home page

Beer Rate : 35 साल पहले इतने रूपए में मिल जाती थी बियर, 30 साल पुराना बिल हो रहा वायरल

Beer Rate in 1989 : शराब के शौकीनों के लिए यह खबर बड़े काम की है। शराब पीने वालों की देश में कमी नहीं है ऐसे में सभी सोचते हैं की थोड़ी सस्ते में मिल जाए तो मौज हो जाए। अब  अगर हम आपसे कहे की बियर की एक बोतल 33 रूपये में मिलने लगे तो आप कहेंगे की जी ये तो एक सपना है लेकिन ये एक ऐसा सपना है जो कभी हक़ीक़त हुआ करता था।
 | 
BEER Rate : 35 साल पहले इतने रूपए में मिल जाती थी बियर, 30 साल पुराना बिल हो रहा वायरल

HR Breaking News, Digital Desk : इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अलग ही ट्रेंड चल रहा है जहाँ लोग पुराने बिल सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं कभी पुरानी बाइक का तो कभी पुराने समय के पेट्रोल के रेट तो कभी सोने चांदी तो  कभी खाने के बिल। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर लगभग 30 साल पुराना बियर का बिल वायरल (old beer bill viral) हो रहा है। जिसमे आप बियर के दाम देख कर हैरान हो जाएंगे।


बियर के हैरान करने वाले दाम | BEER Rate in 1989


हाल ही में, निबेदिता चक्रवर्ती (Nibedita Chakraborty) नाम की एक यूजर ने फेसबुक ग्रुप पर पुराने बिलों की तस्वीरें शेयर कीं, जहां वह और उनके पति खाने-पीने के लिए बाहर गए थे। 1989 के बिल क्वॉलिटी रेस्टोरेंट और अल्का होटल के थे। यदि आप बिलों पर करीब से नजर डालेंगे तो आप हैरान रह जाएंगे। उदाहरण के लिए, क्वॉलिटी रेस्तरां में उनके खाने-पीने का कुल बिल मात्र 196 रुपये था |


उन्होंने जो खाना खाया, उसकी कीमत भी चौंकाने वाली थी। दाल मखनी की एक प्लेट की कीमत सिर्फ 18 रुपये थी, जबकि चिकन दो प्याजा की एक प्लेट की कीमत 38 रुपये थी। एक कटोरी रायता की कीमत केवल 28 रुपये थी।


अब रह गया महज सपना 


इन दिनों अगर आप चिप्स का एक पैकेट या पानी की एक बोतल खरीदेंगे तो आपको अपनी जेब से 40 रुपये देना पड़ सकता है। अधिकांश कैफे-बार में केवल एक छोटे से स्टार्टर की कीमत 200 रुपये से अधिक होती है, जो 1989 में निबेदिता द्वारा भुगतान की गई कुल राशि थी। यहां तक कि उन्होंने बीयर की एक बोतल (a bottle of beer) के लिए मात्र 33 रुपये भुगतान किया |


आज के दिन यह अकल्पनीय है। यहां तक कि 2023 में सबसे सस्ती बीयर की कीमत (cheap beer price) भी कम से कम 120 रुपये होगी। इन कीमतों के बारे में सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह कीमत सिर्फ 30 साल पहले की है, जो पिछले तीन दशकों में मुद्रास्फीति वास्तव में आसमान छू गई है