Expressway Update : 350 किलोमीटर का सफर मात्र 2 घंटे में होगा पूरा, दो शहरों में बन रहा एक्सप्रेसवे
Expressway Update : देश में बन रहे नए एक्सप्रेसवे को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इसके पूरा होने पर 350 किलोमीटर का सफर महज दो घंटे में तय किया जा सकेगा। हालांकि इस दावे की जमीनी हकीकत पर सवाल भी उठ रहे हैं... तो ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है इस एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से-
HR Breaking News, Digital Desk- (Expressway)। देश के विभिन्न हिस्सों में नए एक्सप्रेसवे और हाईवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माणाधीन चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद चेन्नई (chennai) और बेंगलुरु (Banglore) के बीच यात्रा का समय घटकर महज दो घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे NE-7 के नाम से जाना जा रहा है, जिसे आधिकारिक तौर पर बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे (Bengaluru-Chennai Expressway) कहा जाता है।
यह एक्सप्रेसवे होसकोटे (बैंगलोर नहीं) से शुरू होकर श्रीपेरंबदूर (चेन्नई नहीं) तक जाता है और करीब 260 किलोमीटर की दूरी को कवर करता है। यह परियोजना फिलहाल आंशिक रूप से चालू हो चुकी है और इसके इस साल के अंत तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) का दावा है कि इसके पूरा होते ही बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। फिलहाल इस रूट पर करीब 350 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग सात घंटे लगते हैं, जबकि एक्सप्रेसवे (expressway) चालू होने के बाद दूरी घटकर 260 किलोमीटर रह जाएगी और सफर महज दो घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
दूरी घटकर 260 किलोमीटर रह जाएगी-
कागजों पर इस एक्सप्रेसवे के जरिए दोनों शहरों के बीच की दूरी घटकर 260 किलोमीटर हो जाएगी और इस पर अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है। यह दावा आकर्षक जरूर लगता है, इसलिए अधिकांश लोग इस पर आसानी से भरोसा भी कर लेते हैं। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ अलग होने वाली है। कर्नाटक में एक्सप्रेसवे (Expressways in Karnataka) का पश्चिमी छोर होसकोटे से शुरू होता है, जो तकनीकी रूप से बेंगलुरु का हिस्सा नहीं है। होसकोटे बेंगलुरु ग्रामीण जिला में आता है, जिससे वास्तविक यात्रा दूरी और समय पर असर पड़ना तय है।
श्रीपेरंबदूर के साथ भी यही मामला है। हालांकि, यह कांचीपुरम जिले (Kanchipuram district) में स्थित एक व्यस्त औद्योगिक शहर है, लेकिन यह चेन्नई शहर के केंद्र से 40Km दूर है। हालांकि, यह चेन्नई महानगरीय क्षेत्र में आता है, लेकिन यह वास्तव में एक औद्योगिक शहर है जो मध्य चेन्नई से 40Km दूर है।
2 घंटे में सफर पूरा होने की चुनौती-
अगर आप होसकोटे या श्रीपेरंबदूर के आसपास रहते हैं, तो इस एक्सप्रेसवे से जुड़कर यात्रा शुरू करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। लेकिन यदि आप बेंगलुरु या चेन्नई के भीतर से यात्रा शुरू कर रहे हैं, तो होसकोटे या श्रीपेरंबदूर तक पहुंचने में ही आपको एक घंटे से अधिक समय लग सकता है। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने के बावजूद कुल यात्रा समय दो घंटे के भीतर पूरा कर पाना व्यवहारिक रूप से मुश्किल माना जा रहा है।
दो घंटे में यात्रा पूरी होने का दावा काफी हद तक एक मार्केटिंग रणनीति (marketing strategy) जैसा है। व्यवहारिक तौर पर यदि कोई यात्री एक्सप्रेसवे के एक छोर से दूसरे छोर तक पूरा सफर करता है, तो इसमें करीब 2.5 से 3 घंटे का समय लग सकता है, क्योंकि हर वाहन चालक पूरे रास्ते 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार बनाए नहीं रख सकता। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर मौजूद टोल प्लाजा (toll plaza) पर वाहन को रुकना या धीमा करना पड़ता है, जिससे कुल यात्रा समय और बढ़ जाना तय है।
