ड्रोन (Dron Survay for UP New Railway Line) से फाइनल लोकेशन सर्वे भी किया जा रहा था। इसके सर्वे के लिए रेल मंत्रालय द्वारा 74 लाख रुपये की धनराशि भी आवंटित की गई थी। इसके अलावा रेल लाइन (rail line project) का जनवरी 2022 में सीमाकंन कार्य भी कराया जा रहा है। इसमें सांडी के परसापुर, नेकपुर, मुरौली, भीखपुर, कुंवारियापुर आदि गांवों से लेकर गुरसहायगंज तक रेल विभाग द्वारा सीमांकन पोल भी लगाये जा रहे हैं।
रेल लाइन परियोजना के लिए टोकन मनी जारी
साल 2023 के रेल बजट में रेल लाइन परियोजना (Sandi Rail Lao Sangharsh Samiti) के लिए 1000 रुपये की वर्ष 2024 में 2000 रुपये की टोकन मनी भी जारी की गई। उत्तर रेलवे के द्वारा साल 2022 व 2023 के रेल मानचित्र में हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेलवे लाइन (Indian Railways project) को दर्शाया भी जा रहा है। इसके साथ ही साथ साल 2023 में हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी तक हरदोई करना, हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा व गुरसहायगंज आदि को स्टेशन बनाया जा रहा है।
1302 करोड़ रुपये का बजट तैयार
इसके अलावा अब रेल मंत्रालय ने परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए 1302 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित कर दिया है। इसको मंजूरी (rail budget Uttar Pradesh) मिल जाने के बाद स्थानीय व क्षेत्रीय लोगों की उम्मीद इस साल सत्र में साकार होती नजर आ रही है। हालांकि गुरसहायगंज से मैनपुरी तक भी नई रेल लाइन परियोजना का कार्य प्रस्तावित किया गया है। इसको लेकर भी जनता की नजरें बजट सत्र में टिकी हुई है।
पिंक बुक में दिया स्थान
हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन परियोजना (Gursahaiganj Mainpuri rail) को वर्ष 2019-20 के बजट में उत्तर रेलवे की पिंक बुक में दर्ज किया जा रहा है। साल 2021-22, 2022-23 व 2023-24 को इस रेल लाइन परियोजना को पिंक बुक में स्थान दिया गया है। इसके साथ ही हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन (rail development Hardoi) परियोजना की दूरी 59.30 किलोमीटर तक तय की गई है। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित धनराशि 1302 करोड़ 13 लाख रुपये तय की गई है।
साल 2023 में तैयार हुई रिपोर्ट
उत्तर रेलवे के द्वारा फाइनल परियोजना रिपोर्ट साल 2023 में तैयार का दिया गया था। इसमें लाइन की दूरी 63 किलोमीटर व प्रस्तावित धनराशि 1483 करोड़ तय की गई थी। 21 जनवरी 2021 को ड्रोन से ट्रोपोग्राफिकेल (Hardoi Gursahaiganj railway line) सर्वे सांडी होते हुए हरदोई से गुरसहायगंज तक किया जा रहा है। फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) के लिए रेलवे बोर्ड ने 20 जनवरी 2020 को 74 लाख रुपये की धनराशि तय की गई है।
फाइनल लोकेशन सर्वे रिपोर्ट हुई तैयार
21 जनवरी 2022 को रेलवे के अधिकारियों ने सीमाकंन कार्य करके रेल रुट पर सीमाकंन पोल लगाये जा रहा है। साल 2022-23 में रेल लाइन परियोजना की फाइनल लोकेशन सर्वे रिपोर्ट रेल मंत्रालय (New railway line via Sandi) को भेजी गई है। फरवरी 2023 में उपमुख्य अभियंता उत्तर रेलवे ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट वित्तीय स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेज दी गई थी। इसके बाद साल 2023 में हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी तक हरदोई (Hardoi Sandi Gursahaiganj rail project) करना, हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा व गुरसहायगंज आदि को स्टेशन बनाया गया।
रेल लाइन परियोजना के संबंध में होगा सर्वे
रेल लाइन परियोजना बहुप्रतीक्षित हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी के बारे में रेल (new rail project UP) लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने उपमुख्य अभियंता उत्तर रेलवे कार्यालय से आरटीआई के तहत सूचना की मांग की थी। इस मांग में उपमुख्य अभियंता उत्तर रेलवे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना के संबंध में पूर्व में किये गए सर्वे के मुताबिक रेल लाइन परियोजना (Indian Railways new line approval) की लंबाई 59.30 किलोमीटर, परियोजना लागत 1302 करोड़ रुपये तय की गई थी। हालांकि फिलहाल सर्वे के मुताबिक उक्त रेल लाइन परियोजना की लंबाई 63.70 किलोमीटर ,परियोजना लागत 1481.30 करोड़ कर दी गई है।
