First Expressway Corridor : 4 एक्सप्रेसवे आपस में होंगे कनेक्ट, बनाया जाएगा देश का पहला एक्सप्रेसवे कॉरिडोर
First Expressway Corridor : देश में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ा कदम उठाए जा रहा है। अब 4 एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर देश का पहला एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है। इस खास कॉरिडोर से सफर को तेज और आसान बनाने के साथ-साथ कई शहरों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की संभावना है। चलिए जान लेते हैं आखिर कौन-कौन से एक्सप्रेसवे इससे जुड़ेंगे और लोगों को इसका क्या फायदा होगा।
HR Breaking News (First Expressway Corridor) सड़क परिवहन को मजबूत बनाने के लिए देश की सरकार द्वारा नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। बड़े-बड़े शहरों के बीच आपसी कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नए-नए एक्सप्रेसवे का निर्माण (Construction of a new expressway) किया जा रहा है। देश में एक और सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है जहां चार एक्सप्रेसवे आपस में कनेक्ट (Four Expressways Connected) होंगे। जानकारी सामने आई है कि अब उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ नहीं रहेगा बल्कि एक दूसरे से जुड़कर बड़े एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का रूप (UP Expressway Project) ले लेगा। कैबिनेट की तरफ से प्रदेश में चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है और तकरीबन 322 किलोमीटर लंबे इन चार एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 17542 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। चलिए जान लेते हैं कौन-कौन से एक्सप्रेसवे आपस में कनेक्ट (New Expressways in Uttar Pradesh) किए जाएंगे और लोगों को इनसे क्या फायदा होगा।
अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार की तरफ से बताया गया है कि एक्सप्रेसवे कॉरिडोर (UP Expressway Network) का सबसे बड़ा फायदा किसानों और कृषि उत्पादों के कारोबार को मिलेगा। खासकर दूध फल और सब्जियों की ढुलाई तेज होने से बाजार तक इनकी पहुंच आसान हो जाएगी।
आपस में जोड़े जाएंगे यह लिंक एक्सप्रेसवे
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (Farrukhabad Link Expressway) जिसकी लंबाई 90.90 किलोमीटर होगी और आगरा लखनऊ से पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे (Agra Lucknow Purvanchal Link Expressway) जिसकी लंबाई 50.94 किलोमीटर तथा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे (Jhansi Link Expressway) जिसकी लंबाई 106 किलोमीटर और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे (Jewar Link Expressway) जिसकी लंबाई तकरीबन 74 किलोमीटर होगी। इन 4 लिंक एक्सप्रेसवे की टोटल दूरी तकरीबन 322 किलोमीटर तक की होगी।
इस तरह जुड़ेगा पश्चिम से पूर्व और बुंदेलखंड तक का शहर
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway Connectivity) से जोड़ेगा। इससे इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद और हरदोई इलाके को सीधा लाभ मिलेगा
आगरा लखनऊ पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे आगरा लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क बनाएगा। इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल जाने वाले वाहनों को लखनऊ के शहरी यातायात से गुजरने की जरूरत कम होगी।
झांसी लिंक एक्सप्रेस वे झांसी और बुंदेलखंड इलाके के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेगा और इसकी वजह से बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र और रक्षा औद्योगिक गलियारे तक माल पहुंचाना काफी ज्यादा आसान (Uttar Pradesh News) हो जाएगा।
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Airport Connectivity) को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। ऐसा करने से यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली एनसीआर के साथ एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी (Noida International Airport Expressway) भी मजबूत होगी।
सफर आसान होने के साथ-साथ व्यापार को मिलेगा बढ़ावा (India's First Expressway Corridor)
एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से 3 घंटे से 6 घंटे तक समय की बचत की जा सकेगी और इसका सीधा असर प्रदेश के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण कारोबार पर भी (Farmers and Expressway Connectivity) पड़ेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के डायरी उत्पाद, आलू, सब्जियां और फल कम समय में लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और दूसरे बड़े बाजारों तक पहुंचाएं जा सकेंगे। इसी तरह पूर्वांचल और बुंदेलखंड में होने वाले फसल के उत्पादन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े बाजारों और दिल्ली एनसीआर तक पहुंचाने का रास्ता भी आसान (Faster Connectivity in Uttar Pradesh) हो जाएगा।
समय कम लगने से दूध और अन्य जल्दी खराब होने वाले उत्पादों की सप्लाई करना भी आसान हो जाएगा। जानकारी सामने आई है कि नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के बन जाने से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में विनय अवसर पैदा होंगे। औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद को जाने में भी सहूलियत होगी। नई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बन जाने से क्षेत्र के विकास (Expressway Corridor Latest News) को तेज गति मिलने की संभावना है।
