Court Verdict on Income tax : करोड़ों की जमीन बेची, बच गया पूरा इनकम टैक्स, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
Court Verdict on Income tax : किसी ने करोड़ों की जमीन बेची और फिर भी कोई टैक्स अदा न करना पड़े। ऐसा सुनकर अटपटा लग सकता है, लेकिन नियमों के तहत ही कोर्ट के आदेश से व्यक्ति ने पूरा टैक्स बचा लिया है। चलिए जानते हैं पूरा मामला-
HR Breaking News (Income Tax Rules) आयकर के नियम काफी पेचीदा होते हैं। इनकम टैक्स जब भी किसी को भरना पड़ता है तो कहीं थोड़ा दूख भी दिल में रहता है कि मेहनत की कमाई से पैसा देना पड़ रहा है। पर टैक्स का नियम ही ऐसा है। इसी पैसे से देश का विकास होता है। वहीं, एक मामला ऐसा आया है, जिसमें करोड़ों की जमीन बेचने के बाद भी व्यक्ति ने पूरा टैक्स बचा लिया है। चलिए जानते हैं किन नियमों के तहत यह टैक्स बचा है।
जमीन बेचने पर अकसर देना पड़ता है टैक्स
आप कोई जमीन या संपत्ति बेच रहे हैं तो इसमें आपको टैक्स (Tax Rules ) भी देना पड़ता है। भारीभरकम टैक्स भी अदा करना पड़त जाता है। परंतु, हर मामले में ऐसा नहीं होता है। कईं बार टैक्स से राहत भी मिल जाती है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के पुणे में प्रकाश में आया है।
3 करोड़ से ज्यादा की बेची जमीन
दरअसल एक व्यक्ति ने 3.21 करोड़ रुपये की जमीन बेचकर भी सारा पैसा बचा लिया है। जमीन बेचने के बाद भी उनको टैक्स (Income tax rules) नहीं देना पड़ा है। मामला अदालत तक जा पहुंचा था। आयकर विभाग की तरफ से राहत नहीं दी जा रही थी तो अदालत के फैसले ने पूरे मामले को पलट दिया।
क्या था पूरा मामला
गुगाले महाराष्ट्र के पुणे के बारामती के रहने वाले हैं। गुगाले ने 18 मार्च 2014 को अपनी जमीन बेची थी। उन्होंने इसको 3.21 करोड़ में बेचा था। इसके बाद व्यक्ति की ओर से 25 फरवरी 2015 को 4 करोड़ का फ्लैट खरीदा गया। ऐसे में व्यक्ति ने इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) की धारा 54F के तहत टैक्स छूट का दावा किया। परंतु, रिटर्न जांच में विभाग ने छूट को खारिज कर दिया।
क्या कहता है कानून
आयकर के नियमों के अनुसार कोई व्यक्ति जमीन बेचने के बाद उसे तुरंत नई संपत्ति में निवेश नहीं कर पाता तो उसको बची हुई रकम कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम (CGAS) में जमा करानी होती है। जबकि गुगाले की ओर से इस खाते में 2.25 करोड़ रुपये ही जमा कराए गए। बाकी के 91.45 लाख रुपये जमा नहीं कराए गए तो आयकर अधिकारी ने इस रकम को टैक्स योग्य मानते हुए उनकी आय बढ़ाकर करीब 1.08 करोड़ रुपये मानी।
इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल में पहुंचा मामला
आयकर विभाग (Income Tax Department) के इस फेसले को गुगाले ने इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) पुणे में चुनौती दी। मामले की सुनवाई 23 दिसंबर 2025 को हुई और 19 फरवरी 2026 को ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया। ट्रिब्यूनल की ओर से कहा गया कि अगर किसी व्यक्ति की जमीन बेचने से मिली पूरी रकम तय समय के अंदर नए घर में निवेश कर दी है, तो केवल तकनीकी गलती के आधार पर टैक्स छूट नहीं रोक सकते हैं।
हाईकोर्ट के फैसले का दिया हवाला
इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल की ओर से फैसले में कर्नाटक हाईकोर्ट के एक पुराने मामले (CIT बनाम रामचंद्र राव) का भी हवाला दिया गया। इस फैसले के तहत पूंजीगत लाभ को समय सीमा के भीतर नए घर में निवेश करने पर CGAS में पैसा जमा न करने पर भी छूट मिल सकती है।
बता दें कि आयकर कानून धारा 54F के तहत कोई व्यक्ति लंबी अवधि की संपत्ति बेचकर उस रकम को नए घर में निवेश करता है, तो उसे कैपिटल गेन टैक्स से राहत मिल सकती है। यह शर्तों के तहत होता है। तय समय सीमा में नया घर खरीदना या बनवाना होता है। इस फैसले से अन्य टैक्सपेयर्स को भी लाभ मिल सकता है। यह साफ हो गया है कि अगर असल में निवेश की शर्त पूरी हो जाती है, तो केवल प्रक्रिया से जुड़ी छोटी गलती के कारण टैक्स छूट नहीं छीनी जा सकती है।
