Delhi NCR में बड़ा प्रोजेक्ट, 80 गांवों की जमीन पर बसाया जाएगा नया शहर
HR Breaking News (Delhi New City Project) दिल्ली में लगातार आबादी बढ़ती जा रही है। आसपास के शहरों में भी भीड़ बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली एनसीआर में एक और नए शहर को बसाने का फैसला लिया गया है। इस शहर में लोगों को रहने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
डायरेक्ट जमीन खरीदने की प्लानिंग
प्रोजेक्ट के अनुसार अथॉरिटी ने अन्य डेवलपर आपसी सहमति के आधार पर किसानों से सीधे जमीन की खरीदी करना है। आपसी सहमति में जमीन न मिलने पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम (Land Acquisition Act) की धारा 4 और 6 के तहत जिला प्रशासन के जरिए भी जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हाइब्रिड मॉडल को प्राथमिकता दी जा रही है।
80 गांवों को किया गया चयनित
शहर को उत्तर प्रदेश के दादरी और बुलंदशहर क्षेत्रों के करीब 80 गांवों की जमीन पर विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का नाम DNGIR रखा गया है। बड़ा प्रोजेक्ट 4 चरणों में विकसित (New City Dvlopment) किया जाने वाला है। सबसे पहले जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की दरों को तय करना काफी ज्यादा जरूरी है।
जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया की होगी शुरुआत
इस प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में, जोखाबाद और सांवलि इलाकों में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के जंक्शन के पास जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया (Land Acquisition Prosses) की शुरुआत करने की तैयारी की जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले एक से डेढ़ महीने में सरकारी मंजूरी मिलने के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाने वाला है।
यह है पूरा प्लान
DNGIR मास्टर प्लान 2041 को अक्टूबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। इसके बाद जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में भी तेजी दर्ज की जा रही है। बता दें कि जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition For New City) के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कर्मचारियों की भी मांग की जा रही है। नोएडा अथॉरिटी ने सरकार से तीन तहसीलदार, छह कानूनगो और लेखपाल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही में कुछ तहसीलदारों ने भी अथॉरिटी (Noida Authority) के साथ काम करने की इच्छा को जाहिर किया है।
इस प्रकार से किया जाएगा विकास
अथॉरिटी के मुताबिक, नया नोएडा लगभग 21,000 हेक्टेयर के एरिया में डेवलप किया जाने वाला है। इसके अलावा इसके पहले फेज में 2027 तक 3,165 हेक्टेयर, दूसरे फेज (City in Delhi) में 2027 से 2032 के बीच 3,798 हेक्टेयर, तीसरे फेज में 2032 से 2037 के बीच 5,908 हेक्टेयर और आखिरी फेज में 2037 से 2041 के बीच 8,230 हेक्टेयर भूमि को डेवलप किया जाने वाला है।
शहर को एजुकेशन सिटी के तौर पर डेवलप किया जाएगा। यूनिवर्सिटी और कॉलेज का भी निर्माण किया जाएगा। भविष्य में इस इलाके के इंडस्ट्रियल और शहरी विकास (Industrial and urban development) के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। यहां पर आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी के रेट और भी ज्यादा चमक सकते हैं। प्रोजेक्ट से इंडस्ट्री, रियल एस्टेट, शिक्षा, हेल्थकेयर और लाखों लोगों को रोजगार मिलने वाला है। 21,000 हेक्टेयर में एक नया इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल हब बनाया जाएगा। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (Delhi-Mumbai Industrial Corridor) से कनेक्ट होने वाला है।
